पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने नंदीग्राम और रेजीनगर, दोनों सीटों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की है.
इस बीच, एसआईआर को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस और ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने बीजेपी पर बड़े पैमाने पर “वोट चोरी” के आरोप लगाए हैं.
नंदीग्राम में बीजेपी की रिकॉर्ड जीत
नंदीग्राम सीट पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हासीरानी रथ बीजेपी की उम्मीदवार थीं. चंद्रनाथ रथ की कथित तौर पर विधानसभा चुनाव के दौरान हत्या कर दी गई थी.
हासीरानी रथ ने इस सीट पर 1.2 लाख वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की.
शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी. इसके बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी, जहां उपचुनाव हुआ.
शुभेंदु अधिकारी ने पहले कहा था कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने बीजेपी को वोट नहीं दिया है. लेकिन नंदीग्राम में रिकॉर्ड अंतर से जीत के बाद उन्होंने मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया और दावा किया कि बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक मतदाताओं ने बीजेपी का समर्थन किया है.
रेजीनगर: मुस्लिम बहुल सीट पर भी बीजेपी जीती
मुर्शिदाबाद ज़िले की रेजीनगर विधानसभा सीट मुस्लिम बहुल है. इस सीट पर भी बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज की है.
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी बनाई थी.
अप्रैल में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने रेजिनगर और नौदा, दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी. बाद में उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखी.
रेजीनगर उपचुनाव में उनके बेटे गोलाम नबी आज़ाद एजेयूपी के उम्मीदवार थे. उनका मुक़ाबला बीजेपी के सखारव सरकार से था. सखारव सरकार ने यह सीट 75 हज़ार से ज़्यादा वोटों के अंतर से जीत ली.
तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़े पीछे
2026 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई है. उपचुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस धड़े और विधानसभा में विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दूसरे धड़े के उम्मीदवारों को ख़ास समर्थन नहीं मिला.
मतगणना के दौरान ममता बनर्जी के तृणमूल कांग्रेस धड़े के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने वोटों में गड़बड़ी का आरोप लगाया.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दावा किया कि पश्चिम बंगाल की रेजिनगर विधानसभा सीट के बूथ नंबर 109 पर बीजेपी को 909 वोट मिले, जबकि वहां पंजीकृत मतदाताओं की संख्या सिर्फ़ 772 थी.
हालांकि, मुर्शिदाबाद के ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बूथ पर पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 1,109 थी और सभी उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 972 वोट पड़े थे.
दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था. चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की क़रीब 71 कंपनियां तैनात की गई थीं.
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक़, दोनों सीटों पर मतदान लगभग 78 फ़ीसदी रहा. हालांकि, विपक्षी दलों ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए हैं.