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शादी परम्परागत, गिफ़्ट में बिटक्वाइन
- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
विवाह समारोह पारंपरिक था लेकिन मेहमानों की ओर से जोड़े को मिले उपहार चौंकाने वाले थे.
बेंगलुरु में हुई शादी में आए मेहमानों ने वर वधु को परम्परागत उपहारों की बजाय, हाल के दिनों में सुर्खियों में आई वर्चुअल मुद्रा 'बिटक्वाइन' दिए.
28 साल के प्रशांत शर्मा और नीति श्री की पिछले सप्ताहांत शादी थी, इस आयोजन में आए कुछ ही लोगों के हाथों में परम्परागत उपहार दिखे.
प्रशांत ने बीबीसी को बताया, "हमारे 190 मेहमानों में बमुश्किल 15 लोग ही पारंपरिक उपहार लेकर आए थे. बाकी लोगों ने हमें क्रिप्टोकरेंसी भेंट की."
उन्होंने बताया, "इस आंकड़े को सार्वजनिक तो नहीं कर सकता लेकिन इतना ज़रूर कहूँगा कि हमने गिफ़्ट में क़रीब एक लाख रुपये मिले."
प्रशांत और नीति ने कुछ अन्य लोगों के साथ ऑफ़र्ड नामक कंपनी शुरू की है.
वो नहीं चाहते थे कि उनके रिश्तेदार और दोस्त बेंगलुरू जैसे शहर में उपहार ढूंढने के लिए किसी परेशानी का सामना करें.
प्रशांत ने बताया, "यहां मेरे अधिकांश दोस्त टेक्नोलॉजी क्षेत्र से आते हैं. इसलिए हमने सोचा कि क्यों न टेक्नोलॉजी और उपहार का संगम कराया जाए. हमने इस बारे में अपने परिजनों से बात की और उन्हें बात समझ आ गई."
फ़ैंसी गिफ़्ट
हालांकि इसके बावजूद कुछ लोग पारंपरिक उपहारों के साथ आए. प्रशांत झारखंड के जमशेदपुर से जबकि नीति बिहार के पटना से हैं.
पहचान ज़ाहिर न करने की शर्त पर प्रशांत के एक रिश्तेदार ने कहा, "ये आइडिया अच्छा है. मुझे भरोसा है कि इसकी स्वीकार्यता बढ़ेगी हालांकि सरकारों को शायद ये पसंद न आए. हां, मैं उन्हें बिटक्वाइन गिफ़्ट कर रहा हूं लेकिन साथ में कुछ परम्परागत उपहार भी दूंगा."
नीति के पूर्व बॉस और एम हाई के सीईओ रवि शंकर एन ने ज़ेब-पे बिटक्वाइन एक्सचेंज के मार्फ़त वर्चुअल मुद्रा उपहार में दी.
शंकर कहते हैं, "कुछ देने के लिए ये एक फैंसी चीज़ है. लेकिन मैं कहूंगा कि प्रशांत और नीति ने बिटक्वाइन गिफ़्ट के बारे में बीते हफ़्ते नहीं तय किया था. बल्कि ये महीनों पहले तय किया गया था."
हाल के कुछ हफ़्तों में बिटक्वाइन की क़ीमतों में भारी उछाल आया है जिससे ये आशंका पैदा हुई है कि बुलबुला फूटने वाला है. लेकिन प्रशांत इस बात से इनकार करते हैं कि वो बिटक्वाइन से मुनाफ़ा कमाना चाहते हैं.
वो कहते हैं, "अगर आप बेचने के लिए ख़रीदते हैं तो ये एक किस्म का बुलबुला पैदा करता है. हमने इसे ख़रीदा है क्योंकि हम ये देखना चाहते थे कि ये टेक्नोलॉजी कैसे काम करती है. मुख्य रूप से हम ब्लॉकचेन तकनीक के प्रति काफ़ी उत्साहित थे, जिस पर क्रिप्टोकरेंसी काम करता है."
हालांकि इस जोड़ने ने उपहार में मिले बिटक्वाइन को बेचकर उससे मिलने वाले पैसे को ग़रीब बच्चों की शिक्षा में लगाना चाहते हैं.
रिज़र्व बैंक की चेतावनी
लेकिन कुछ लोग वर्चुअल मुद्रा के प्रति सरकारों के रुख़ को लेकर आशंकित भी हैं.
प्रशांत के दोस्त और वॉवलैब्स डॉट कॉम के सीईओ अमित सिंह कहते हैं, "ब्लॉकचेन तकनीक बहुत बड़ी है और ये इंटरनेट की तरह है. इसमें दुनिया बदलने की क्षमता है."
प्रशांत कहते हैं, "ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की क्षमता इतनी अधिक है कि इसे प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता. एक पूरी सरकार इस तकनीक के आधार पर चल सकती है. संभावना केवल बिटक्वाइन में ही नहीं है. असल में ब्लॉकचेन तकनीक इस सब का मूल है."
अगर इसकी क्षमता इतनी अधिक है तो सरकारों के लिए बिटक्वाइन स्वीकार्य क्यों नहीं है?
आर्थिक विश्लेषक प्रांजल शर्मा कहते हैं, "नियामकों को लगता है कि वर्चुअल मुद्रा के तहत मालिकाने और लेनदेन को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं होती है. हालांकि कई देशों की सरकारें इसे लेकर सकारात्मक हैं. वो बस सावधानी बरत रही हैं."
दिलचस्प बात है कि प्रशांत और नीति की शादी के कुछ ही दिन पहले भारतीय रिज़र्व बैंक ने निवेशकों को तीसरी चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि वर्चुअल मुद्रा की कोई वैधानिकता नहीं है.
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