हिरासत में मौत, बेटी की ज़िम्मेदारी ली पुलिस अफसर ने

Sujata patil and pranjal
    • Author, सर्वप्रिया सांगवान
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में 6 नवंबर को अनिकेत कोठाले को पुलिस ने डकैती के एक मामले में हिरासत में लिया था. कथित रूप से पुलिस हिरासत में अनिकेत की मौत हो गई थी और इस मामले में कुछ पुलिसवालों पर कार्रवाई भी हुई.

लेकिन पुलिस महकमे से भी किसी ने अनिकेत के परिवार के बारे में सोचा और सीधा आईजी कोल्हापुर रेंज को संदेश भेज दिया.

यह पुलिसकर्मी थीं सुजाता पाटिल जो फिलहाल हिंगोली ज़िले में उप पुलिस अधीक्षक हैं. सुजाता पाटिल ने अनिकेत की 3 साल की बेटी प्रांजल की शिक्षा और देख-रेख की ज़िम्मेदारी उठाई है.

सुजाता पाटिल

सुजाता ने बीबीसी से कहा, "मैंने पुलिस हिरासत में हुई इस निंदनीय घटना की ख़बर पढी थी. मैं काफ़ी सोचती रही कि एक पुलिस अफसर के गलत काम की वजह से किसी की मां, पत्नी और 3 साल की बेटी रस्ते पर आ गए. हम तरह-तरह के अभियान चलाते हैं, बेटी बचाओ बेटी पढाओ या महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों को लेकर.... तो मैंने सोचा कि मैं ही कुछ करूं."

सुजाता आगे कहती हैं, "मैंने पहले आईजी साहब को मैसेज किया कि मैं इस परिवार के लिए कुछ करना चाहती हूं. आईजी साहब ने बस कहा कि कोशिश करता हूं."

सुजाता पाटिल अपनी बेटी और प्रांजल के साथ
इमेज कैप्शन, सुजाता पाटिल अपनी बेटी और प्रांजल के साथ

बेटी के परिवार ने दी इजाज़त

सुजाता पाटिल बताती हैं कि पहले तो कई दिन उन्होंने इंतज़ार किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. अनिकेत के परिवार वाले भी पुलिस को लेकर बहुत घबराए हुए थे. वो शायद सोच भी नहीं सकते थे कि पुलिस की वजह से उनके परिवार पर ये हादसा बीतेगा और यही वजह थी कि किसी सकारात्मक कदम की तो उन्होंने उम्मीद ही नहीं की होगी.

सुजाता का कहना है कि वह खुद पुलिसकर्मी होने के नाते परिवार से बातचीत नहीं कर सकती थी. लेकिन 20-25 दिन के बाद मृतक के छोटे भाई आशीष ने उनसे बात की. और फिर वह अपने परिवार को लेकर उनके घर गईं.

sujata patil with deceased Aniket's family
इमेज कैप्शन, सुजाता पाटिल अपने परिवार सहित मृतक अनिकेत के परिवार से मिलीं

सुजाता कहती हैं, "उसके परिवार ने मुझे इजाज़त दी है. अगर किसी तरह की कानूनी कार्रवाई की ज़रूरत हुई तो वो भी हम करेंगे."

48 साल की सुजाता के 3 बच्चे हैं- 2 बेटे और एक बेटी. वो बताती हैं कि उन्होंने अपने घर में अपना फैसला बताया और वे भी खुशी-खुशी इसके लिए तैयार हो गए.

'मेरे पापा को पुलिस ने मारा'

सुजाता पाटिल बताती हैं कि घर के लोग अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं. सब डरे हुए हैं. प्रांजल पर भी इसका काफ़ी बुरा असर पड़ा है.

सुजाता कहती हैं, "घर के माहौल को देखकर, आस-पास के लोगों की बातें सुनकर उसके मन में भी बैठ गया है कि पुलिस ने उसके पापा को मारा है. हमारे सीनियर अधिकारी जब परिवार से मिलने गए थे तो प्रांजल ने बोला कि मेरे पापा को पुलिस ने मारा. ये सब बकायदा वीडियो में रिकॉर्ड हुआ है."

सुजाता कहती हैं कि ऐसे हालात में परिवार को कुछ तसल्ली देना उन्हें अच्छा लगा और उनका ये कदम पुलिस की छवि सुधारने के लिए नहीं है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि उन्होंने प्रांजल के लिए 25,000 रुपए जमा करवा दिए हैं. उसके लिए बाकी कई योजनाओं में पैसा रखने वाली हैं. उसकी शादी तक सारा खर्चा उठाएंगी.

Sujata patil and Aniket's wife

राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक महाराष्ट्र में पुलिस हिरासत में मौत का आंकड़ा भारत में सबसे ज़्यादा है.

2016 में राज्य में पुलिस हिरासत में 16 मौतें हुई हैं. इनमें से 8 लोगों को कोर्ट में पेश भी नहीं किया गया.

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