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तस्लीमा नसरीन फिर विरोधियों के निशाने पर
भारत में वर्षों से रह रही बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन को महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एयरपोर्ट पर विरोध का सामना करना पड़ा. इस विरोध के बाद पुलिस ने उन्हें वापस मुंबई भेज दिया.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कुछ लोग उनके औरंगाबाद आने का विरोध कर रहे थे. वो शनिवार की शाम औरंगाबाद के चिकलथाना एयरपोर्ट पर मुंबई से पहुंची थीं.
पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट से बाहर भी निकलने नहीं दिया. एयरपोर्ट के बाहर कुछ लोग उनके विरोध में नारे लगा रहे थे- 'तसलीमा गो बैक'.
डिप्टी पुलिस कमिश्नर राहुल श्रीराम ने बताया कि शहर में 'क़ानून व्यवस्था की समस्या' से बचने के लिए तस्लीमा नसरीन को अगली ही उड़ान से वापस मुंबई भेज दिया गया है.
उन्होंने कहा कि तस्लीमा नसरीन को शहर छोड़ने की सलाह दी गई जिस पर वो सहमत हो गईं.
तस्लीमा का विरोध करने वाले लोग उस होटल के बाहर भी जमे हुए थे जहां उन्हें औरंगाबाद में दौरान तीन दिनों तक ठहरना था.
पुलिस ने बताया कि तस्लीमा दूसरी जगहों के अलावा अजंता और एलोरा की गुफाएं जाने की भी योजना बना रही थीं.
भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
तस्लीमा का विरोध कर रहे लोगों का नेतृत्व इम्तियाज़ जलील कर रहे थे. वो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तिहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के विधायक हैं.
जलील का कहना है कि उन्होंने अपने लिखे हुए से दुनिया भर के मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को 'ठेस' पहुंचाया है. "हम उन्हें अपने शहर में क़दम नहीं रखने देंगे."
तस्लीमा नसरीन स्वीडन की नागरिक हैं और 2004 से वो वीज़ा पर भारत में रह रही हैं. पिछले महीने गृह मंत्रालय ने उनका वीज़ा 23 जुलाई 2017 से आगे एक साल के लिए बढ़ा दिया है.
1994 में कट्टरपंथियों की ओर से धमकी मिलने के बाद से वो बांग्लादेश से बाहर रह रही हैं.
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