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खेल खेल में बन गए थे पाकिस्तानी, हो गए गिरफ्तार
- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, श्रीनगर से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
- प्रकाशित
भारत प्रशासित कश्मीर के गांदरबल में एक क्रिकेट प्रतियोगिता में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की जर्सी पहनने के बाद कुछ खिलाड़ियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
इन खिलाड़ियों के कई परिजन थाने के बाहर ही उन्हें छुड़ाने की कोशिश करते हुए इंतज़ार कर रहे हैं.
इन गिरफ़्तार खिलाड़ियों में शहज़ाद अहमद के दो मौसेरे भाई भी शामिल हैं. वो भी कोशिश कर रहे हैं कि उनके भाइयों को रिहा कर दिया जाए.
शहजाद कहते हैं, '' यह कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं था. इन बच्चों को पता नहीं था कि पाकिस्तान की जर्सी पहनने और पाकिस्तान का तराना गाने पर उनको जेल जाना पड़ेगा.''
अंजाम क्या होगा
वो कहते हैं, '' इन बच्चों को तो पता भी नहीं है कि राष्ट्रीय तराना किसको कहते हैं. राष्ट्रीय कलर किसको कहते हैं. उनको मालूम नहीं था कि वर्दी पहनने का अंजाम क्या होगा. इस वजह से इतना बवाल खड़ा हुआ है.''
शहजाद को लगता है कि इन बच्चों ने जान-बूझकर ऐसा नहीं किया है. उनका कहना है कि उनको कानून का पता नहीं कि इस पर क्या होगा. शहजाद कहते हैं कि उन्हें यह नहीं पता है कि आगे क्या होगा.
शहज़ाद अहमद अपने गांव के कई लोगों के साथ जिनके बच्चे या रिश्तेदार गिरफ्तार हैं, गांदरबल पुलिस स्टेशन के बाहर इन बच्चों की रिहाई का इंतजार कर रहे थे.
यह वाकया दो अप्रैल का है. उस दिन भारत प्रशासित कश्मीर के गांदरबल ज़िले में खेले गए क्रिकेट मैच का एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो में एक टीम के बारह खिलाड़ी पाकिस्तानी क्रिकेट टीम जैसी वर्दी पहनकर पाकिस्तान का राष्ट्रीय गीत गा रहे हैं.
विडियो वायरल होने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उन 12 खिलाड़ियों को गिरफ्तार कर लिया. जिन्होंने उस मैच में हिस्सा लिया था.
वीडियो में दिख रही दूसरी टीम के खिलाड़ी सफेद वर्दी में हैं.
भारत-पाकिस्तान टीम
जिन खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी वर्दी पहन रखी थी उनकी टीम का नाम बाबा दरियाउद्दीन था. बाबा दरिया गांदरबल के एक संत थे.
बताया जा रहा है कि यह क्रिकेट मैच इलाक़े की दो टीमों के बीच खेला गया था. इसमें एक टीम भारत की टीम बनी थी और दूसरी पाकिस्तानी टीम.
गांदरबल के पुलिस प्रमुख फ़याज़ अहमद ने बीबीसी को बताया, "पुलिस ने अभी तक शुरुआती जांच की है. इस मामले में अभी और जाँच की जा रही है. इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है."
इस मामले में गिरफ्तार किए गए अधिकतर खिलाड़ी स्कूल या कालेज के छात्र हैं.
गिरफ्तार खिलाड़ियों में से एक के परिजन बशीर अहमद कहते हैं, "हमारा एक बच्चा उस समय क्रिकेट ग्राउंड में मौजूद था. उनको ये कहा गया था आप को अंग्रेज़ी आती है इसलिए आप कमेंटरी करें. उसने जर्सी भी नहीं पहनी थी.''
उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें बेटे को पुलिस स्टेशन लाने को कहा था. बशीर अहमद ने बताया कि उन्होंने उस वीडियो को नहीं देखा है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई है, क्योंकि उनके पास ऐसा मोबाइल नहीं है, जिसपर यह वीडियो देखा जा सके.
वहीं गांदरबल ज़िले के नेशनल कांफ्रेंस के विधायक शेख इश्फ़ाक़ जबार कहते हैं कि इन बच्चों को छोड़ देना चाहिए.
वो कहते हैं, ''वर्दी लगाने से थोड़े ही गया. मुझे नहीं लगता है कि हमें इन चीजों को इतनी अहमियत देनी चाहिए कि मामला और भी ख़राब हो जाए. वह छोटे बच्चे हैं. अगर उन्होंने वर्दी पहनी भी तो उससे कोई ज्यादा फ़र्क़ नहीं पड़ता. इन चीज़ों को नज़रअंदाज़ करना चाहिए.''
जबार का कहना है कि ज़ोर-ज़बरदस्ती से कोई मसला हल होने वाला नहीं है. गिरफ्तार करने से कोई मसला हल नहीं होगा.
वो कहते हैं कि यहाँ तो हर शुक्रवार को इस्लामिक स्टेट के झंडे लहराए जाते हैं, उनको आप क्यों नहीं पकड़ते? "
यह मैच जिस दिन खेला गया उस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू -कश्मीर में भारत की सबसे लंबी सुरंग का उद्घाटन कर रहे थे.
कश्मीर में प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तानी झंडे लहराने का एक रूझान चल रहा है. लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि कश्मीर के क्रिकेट खिलाडी पाकिस्तान का राष्ट्रीय गीत गा रहे हैं, जिसका वीडियो वायरल हो गया है.
कश्मीर के ग्रामीण इलाकों में मारे गए चरमपंथियों की याद मे क्रिकेट मुक़ाबले होते रहते हैं. ऐसे में कश्मीर में क्रिकेट हमेशा विवाद बनकर सामने आता रहता है.