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हिमाचल में भूस्खलन: अब तक 14 शव बरामद, बचाव अभियान जारी
- Author, पंकज शर्मा
- पदनाम, शिमला से बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 3 मिनट
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले में हुए भूस्खलन की वजह से कम से 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. अधिकारियों के मुताबिक गुरुवार को मलबे से चार और शव निकाले गए हैं.
इस हादसे में कम से कम 13 लोग घायल भी हुए हैं. इनमें से दो की स्थिति गंभीर बताई जा रही है.
मलबे में कई वाहन दबे हैं. ऐसे में आशंका है कि कई और लोग अभी भी दबे हो सकते हैं. इन्हें निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है.
अधिकारियों के मुताबिक ये हादसा बुधवार को भावानगर उपमंडल में एक पहाड़ के दरकने की वजह से हुआ. हादसे की जगह राष्ट्रीय राजमार्ग के ज्यूरी रोड पर निगोसारी और चौरा के बीच है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य का जायजा लिया.
इसके पहले मुख्यमंत्री ठाकुर ने बताया था, "मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं. प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी."
जारी है बचाव कार्य
समाचार एजेंसी पीटीआई ने हिमाचल आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक सुदेश कुमार मोखता के हवाले से बताया है कि हिमाचल सड़क परिवहन निगम की बस और कुछ अन्य वाहनों का पता लग गया है जो मलबे के नीचे बुरी तरह से दब गए थे.
उन्होंने ये भी बताया कि एक बोलेरो गाड़ी को अभी तक नहीं ढूँढा जा सका है. इस गाड़ी के मलबे में दबे होने की आशंका है.
अधिकारियों के मुताबिक मुंरग से हरिद्वार जा रही हिमाचल रोडवेज़ की एक बस मलबे में दब गई थी. इसके ड्राइवर और कंडक्टर को बचाव दल ने बाहर निकाल लिया.
हादसे के बाद ज़िला प्रशासन की टीम मौक़े पर पहुंच गई थी और बुधवार को ही कई लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया था.
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर लगातार पत्थर लगातार गिर रहे थे. इस कारण से राहत और बचाव कार्य शुरू करने में दिक्कत हुई.
स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अलावा आईटीबीपी के जवान भी मलबा हटाने के काम में जुटे.
हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बात की और और इस बारे मे जानकारी ली.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर बताया कि पीएम मोदी ने राहत और बचाव कार्य में हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया.
हाल में हुई घटनाएं
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बीते दिनों भूस्खलन की कई घटनाएं हुई हैं.
बीते हफ़्ते हिमाचल प्रदेश के सिरमौर में भूस्खलन के कारण नाहन-श्रीरेणुकाजी-हरिपुरधार मार्ग बंद हो गया था.
यहां बारिश के बाद भूस्खलन की वजह से पहाड़ में दरार पड़ गई और पहाड़ टूटकर गिरने लगा. इसकी वजह से रास्ता भी टूट गया और सैकड़ों की संख्या में लोग रास्ते में ही फंस गए.
इससे पहले 30 जुलाई को सिरमौर की कामराऊ तहसील में भूस्खलन का वीडियो सामने आया था.
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