अभिनेता राजपाल यादव ने बुधवार को अपने चेक बाउंस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर ख़ुद अपनी बात रखी.
बार एंड बेंच के मुताबिक़, "इस दौरान चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत के साथ उनकी लंबी बातचीत हुई. यादव ने अपनी फ़िल्म 'अता पता लापता' से हुए आर्थिक नुक़सान, अपने करियर और क़रीब 16 साल से चले आ रहे विवाद के बारे में बात की."
सुनवाई के दौरान सीजेआई ने उनसे पूछा कि 'कुछ नया बना रहे हैं या नहीं?'
राजपाल यादव ने कहा, ''सर, प्रणाम करता हूं. दो-ढाई सौ फ़िल्में की हैं. पिछले 13 साल में दो-ढाई सौ करोड़ रुपये का नुक़सान भी कर चुका हूं. 'अता पता लापता' में मेरे 17 करोड़ रुपये डूब गए.''
यादव ने चीफ़ जस्टिस की पीठ से बातचीत के दौरान कहा, "जब चाहें, जहां भेज दें, मैं तैयार हूं. लेकिन कुल 22 करोड़ रुपये थे. एक रुपया भी नहीं कमाया. फ़िल्म एक थिएटर में भी रिलीज नहीं हो पाई."
राजपाल यादव ने 1.15 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट अदालत में जमा किए, जिन्हें कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया गया.
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अभिनेता राजपाल यादव के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने बकाया राशि चुकाने के लिए अपनी पैतृक संपत्ति बेचने की बात कही थी.
राजपाल यादव के वकील ने आज अदालत को बताया कि उनके पास 1.15 करोड़ रुपये हैं, जिन्हें वह तुरंत भुगतान करने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा, राजपाल यादव की पैतृक संपत्ति का एक खरीदार, जो अदालत में मौजूद थे, वो 85 लाख रुपये अग्रिम राशि के रूप में देने के लिए तैयार हैं.