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#FarmersProtest किसान-सरकार के बीच बैठक बेनतीजा ख़त्म, अगली बातचीत 9 दिसंबर को
किसान नए कृषि क़ानूनों को वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं. पाँचवें दौर की बैठक में किसान नेताओं ने 'हाँ' या 'ना' की तख्तियाँ लिए पूछा सरकार का फ़ैसला.
लाइव कवरेज
किसान आंदोलन: सरकार और किसानों के बीच बातचीत की नई तारीख़
बीबीसी इंडिया बोल
किसान पंजाब में महीनों से प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन तब उनकी बात न सरकार ने सुनी और न ही मीडिया ने उन पर गंभीरता से ध्यान दिया.
अब पंजाब के किसान पिछले 10 दिनों से दिल्ली बॉर्डर पर जमे हुए हैं और भारत बंद की बात भी कर चुके हैं.
तो क्या सड़क जाम करना ही अपनी माँगें मनवाने का एकमात्र विकल्प है? बीबीसी इंडिया बोल में चर्चा इसी विषय पर.
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुफ्त फोन करें 1800-11-7000 या 1800-102-7001 पर.
पंजाबी सिंगर्स ने किसानों के लिए गीत गाए
हरियाणा-दिल्ली के बीच सिंघू बॉर्डर पर जानेमाने सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ ने प्रदर्शनकारी किसानों को संबोधित करते हुए कहा है कि किसानों ने नया इतिहास रच दिया है.
वहां उनके साथ कुछ अन्य पंजाबी सिंगर्स ने किसानों की मांगों के साथ समर्थन जताते हुए गीत गाए.
सरकार से बातचीत के बाद क्या बोले किसान नेता
किसानों और सरकार के बीच 9 दिसंबर को फिर होगी बातचीत
समाचार एजेंसी एनएनआई के मुताबिक, दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार और किसानों के नेताओं के बीच शनिवार की बातचीत में ये तय हुआ है कि दोनों पक्षों के बीच अगले दौर की बातचीत अब 9 दिसंबर को होगी.
समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि सरकार ने 9 दिसंबर को फिर बैठक की पेशकश की है और किसान यूनियनों से समय मांगा है ताकि आगे की बातचीत के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किया जा सके.
विज्ञान भवन से बाहर निकले किसान नेताओं के मुताबिक, केंद्र सरकार का कहना है कि वो उन्हें 9 दिसंबर को एक प्रस्ताव भेजेगी. उस प्रस्ताव पर किसानों के बीच चर्चा के बाद उसी दिन बैठक में हिस्सा लिया जाएगा.
इसबीच ख़बरें मिल रही हैं कि किसान विरोधी क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने के लिए और किसान दिल्ली की तरफ़ आ रहे हैं.
विज्ञान भवन की मीटिंग में किसानों का 'साइलेंट प्रोटेस्ट'
दिल्ली के विज्ञान भवन में शनिवार को किसान नेताओं और सरकार के बीच बातचीत में अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है.
बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के मुताबिक, ''बैठक में मौजूद किसान नेता ने बताया है कि सरकार की तरफ से पुरानी बातें दोहराई जा रही हैं, अब हमारी तरफ से कोई बातचीत नहीं होगी और इस तरह किसान बैठक में 'साइलेंट प्रोटेस्ट' कर रहे हैं.''
वामदलों ने पुतला जलाया
किसानों के आंदोलन के समर्थन और केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ झारखंड की राजधानी राँची में वामदलों ने पुतला दहन किया.
किसान नेता और सरकार: विज्ञान भवन से बीबीसी हिंदी लाइव
'सरकार पुरानी बातें दोहरा रही है, अब हमारी तरफ़ से कोई बात नहीं होगी'
दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार के साथ बातचीत कर रहे किसान नेताओं ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज पाशा को बताया है कि 'सरकार पुरानी बातें दोहरा रही है, अब हमारी तरफ़ से कोई बात नहीं होगी'.
वहीं हरियाणा-दिल्ली के बीच सिंघू बॉर्डर पर जानेमाने सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ ने प्रदर्शनकारी किसानों को संबोधित करते हुए कहा है कि किसानों ने नया इतिहास रच दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, 'दिलजीत दोसांझ ने कहा, केंद्र से हमारा एक ही आग्रह है...प्लीज़ हमारे किसानों की मांगें पूरी करो. यहां हर कोई शांतिपूर्ण तरीक से बैठा है और पूरा देश किसानों के साथ है.'
'सरकार हमारी मांगों पर फ़ैसला करे वरना हम मीटिंग छोड़कर चले'
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्र सरकार के साथ प्रदर्शनकारी किसानों के नेताओं बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा है कि 'सरकार को उनकी मांगों पर फ़ैसला करना चाहिए, वरना हम मीटिंग छोड़कर चले जाएंगे.'
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बैठक में सरकार ने कहा कि वो पंजाब के किसानों की भावनाएं समझती है और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार है.
इससे पहले, किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से कहा कि वो पिछली बैठक के बारे में बिंदुवार जवाब दे. सरकार ने इस पर सहमति जताई.
बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से कहा कि उन्हें समाधान चाहिए, सरकार की प्रतिबद्धता चाहिए.
किसान नेताओं का कहना है कि वो इस बारे में और चर्चा नहीं करना चाहते और ये जानना चाहते हैं कि सरकार ने किसानों की मांग के बारे में क्या फ़ैसला किया है.
