आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
2017 में बजट से क्या हैं उम्मीदें?
- Author, शिल्पा कन्नन
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
साल 2016 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उतारचढ़ाव वाला सफ़र था.
उम्मीदें ज़्यादा थीं. देश से भी और उसे चलाने वाले शख़्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी. उनसे बेहद ताक़तवर जनादेश के कारण बड़े सुधारों की आशा थी.
जहां छोटे-मोटे कुछ आर्थिक सुधार हुए, कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला.
भारत आर्थिक तौर पर मज़बूत लगा. मगर इसका श्रेय घरेलू वजहों के बजाय दुनिया में तेल के दामों में गिरावट को ज़्यादा मिला
तो साल 2017 से भारत क्या उम्मीद रखे?
बजट - फ़रवरी 2017
क्या कई राज्यों में चुनाव को देखते हुए बजट मोटे तौर पर पॉपुलिस्ट होगा?
मेक इन इंडिया को बढ़ावा
डोनल्ड ट्रंप की ओर से मिले संरक्षणवादी अर्थव्यवस्था के संकेत, तेल के बढ़ते दाम जैसे हालात में भारतीय अर्थव्यवस्था सीधी खड़ी रह पाएगी?
मेक इन इंडिया के ज़ोरदार सरकारी अभियान के बावजूद देश के उत्पादन और निर्यात की रफ़्तार धीमी रही है और इसे बदलना होगा.
नया सुपरटैक्स- जीएसटी
सबसे अहम बात, भारत अब तक का सबसे बड़ा टैक्स सुधार करने वाला है- गुड्स एंड सर्विस टैक्स
ये सुपरटैक्स देश के कई अपरोक्ष करों, ड्यूटी, सरचार्ज और सेस को एक टैक्स में बदल देगा
कई लोग मानते हैं कि यह क़दम भारत को यूरोपियन यूनियन जैसे बड़े बाज़ार की ओर बढ़ाएगा
तो क्या भारत कैश पर हमले से उबर पाएगा या करेंसी की कमी दुनिया की सबसे तेज़ रफ़्तार अर्थव्यस्था का गला घोंट देगी?
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)