आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
जसिंता केरकेट्टा से समझिए आदिवासियों का दर्द
जसिंता केरकेट्टा से समझिए आदिवासियों का दर्द
प्रकाशित
झारखंड के आदिवासी समाज से आने वालीं कवयित्री, पत्रकार और एक्टिविस्ट जसिंता केरकेट्टा की कविताएं देश विदेश में पढ़ी जाती हैं.
जसिंता ने बचपन में इमली बेचने का काम भी किए. आज उनके लिखे और कहे की वजह से दुनिया उनको जानती है.
क्या है जसिंता केरकेट्टा की कहानी और सुनिए उनकी कुछ कविताएं, जो जंगल बनाम शहर की बहस में समझ बेहतर करती हैं.
जसिंता केरकेट्टा से बीबीसी संवाददाता विकास त्रिवेदी ने बात की.
वीडियो- सदफ़ ख़ान
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)