कश्मीर जा रही यात्री बसों पर हरियाणा और पंजाब में लगातार दो हमलों के बाद जम्मू-कश्मीर के यात्रियों और ड्राइवरों के बीच डर और चिंता का माहौल है.
23 वर्षीय तौफीक राजा मंगलवार दोपहर जब जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से लुधियाना जाने वाली बस में सवार हुए, तो उनके मन में चिंता थी.
राजा ने कहा, "ऐसी घटनाओं से स्वाभाविक रूप से डर लगता है, ख़ासकर इसलिए क्योंकि हम कश्मीर से हैं. लेकिन हर समाज में कुछ उपद्रवी लोग होते हैं. उनसे निपटने के लिए हमें यात्रा जारी रखनी चाहिए. ऐसा करना उनके मुंह पर बड़ा तमाचा होगा."
यात्री बसों पर पथराव की इन घटनाओं की जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने निंदा की है. उन्होंने यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.
लुधियाना की एक निजी कंपनी में काम करने वाले राजा ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वह बिना किसी घटना के अपनी मंज़िल तक पहुंच जाएंगे.
उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता भी चिंतित थे. हाल के दिनों में कश्मीरियों को इन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मुझे नहीं पता कि हमलावरों का मक़सद क्या था, लेकिन ऐसे हमलों से अनिश्चितता का माहौल बनता है.”
जम्मू-कश्मीर के कठुआ ज़िले के रहने वाले और दिल्ली से श्रीनगर के बीच नियमित रूप से बस चलाने वाले ड्राइवर आशिक अली ने कहा, “मुझे इस पर हैरानी नहीं है.”
उन्होंने कहा, “पंजाब और हरियाणा में हाइवे पर कुछ उपद्रवी लोग मिलते हैं, जो अक्सर नशे में होते हैं और छोटी-छोटी बातों पर बस ड्राइवरों से झगड़ने लगते हैं. दुख की बात है कि हमारी मदद के लिए कोई नहीं आता और अक्सर हमारे साथ मारपीट होती है.”
हरियाणा में बस पर हमले के दौरान क्या हुआ?
17 अक्तूबर की रात हरियाणा में हमले का शिकार हुई बस के ड्राइवर वकार चौधरी ने बीबीसी से बताया कि उन्होंने करनाल में एक रेस्तरां के पास खाना खाने के लिए बस रोकी थी.
पुंछ के रहने वाले चौधरी ने कहा, "एक शख़्स ने मुझसे बस को पार्किंग से बाहर निकालने के लिए कहा. मैंने उससे पूछा कि क्या परेशानी है. इस पर उसने गाड़ी की नंबर प्लेट पर लात मारी और कहा और अपशब्द कहे.
चौधरी के मुताबिक, इसके बाद एक और युवक उस शख़्स के साथ आ गया और दोनों ने बस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए. उन्होंने कहा कि हमले में कम से कम पांच लोग शामिल थे.
उन्होंने कहा, "दो लोग मारुति बलेनो कार में आए थे, जबकि कुछ लोग बाइक पर थे. हमें तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है."
हमले के समय बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इसमें एक बुज़ुर्ग यात्री की नाक से ख़ून निकलता दिखाई दे रहा था. उस समय उनकी पहचान नहीं हो पाई थी.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने इस मामले को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने उठाया. नायब सिंह सैनी ने अभियुक्तों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का भरोसा दिया.
चौधरी ने दावा किया कि बस को उसके जम्मू-कश्मीर के पंजीकरण नंबर की वजह से निशाना बनाया गया.
उन्होंने कहा, “हमलावर ने जम्मू-कश्मीर की नंबर प्लेट देखी और इसी वजह से बस पर हमला किया.”
हालांकि, हरियाणा पुलिस ने हमले के पीछे नस्लीय या क्षेत्रीय भेदभाव की बात को ख़ारिज किया है. पुलिस का कहना है कि यह घटना पार्किंग को लेकर हुए विवाद का नतीजा थी.
इस मामले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. उनकी पहचान मोहित और सावन के रूप में हुई है. दोनों हरियाणा के करनाल के रहने वाले हैं.
दूसरी घटना 18 अक्तूबर की रात पंजाब के खन्ना इलाके में हुई. इस दौरान पथराव से एक बस की खिड़की का शीशा टूट गया.
इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. पंजाब पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है.