विज्ञान भवन में दोनों पक्ष शनिवार को दूसरी बार बैठक कर रहे हैं. इससे पहले गुरुवार को दोनों पक्षों में बातचीत हुई थी जो किसी नतीजे पर नहीं पहुंची थी.
प्रदर्शनकारी किसानों की मांग है कि 'किसान विरोधी काले क़ानून' वापस लिए जाएं.
दस दिसंबर को संसद की नई इमारत की आधारशिला रखेंगे पीएम मोदी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दस दिसंबर को संसद की नई इमारत की आधारशिला रखेंगे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लोकसभा अध्यक्ष ने कहा है कि संसद की नई इमारत भूकंप के झटकों से पूरी तरह सुरक्षित होगी और इसके निर्माण की अनुमानित लागत 971 करोड़ रूपये होगी.
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा है कि 64,500 वर्ग मीटर में बनने वाली इस इमारत के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को दिया गया है.
लोकसभा अध्यक्ष का कहना है कि संसद की नई इमारत आत्मनिर्भर भारत का एक ऐसा मंदिर होगा जिसमें राष्ट्र की विविधता की झलक देखने को मिलेगी. उन्होंने कहा कि नई इमारत मौजूदा संसद भवन से 17 हज़ार वर्ग मीटर अधिक बड़ी होगी.
सरकार ने यदि मांगें नहीं मानीं तो क्या करेंगे किसान
उधर बातचीत, इधर इंतज़ार
बीबीसी संवाददाता पीयूष नागपाल टिकरी बॉर्डर पर मौजूद हैं और उन्होंने वहाँ किसान प्रदर्शनकारियों से बात की.
किसानों का कहना है कि वो आज विज्ञान भवन में हो रही बातचीत को लेकर आशान्वित हैं.
किसान प्रदर्शनकारी साफ़-सफ़ाई कर रहे हैं, खाना पका रहे हैं और आज की बैठक के नतीजों का इंतज़ार कर रहे हैं.
सभी तस्वीरें: पीयूष नागपाल
किसानों के समर्थन में बिहार में विपक्ष ने किया एक घंटे का अनशन
नीरज प्रियदर्शी, पटना से
नए कृषि बिलों का विरोध अब बिहार में भी पहुंच चुका है. आंदोलनरत किसानों के समर्थन में यहां से भी आवाजें उठनी शुरू हो गई हैं.
पहले केवल वाम दलों ने ही सड़क पर निकलकर इसका विरोध जताया था, मगर अब बिहार विधानसभा के विपक्षी महागठबंधन ने भी मोर्चा खोल दिया है.
शनिवार की सुबह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के शीर्ष नेताओं ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ पटना के गांधी मैदान के बाहर अनशन किया.
हालांकि विपक्ष का अनशन और धरना प्रदर्शन गांधी मैदान के अंदर होना था, मगर कोविड 19 के कारण लागू नियमों की वजह से स्थानीय प्रशासन से अनुमति नहीं मिल पाई.
सुबह 10 बजे से जुटे विपक्ष के कार्यकर्ताओं ने मैदान में प्रवेश की कई बार अनुमति मांगी, आखिर में वे दरी बिछाकर कर गेट पर ही बैठ गए और अनशन शुरू कर दिया.
दोपहर के लगभग 12 बजे अनशन में शामिल होने पहुंचे तेजस्वी यादव भी कुछ देर तक अपने समर्थकों के साथ गांधी मैदान के गेट पर ही बैठे रहे. बाद में प्रशासन ने उन्हें केवल कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मैदान के अंदर गांधी प्रतिमा के पास जाने की इजाज़त दी.
गांधी प्रतिमा के पास महागठबंधन के अन्य नेताओं के साथ तेजस्वी ने संकल्प लिया, "जब तक केंद्र सरकार काले कानून को वापस नहीं लेती, महागठबंधन किसानों के हितों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ा रहेगा."
'सरकार बताए किसानों की मांग पर क्या फ़ैसला किया है?'
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली के विज्ञान भवन में पांचवें दौर की बातचीत के दौरान किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से कहा कि उन्हें समाधान चाहिए, सरकार की प्रतिबद्धता चाहिए.
किसान नेताओं का कहना है कि वो इस बारे में और चर्चा नहीं करना चाहते और ये जानना चाहते हैं कि सरकार ने किसानों की मांग के बारे में क्या फ़ैसला किया है.
बैठक के लिए खाना-पानी साथ लेकर आए हैं किसान
विज्ञान भवन में पांचवे दौर की बातचीत के दौरान एक कार सेवा वाहन पहुंचा जिसमें किसान नेताओं के लिए खाने का सामान है.
चौथे दौर की बातचीत के दौरान भी किसान नेताओं ने सरकारी खानपान की जगह अपने साथ लाया खाना खाया था.
सरकार पिछली बैठक के बारे में बिंदुवार जवाब दे: किसान नेता
दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रदर्शनकारी किसानों के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच 5वें दौर की बातचीत चल रही है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, किसान नेताओं ने केंद्र सरकार से कहा है कि वो पिछली बैठक के बारे में बिंदुवार जवाब दे. सरकार ने इस पर सहमति जताई है.
किसानों के समर्थन में कोलकाता में भी प्रदर्शन