अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर निकट भविष्य में 'बहुत बड़ी चीजें' होने वाली हैं और वह इस संबंध में 'फ़ैसला लेने वाले' हैं.
फ़ॉक्स न्यूज़ के मुताबिक़, ट्रंप ने उनके चीफ़ फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट से कहा, "मेरा सवाल यह है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो मैं पूरे देश को कब तबाह कर दूं? बेहतर होगा कि वे सही व्यवहार करें."
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की ओर से युद्ध ख़त्म करने की मांगों की एक सूची भेजे जाने के बाद वह ईरान के राष्ट्रपति से मिलने के लिए 'तैयार' हैं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि युद्ध को लेकर मेज पर तीन विकल्प हैं- "ईरान का पूरी तरह सफ़ाया करना, उन्हें आर्थिक रूप से सड़ने देना या समझौता करना."
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, ईरानी सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसेन रेज़ाई ने इससे पहले कहा है, "अगर दोबारा युद्ध शुरू होता है तो अमेरिकी जहाज़ जब तक हिंद महासागर से बाहर नहीं निकलते, तब तक हिंद महासागर में वे जहां भी होंगे, उन पर हमला किया जाएगा. हमने ये क्षमताएं विकसित की हैं."
उन्होंने कहा है, "हमने अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों की गति मैक 6 से बढ़ाकर मैक 10 कर दी है. हमने अपनी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों को भी विकसित किया है, अपनी एयर डिफ़ेंस में सुधार किया है और हमारे पास अन्य उपाय भी हैं, जिनका इस्तेमाल हम उचित समय पर करेंगे."
इससे पहले रविवार को ईरानी सेना के ख़ातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने दावा किया कि उन्हें सूचना मिली है कि कुछ क्षेत्रीय देशों के समर्थन से अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है.
इस बीच अमेरिकी समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति के विश्राम स्थल कैंप डेविड में अपना वीकेंड पूरा किए बिना ही व्हाइट हाउस लौट आए हैं.
हालांकि, व्हाइट हाउस ने उनकी छुट्टी कम करने का कोई कारण नहीं बताया.