आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
फ़िल्म इंडस्ट्री में हर किसी को खुश रखना मुश्किल: तापसी पन्नू
- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, मुंबई, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
- प्रकाशित
'पिंक' फ़िल्म में अमिताभ बच्चन के साथ अपने दमदार अभिनय के लिए सराहना हासिल करने वाली तापसी पन्नू ने उन नौजवानों के लिए संदेश दिया है जो आतंकवाद की तरफ़ आकर्षित हो रहे हैं.
अपनी आगामी फ़िल्म 'नाम शबाना' के लिए बीबीसी से रूबरू हुई तापसी कहती हैं, "आज की युवा पीढ़ी गर्म खून की है. वो अपनी ज़िन्दगी के सभी फैसले खुद ही लेना चाहती है पर उन्हें अपनी ज़िन्दगी में एक लक्ष्य बनाए रखने की ज़रूरत है जिस पर वो काम कर सकें और ज़िन्दगी को एक सही राह दे सकें."
हाल ही में 'कॉफ़ी विद करण' में आई कंगना रनौत ने करण जौहर को 'भाई-भतीजावाद' का कर्ता-धर्ता बताया था.
अपने शो में शांति बरकरार रखते हुए करण जौहर ने कुछ दिन पहले कंगना की बात को ख़ारिज करते हुए कहा था कि अगर कंगना को इतनी ही तकलीफ है तो वो फ़िल्म इंडस्ट्री को छोड़ के जा सकती हैं. इस बात पर सोशल मीडिया में विवाद छिड़ गया है.
तापसी ने करण जौहर और कंगना रनौत के मुद्दे पर अपनी राय देते हुए कहा,"ये खुली बहस है. दोनों ने अपने दिल की बात कह दी. अब जनता-जनार्दन पर निर्भर करता है कि वो किसका पक्ष ले या ना ले."
तापसी के मुताबिक किसी को भी बिना डरे अपने दिल की बात समझदारी से सामने रखनी चाहिए, पर उसी बात पर पलटवार के लिए भी आपको तैयार रहने की ज़रूरत है.
तापसी ने साफ़ किया की फ़िल्म इंडस्ट्री में हर किसी को अपनी बात रखने की आज़ादी है पर हर किसी को इंडस्ट्री में खुश नहीं रखा जा सकता और कोई ना कोई बुरा मान ही जाता है.
तापसी मानती हैं कि अब अभिनेत्रियों के सर से उम्र का बोझ हट रहा है.
तापसी के मुताबिक अगर आप इंडस्ट्री की शीर्ष अभिनेत्रियों में से एक हैं तो आपको लंबे समय तक अच्छे किरदार मिलेंगे और फ़िलहाल तापसी की कोशिश है कि वो बॉलीवुड की टॉप हीरोइन बने.
शिवम् नायर द्वारा निर्देशित 'नाम शबाना' 2015 की अक्षय कुमार की फ़िल्म 'बेबी' की प्रीक्वल है. 31 मार्च को रिलीज़ होने वाली फ़िल्म 'नाम शबाना' में अक्षय कुमार, अनुपम खेर भी अहम भूमिकाओं में दिखेंगे.