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जोधपुर की अदालत में सलमान ख़ान
जोधपुर की अदालत ने दो चिंकारा (ब्लैक बक या काला हिरण) का शिकार करने के मामले में सलमान ख़ान को दोषी पाया है. इस मामले में जल्द ही उनकी सज़ा का ऐलान करने वाली है.
घटना साल 1998 में 26 सितंबर की है. इसके अलावा दो दिन बाद 28 सितंबर को सलमान पर घोड़ा फ़ार्म्स में एक और ब्लैक बक के शिकार का आरोप लगा.
इसी साल 2 अक्टूबर को बिश्नोई समुदाय ने सलमान ख़ान के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया और दस दिन बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया. ज़मानत मिली. और तब से ये मामला चला आ रहा है. 5 अप्रैल को उन्हें अदालत ने दोषी करार दे दिया.
सलमान ख़ान के साथ फ़िल्म अभिनेता सैफ़ अली ख़ान और अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे, तब्बू, नीलम और दुष्यंत का भी इस मामले में नाम शामिल है.
अदालत ने सलमान ख़ान को दोषी क़रार दिया है और बाक़ी सभी को बरी कर दिया है.
अभियोजन पक्ष के मुताबिक शिकार की ये घटना तब की है जब ये सभी लोग फ़िल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के लिए जोधपुर में रुके हुए थे.
इस मामले में अदालत ने 10 अप्रैल 2006 को सलमान खान को पांच साल की सजा और 25 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया था.
सलमान ख़ान के वकील उनके लिए तीन साल से कम की सज़ा की मांग कर रहे हैं जबकि सरकारी वकील ने उनके लिए छह साल की सज़ा की मांग की है.
सलमान ख़ान और बाक़ी फ़िल्मी सितारे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते रहे हैं.
सलमान खुद पर लगे आरोपों से इनकार करते रहे हैं. सैफ़ अली खान ने शिकार के लिए सलमान को उकसाने के आरोपों से इनकार कर दिया.
अदालत के फ़ैसले से पहले सलमान ख़ान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने अदालत में कहा कि सलमान को झूठे मुक़दमे में फंसाया गया है.
वहीं अभियोजन पक्ष ने इस मामले में कुल 28 गवाह अदालत में पेश किए. अभियोजन पक्ष ने अदालत ने कहा कि ये फ़िल्मी सितारे निरीह वन्य प्राणियों के शिकार में शामिल थे.
इस मामले में सलमान ख़ान को जोधपुर सेंट्रल जेल में आठ दिन कैद में भी गुजारना पड़ा था.