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बेरूत पर इसराइल के नए हमलों में 22 लोगों की मौत- लेबनान
- Author, एलेक्स बॉय्ड और नफिसेह कोहनावर्द
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
लेबनान पर इसराइल ने एक बार फिर हमला किया है.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि सेंट्रल बेरूत में इसराइली हवाई हमले में 22 लोगों की मौत हो गई है और 117 लोग घायल हो गए हैं.
बीबीसी के संवाददाताओं ने राजधानी बेरूत के शिया बहुल इलाके बचौरा से आ रही जोरदार धमाकों की आवाज़ सुनीं.
राहत और बचावकर्मी यहां लोगों को मलबे से निकालते देखे गए हैं.
हमले के बाद अमेरिकन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल की ओर कई एंबुलेंस जाती दिखाई दी हैं. समझा जाता है कि इनमें घायलों को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था.
अपुष्ट मीडिया ख़बरों में कहा गया है कि इन हमलों का निशाना हाल में मार दिए गए हिज़्बुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह के करीबी रिश्तेदार वाफ़िक साफ़ा थे.
साफ़ा हिजबुल्लाह के बड़े सुरक्षा अधिकारी हैं. हिज़्बुल्लाह ने अब तक इस हमले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
'घनी आबादी वाले इलाकों को बनाया निशाना'
इसराइली हमलों में बचौरा के पड़ोस में दो घनी आबादी वाले नविरी और बास्ता को निशाना बनाया गया.
इन हमलों के दौरान यहां की रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया.
दरअसल राजधानी बेरूत में पिछले दो दिनों के दौरान हमले नहीं हुए थे.
लेकिन शुक्रवार को इसराइल ने सेंट्रल बेरूत में हमला कर एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो ऐसे और हमले कर सकता है.
हमले से पहले इसराइली सेना ने कोई चेतावनी नहीं जारी की थी. इसराइल सेना (आईडीएफ) ने इस हमले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
ये तीसरी बार है जब इसराइल ने दक्षिणी उपनगर दाहिया के बाहर हवाई हमला किया है. दाहिया पर इसराइल ने लगातार हमले किए हैं.
इन हमलों में इसराइल ने हिज़्बुल्लाह के कई कमांडरों को मार दिया है और बड़ी मात्रा में उनके हथियार नष्ट किए हैं.
अस्पताल के बाहर मौजूद एक महिला ने बताया कि जिस जगह धमाके हो रहे थे तो वो उसकी अगली बिल्डिंग में थीं.
उन्होंने बताया कि जिस इमारत पर हमला हुआ वो पूरी तरह रिहायशी थी. ये बिल्डिंग चार पांच-मंजिला रही होगी.
अस्पताल में उनके एक रिश्तेदार का इलाज चल रहा है. उनके सिर में गहरी चोट आई है.
वॉचटावर पर टैंक से हमला
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ इसराइल की ओर से वॉचटावर पर हमले की वजह से इंडोनेशिया के दो शांति रक्षक सैनिक घायल हो गए थे.
दरअसल नकोरा के इस वॉचटावर पर इसराइल ने टैंक से हमला किया था.
यूनाइटेड नेशन्स इंटरिम फोर्स इन लेबनान यानी यूनिफिल ने एक बयान में कहा है कि नकोरा के यूएन बेस में मौजूद इस टावर पर फायरिंग से इंडोनेशिया के दो शांतिरक्षक घायल हुए हैं.
यूनिफिल शांतिरक्षक मिशन 1978 में बना था. ये इस इलाके में पड़ोसी देशों के बीच दुश्मनी रोकने और दक्षिणी लेबनान के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए गठित किया गया था.
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इसराइल सेना ने पिछले 24 घंटों के अंदर इसके ठिकानों पर बार-बार हमला किया है.
इसराइली सेना पर यहां यूनिफिल के दो ठिकानों पर लगे कैमरों और लाइटों को निशाना बनाने के आरोप लगाए गए हैं.
बंकर के एंट्रेंस के ऊपर इसराइली ड्रोन मंडराता देखा गया.
हिज़्बुल्लाह ने कहा है कि उसने नकोरा में भी जमीन पर मौजूद इसराइली सैनिकों पर रॉकेट दागे और इस इलाके में आ रहे एक टैंक को गाइडेड मिसाइल से नष्ट कर दिया. इसमें कई लोगों की मौत हुई है.
लेबनान के अंदर 30 सितंबर को शुरू हुए हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ ऑपरेशन में इसराइली सेना की चार डिवीजन मौजूद हैं.
मुश्किल में यूनिफिल
यूनिफिल के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को बीबीसी को बताया कि शांतिरक्षक दल उस इलाके में इसराइली सेना की गतिविधियों से बेहद चिंतित और सतर्क हैं.
प्रवक्ता एंद्रे टेनेटी ने कहा कि इसराइल ने जिन ठिकानों पर हमला किया है वो यूएन के ठिकानों के तौर पर अच्छी तरह से जाने जाते हैं.
इसलिए इस बारे में इसराइली अधिकारियों से बातचीत करनी होगी.
यूनिफिल दक्षिण लेबनान में दो कथित ब्लू लाइन के बीच काम कर रही है.
ये लेबनान को इसराइल और इसराइल के कब्ज़े वाली गोलन हाइट्स से अलग करने वाले गैर आधिकारिक बाउंड्री है.
इसराइली ने पिछले सप्ताह यूनिफिल को यहां से हटने को कहा था, लेकिन यूनिफिल ने इससे इनकार कर दिया था.
लेबनान में यूनिफिल के दस हजार शांतिरक्षक सैनिक हैं. इनमें 50 देशों का योगदान है. इसके अलावा इसके 800 सिविलियन स्टाफ हैं.
यूनिफिल में इटली के एक हजार सैनिकों का योगदान है.
उसने कहा है कि इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
इसराइल ने कहा है कि गुरुवार को लेबनान की ओर से उस पर 190 रॉकेट दागे गए.
इससे पहले लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा था कि पूर्वी लेबनान के करके गांव पर इसराइली हमले में चार लोग मारे गए और 17 लोग घायल हो गए.
लेबनान की सरकार ने कहा है कि इसराइल के साथ तनाव के बाद पिछले साल से अब तक कम से कम 12 लाख लोग अपने घरों से पलायन कर चुके हैं.
पिछले साल (2023), आठ अक्टूबर को हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इसराइल पर रॉकेट हमले शुरू किए थे.
इसके एक दिन पहले यानी 7 अक्टूबर को इसराइल पर हमास के हमले में 1200 लोगों की मौत हो गई थी. हमास के हमलावर 251 लोगों को बंधक बना कर ग़ज़ा ले गए थे.
हमास के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि 7 अक्टूबर को ग़ज़ा पर इसराइली हमले के बाद अब तक 42 हजार लोगों की मौत हो चुकी है.
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