पाकिस्तान के प्रमुख विपक्षी दल और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) रविवार को लॉन्ग मार्च निकाल रही है.
पीटीआई के आह्वान पर ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के लक्की मरवत ज़िले का गुंडी चौक राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है.
यहां बलूचिस्तान और प्रांत के दक्षिणी इलाक़ों से काफ़िले पहुंच रहे हैं. यह लॉन्ग मार्च इस्लामाबाद तक निकाले जाने की बात कही गई है.
हालांकि गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने चेतावनी दी है कि किसी भी समूह को इस्लामाबाद में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. साथ ही कहा है कि अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने वाले पीटीआई नेताओं के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस लॉन्ग मार्च का नेतृत्व ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफ़रीदी कर रहे हैं. इमरान ख़ान की रिहाई की मांग को लेकर यह मार्च बीते महीने निकाला जाना तय हुआ था. फिर सरकार और पीटीआई के बीच चर्चा का दौर चला, जो विफल रहा.
बीबीसी न्यूज़ उर्दू के मुताबिक़, मरवत ज़िला प्रशासन ने डेरा इस्माइल ख़ान डिविज़न के चार ज़िलों में शांति भंग की धारा 144 लागू कर दी है. इसके बावजूद पीटीआई समर्थक मार्च में शामिल होने के लिए रवाना हो रहे हैं.
गुंडी चौक और आसपास के इलाक़ों में मोबाइल फ़ोन सेवाएं बाधित होने की ख़बरें हैं, जिससे लोगों से संपर्क करने में दिक्कत आ रही है.
अपर साउथ वज़ीरिस्तान में पुलिस ने पीटीआई कार्यकर्ताओं के एक काफ़िले को रोकने की कोशिश की. रिपोर्ट्स के मुताबिक़, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस्लामाबाद मार्च में शामिल होने के लिए मकीन क्षेत्र से निकला काफ़िला भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण आगे नहीं बढ़ सका.
गृहमंत्री नक़वी ने पेशावर पहुंचकर चेताया
लॉन्ग मार्च निकाले जाने के बीच गृह मंत्री मोहसिन नक़वी पेशावर पहुंचे और गवर्नर हाउस में गवर्नर फ़ैसल करीम कुंदी से मुलाक़ात की.
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने कहा है कि सरकार और पीटीआई के बीच बातचीत समाप्त हो चुकी है.
लाहौर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान मोहसिन नक़वी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी की जान जाती है तो इसकी ज़िम्मेदारी सुहैल अफ़रीदी पर होगी.
दूसरी ओर, पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा ने दावा किया कि बातचीत विफल होने की मुख्य वजह यह थी कि सरकार चाहती थी कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा सरकार प्रांत में आतंकवाद-रोधी अभियानों और उपायों का समर्थन करे.