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'सबका साथ, सबका विकास' के नारे में मुसलमान कहां हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बार-बार कहा है कि उनकी सरकार देश के सभी लोगों को साथ लेकर चलने के लिए प्रतिबद्ध है.
लेकिन पिछले कुछ सालों में न सिर्फ़ माइनॉरिटी अफेयर्स मंत्रालय का बजट घटा है बल्कि कुछ ऐसी योजनाएं बंद कर दी गई हैं जिनका फायदा सीधे तौर पर अल्पसंख्यकों ख़ासकर मुसलमानों को मिल रहा था. कई योजनाओं के दायरे को घटा भी दिया गया.
मुसलमान...जो देश का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है...'सबका साथ, सबका विकास' में खुद को कहाँ खड़ा पाता है? यही समझने की कोशिश की बीबीसी संवाददाता राघवेंद्र राव ने. देखिए ये ख़ास रिपोर्ट.
शूट और एडिट: शाहनवाज़ अहमद
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