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इसराइल-ईरान संघर्ष: नेतन्याहू अमेरिका की किस 'कमज़ोरी' का फ़ायदा उठा रहे हैं? - द लेंस
ईरान ने एक अक्टूबर की रात इसराइल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया. इस साल ये दूसरी बार है, जब ईरान ने इसराइल पर सीधा हमला किया.
ईरान ने एक अक्टूबर की रात इसराइल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया. इस साल ये दूसरी बार है, जब ईरान ने इसराइल पर सीधा हमला किया. हिज़्बुल्लाह चीफ़ हसन नसरल्लाह और हमास के नेता इस्माइल हनिया की मौत के बाद ईरान की तरफ से ये बड़ा हमला किया गया.
जिसके बाद इसराइल की ओर से भी जवाबी कार्रवाई हुई.
इसराइल ने कहा कि ज़्यादातर मिसाइल्स रोक दी गईं मगर कुछ एक इसराइल के मध्य और दक्षिणी इलाक़ों में गिरीं. हालांकि ईरान ने दावा किया कि ईरान ने पहली बार हाइपरसॉनिक मिसाइल्स का इस्तेमाल किया था और उसे रोका नहीं जा सकता था. दो देशों के बीच छिड़ी इस जंग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल कि क्या ये तनाव आगे और बड़ा रूप ले सकता है?
इसराइल का अगला क़दम क्या होगा और अमेरिका समेत पश्चिमी देश क्या आगे भी इसराइल के साथ बने रहेंगे और सबसे अहम कि क्या ये युद्ध परमाणु युद्ध में भी बदल सकता है? आज द लेंस में कलेक्टिव न्यूज़रूम के डायरेक्टर ऑफ़ जर्नलिज़म मुकेश शर्मा के साथ चर्चा इन्हीं सवालों पर.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित