कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर तीख़ा हमला बोलते हुए सरकार को 'तानाशाह' बताया है.
उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी एक तानाशाह बन चुके हैं
लेकिन उनमें इमरजेंसी लगाने की हिम्मत नहीं है."
बीते कुछ दिनों में सीजेपी कार्यकर्ताओं, वामपंथी छात्र संगठनों, पत्रकारों और सिविल सोसायटी के लोगों पर पुलिस की कार्रवाई और हिरासत में लिए जाने पर सवाल खड़ा किया.
उन्होंने कहा, "अगर ऐसे ही लोगों
को डिटेन करना है तो इमरजेंसी डिक्लेयर करिए. कबतक लोगों को बेवकूफ़ बनाते रहेंगे."
दो दिन पहले ही सीजेपी के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर मंतर पर तिरंगा झंडा लेकर पहुंचने पर गिरफ़्तार किया गया और उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
इसके हवाला देते हुए दीपके ने कहा, "तिरंगा लहराना
कब से अपराध हो गया. अंग्रेज़ों के जमाने में ऐसा होता है, आज मोदी और शाह की पुलिस
भी यही कर रही है. आज ये दिन आ गए कि हमारे देश में ही तिरंगा नहीं लहराने दिया जा रहा."
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "नरेंद्र मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार
तिरंगे से ज़्यादा क्यों अहम हो गए हैं."
उन्होंने आरोप लगाया कि आज केंद्र में जो सरकार बैठी है उनके जुड़े लोगों की स्वतंत्रता संघर्ष में कोई भागीदारी नहीं थी.
"इन्होंने अपनी शाखा पर तिरंगा लहराया
ही नहीं. जब आशुतोष और सौरव ने तिरंगा लहराया तो आपको दिक्कत होनी ही थी."
अभिजीत दीपके ने कहा, "यह देश गांधी के विचार और बाबा साहब के
संविधान पर चलेगा."
दीपके ने 16 अक्तूबर शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में लोगों से इकट्ठा होने का आह्वान किया है. यह आह्वान जंतर-मंतर को धरना प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने और सीजेपी नेताओं को गिरफ़्तार किए जाने के ख़िलाफ़ किया है.
सीजेपी ने पिछले महीने के अंत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग रखी थी और 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, जिसके बाद धरना प्रदर्शन की शुरुआत हुई.