छह देशों ने मक्का समझौते का हिस्सा बनने में दिलचस्पी दिखाई- पाकिस्तान
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने कहा है कि कई देशों ने मक्का समझौते में शामिल होने की इच्छा जताई है.
उनका कहना है कि ईरान ने कहा है कि यमन में हूती विद्रोहियों और इराक़ी सशस्त्र समूहों से उसका कोई लेना-देना नहीं है.
शुक्रवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए डार ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची से चर्चा की थी और उन्होंने उनसे कहा था कि "हम एक रक्षा समझौते का हिस्सा हैं और मुसलमान होने के नाते हमें इसका पालन करना होगा और हम करेंगे."
पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री ने कहा कि अब्बास अराग़ची ने सुझाव दिया कि हूती विद्रोहियों और इराक़ी समूहों पर हमला करने के बजाय उनसे राजनीतिक संपर्क स्थापित किए जाने चाहिए.
हालांकि, उन्होंने कहा कि यह निर्णय मक्का रक्षा समझौते के तहत गठित रणनीतिक राजनीतिक और रक्षा समिति द्वारा लिया जाएगा, जिसकी बैठक अगले कुछ दिनों में सऊदी अरब में होगी.
इसहाक़ डार ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा कि कम से कम छह देश मक्का समझौते में शामिल होने के इच्छुक हैं.
उन्होंने कहा, "लेकिन जब तक हम इसके सचिवालय को पूरी तरह से चालू नहीं कर लेते, मुझे नहीं लगता कि हम किसी की भी मांग पूरी कर पाएंगे."
उन्होंने कहा कि मक्का रक्षा समझौते के दस्तावेज़ में कहा गया है कि 'यह रक्षात्मक प्रकृति का है और इसका कोई आक्रामक उद्देश्य नहीं है.
दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि अन्य देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं.