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अमरीका ने कहा- यूक्रेन पर किसी भी वक़्त हमला कर सकता है रूस
अमरीका ने कहा है कि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता है, लिहाजा उसके नागरिक तुरंत वहां से निकल जाएं.
व्हाइट हाउस ने कहा है कि हमला हवाई बमबारी के साथ शुरू हो सकता है. इससे अमरीकी नागरिकों का वहां से निकलना मुश्किल हो सकता है. वे ख़तरे में पड़ जाएंगे.
अमरीका के साथ ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नीदरलैंड ने भी अपने-अपने नागरिकों को जल्द से जल्द यूक्रेन छोड़ देने को कहा है.
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि रूस और अमरीका दोनों अपने-अपने राजनयिक स्टाफ को यूक्रेन की राजधानी कीव से हटा रहे हैं. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक अमरीकी दूतावास का स्टाफ पोलैंड के नजदीक रहने के लिए चला जाएगा. यह इलाका यूक्रेन के सुदूर पश्चिम में स्थित है.
वहीं रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए नोवोस्ती ने कहा है कि रूसी राजनयिक यूक्रेन छोड़ कर जा रहे हैं. हालांकि दोनों देशों में से किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है. हालांकि यूक्रेन में ब्रिटेन की राजदूत मेलिंडा सीमन्स ने ट्वीट कर कहा है कि वह उनकी कोर टीम कीव में ही रहेगी.
अमरीका-फ्रांस तनाव कम करने में लगे
रूस लगातार यह कहता रहा है कि उसका यूक्रेन पर हमले का कोई इरादा नहीं है. लेकिन रूस ने अपने एक लाख सैनिक यूक्रेन की सीमा पर तैनात कर रखे हैं.
इस बीच, राजनयिक कोशिशों के ज़रिए रूस-यूक्रेन विवाद कम करने की शुरुआत हो चुकी है. अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फ़्रांस के इमैनुएल मैक्रों रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से बात करने वाले हैं. जबकि रूस का कहना है कि पश्चिमी देश यूक्रेन मामले पर युद्धोन्माद पैदा कर रहे हैं.
अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने कहा कि रूसी सेनाएं अब यूक्रेन पर बड़ी सैन्य कार्रवाई की स्थित में पहुंच गई हैं.
उन्होंने कहा, "हम यह तो नहीं कह सकते कि आगे क्या होगा? हमें यह भी पता नहीं कि वास्तव में इस वक़्त हो क्या रहा है. लेकिन निश्चित रूप से जोखिम बढ़ा हुआ है और ख़तरा इतना स्पष्ट है कि नागरिकों का यूक्रेन से निकलना ही ठीक होगा."
उन्होंने कहा कि बाइडन प्रशासन यह तो नहीं बता सकता कि रूस ने यूक्रेन पर हमले का पक्का फ़ैसला कर लिया है या नहीं, लेकिन इतना तय है कि वह सैन्य कार्रवाई को वाजिब ठहराने का बहाना ढूंढ़ रहा है. अगर रूस ने सैन्य कार्रवाई किया तो शुरुआत विमानों से बम गिराने से होगी.
अमरीका ने सहयोगियों के लिए सेना भेजी
राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि वह अगर रूस हमला करता है तो वह वहां रह गए अपने किसी भी नागरिक को बचाने के लिए सेना नहीं भेजेंगे.
शुक्रवार को बाइडन ने ट्रांस-अटलांटिक देशों के नेताओं के साथ वीडियो कॉल पर बात की थी और इस बात पर चर्चा की थी कि अगर रूस ने हमला किया तो उस पर मिलजुल कर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे.
अमरीका ने यह भी कहा है कि वह फोर्ट ब्रैग, नॉर्थ कैरोलिना से 3000 सैनिकों को पौलेंड भेजा. अगले सप्ताह ये सैनिक वहां पहुंच जाएंगे. ये सैनिक यूक्रेन में लड़ाई में हिस्सा नहीं लेंगे लेकिन यह अमरीका के सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन के मुताबिक हाल की खुफिया जानकारियों के आकलन के बाद बाइडन ने शुक्रवार को अपने सहयोगी देशों की बैठक बुलाई थी. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि पुतिन जल्द ही युद्द का आदेश जारी कर देंगे..
बाइडन के शीर्ष सैन्य सलाहकार जनरल मार्क मिले ने हाल में रूस, कनाडा और ब्रिटेन और यूरोप के अपने समकक्षों को एक के बाद एक कई फोन किए हैं. इससे हालात गंभीर होने के संकेत मिल रहे हैं.
सुलिवन ने कहा कि बाइडन प्रशासन पर तनाव और युद्धोन्माद बढ़ाने के आरोप लगाए जा रहे है लेकिन वह चाहता है कि जहां तक संभव होगा अमेरिका अपना रवैया पारदर्शी रखेगा.
बेलारूस में रूस का सैन्य अभ्यास, माहौल और गर्माया
इस बीच, शुक्रवार को क्राइमिया में रूसी नेवी के सैनिकों ने अभ्यास किया. वहीं यूक्रेन के उत्तर में बसे बेलारूस में दस दिन का सैन्य अभ्यास जारी है. यूक्रेन यह आरोप लगा रहा है कि रूस समुद्र तक उसकी पहुंच को रोकने में लगा है.
अगर रूस ने यूक्रेन पर हमले की कोशिश की ये सैन्य अभ्यास उसके सैनिकों के लिए काफी मददगार होंगे. इससे रूसी सैनिकों के लिए यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला करना आसान हो जाएगा. हालांकि रूस ने कहा है कि यह सैन्य अभ्यास खत्म होते ही उसके सैनिक अपने बेस में वापस चले जाएंगे.
रूस ने आठ साल पहले यूक्रेन के दक्षिण में स्थित क्राइमिया को मिला लिया था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच टकराव और तेज हो गया है. रूसी सीमा के नजदीकी यूक्रेन के पूर्वी इलाकों में विद्रोह चल रहा है. इसे रूस का समर्थन हासिल है.
रूस का कहना है वह किसी भी कीमत पर यूक्रेन को नेटो में शामिल नहीं होने देगा.
हालांकि नेटो के सेक्रेट्री जनरल स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि नेटो एकजुट है और किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.
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