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ईरानी हमले में किसी अमरीकी को कोई नुक़सान नहीं: ट्रंप

इराक़ में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी अमरीकी या इराक़ी को कोई नुक़सान नहीं हुआ.

लाइव कवरेज

  1. क्या ईरान नहीं चाहता था कि कोई अमरीकी सैनिक हताहत हो?

    ईरानी सैन्य कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी की अमरीकी हवाई हमले में हुई मौत का बदला लेने के लिए ईरान ने इराक़ स्थित अमरीकी बेस पर मिसाइल दाग़े. इन हमलों में कोई भी अमरीकी या इराक़ी सैनिक नहीं मारा गया. अब इस बारे में बहस हो रही है कि क्या ईरान जानबूझकर नहीं चाहता था कि इन हमलों में कोई अमरीकी सैनिक मारा जाए. अमरीकी और यूरोप के सरकारी सूत्रों ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया है कि उनको विश्वास है कि ईरान ने जानबूझकर इस तरह से हमला किया है कि कोई अमरीकी सैनिक नहीं मारा जाए. उनके अनुसार ईरान नहीं चाहता है कि मौजूदा संकट कंट्रोल से बाहर हो जाए और उनका इरादा भी पता चल जाए. सीएनएन के पत्रकार जेक टैपर ने पेंटागन के एक सूत्र के हवाले से कहा है कि ईरान ने जानबूझकर ऐसा टारगेट चुना था जिससे कोई जानी नुक़सान न हो. लेकिन बीबीसी रक्षा संवाददाता जोनाथन मार्कस के अनुसार अभी ये साफ़ नहीं है कि ईरान ने ऐसा जानबूझकर किया है या ुउनके मिसाइलों में कोई कमी थी. मार्कस के अनुसार सैटेलाइट तस्वीरों से साफ़ पता चलता है कि अमरीकी बेस में कई इमारतों को नुक़सान पहुंचा है इसलिए अगर जानी नुक़सान नहीं हुआ है तो ये किसी रणनीति का भी हिस्सा हो सकता है और महज़ इत्तेफ़ाक़ भी.

  2. अमरीकियों के गाल पर थप्पड़: ख़ामेनेई

    ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह ख़ामेनेई ने अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमले को अमरीकियों के गाल पर थप्पड़ क़रार दिया है. ख़ामेनेई ने कहा कि मध्य-पूर्व से अमरीकी सैनिकों को समाप्त करना बहुत ज़्यादा ज़रूरी है.

  3. ट्रंप के भाषण को अमरीकी मीडिया ने कैसे किया कवर

    न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार ने ट्रंप के भाषण पर सुर्ख़ी लगाई है, ''ईरान के साथ और सैन्य संघर्ष से पीछे हटे ट्रंप.''

    वहीं वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा है, ''ट्रंप ने कहा ईरान के मिसाइल हमले में कोई अमरीकी नहीं हुआ हताहत.''

    वॉल स्ट्रीट जर्नल ने सुर्ख़ी लगाई है, ''ईरान के हमले के बाद ट्रंप ने और सैन्य हमले के संकेत नहीं दिए.''

  4. ट्रंप और बोरिस जॉनसन के बीच बातचीत

    ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से बातचीत की है. व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि की है. व्हाइट हाउस के अनुसार दोनों नेताओं ने मध्य-पूर्व के मौजूदा हालात पर बातचीत की और दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों को ध्यान में रखते हुए साथ मिलकर काम करने पर सहमति जताई. ब्रिटेन के विदेश मंत्री भी अमरीकी विदेश मंत्री से मिलने वाले हैं.

  5. ट्रंप के भाषण की मुख्य बातें

    इराक़ स्थित अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमले के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित किया. दस से भी कम मिनटों में ट्रंप ने ईरान, जनरल सुलेमानी, परमाणु क़रार वग़ैरह का ज़िक्र किया.

    पढ़ें उनके भाषण की पाँच मुख्य बातें.

    -इन हमलों में कोई भी अमरीकी सैनिक या इराक़ी सैनिक नहीं मारा गया और न हो कोई ज़ख़्मी हुआ. सैन्य ठिकाने को मामूली नुक़सान हुआ है.

    -ट्रंप ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि ईरान पीछे हट रहा है जो पूरी दुनिया के लिए अच्छी बात है.

    -अमरीका ईरान पर और सख़्त पाबंदियां लगा रहा है.

    -ट्रंप ने कहा कि जब तक वो अमरीका के राष्ट्रपति हैं, ईरान कभी भी परमाणु शक्ति संपन्न देश नहीं बन सकता है.

    -ट्रंप ने ब्रिटेन, फ़्रांस, जर्मनी, रूस और चीन से आग्रह किया है कि वो 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग हो जाएं.

  6. हम सैन्य ताक़त का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं: ट्रंप

    ट्रंप ने ईरान को संबोधित करते हुए कहा, ''ईरान को अपने परमाणु इच्छा और आतंकवादियों के लिए समर्थन को समाप्त करना होगा.''

    ट्रंप ने रूस, चीन, फ्रांस और जर्मनी से आग्रह किया कि वो ईरान के साथ परमाणु समझौता ख़त्म कर दें. उन्होंने कहा कि अमरीका मध्यपूर्व में तेल के पीछे नहीं है. ट्रंप का कहना था, ''अमरीका ख़ुद दुनिया में सबसे ज़्यादा तेल उत्पादन करने वाला मुल्क है. अमरीका आर्थिक और सैन्य तौर पर स्थिर है.''

    ट्रंप ने सैन्य ताक़त के इस्तेमाल को ख़ारिज करते हुए कहा, ''अमरीका दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताक़त है लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि हम उन्हें इस्तेमाल करें. हम उन्हें इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं.''

  7. सुलेमानी को बहुत पहले ही मार दिया जाना चाहिए था: ट्रंप

    अमरीकी हमले में मारे गए ईरानी सैन्य कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी के बारे में ट्रंप ने कहा, ''सुलेमानी ने हिज़्बोल्लाह समेत दहशतगर्दों को प्रशिक्षण दिया, क्षेत्र में गृह युद्ध करवाया, अमरीकी दूतावास पर हमले करवाया. वो अमरीकियों के ख़िलाफ़ नए हमले की तैयारी कर रहे थे. हमने उन्हें रोक दिया. उन्हें बहुत पहले ही मार दिया जाना चाहिए था.''

  8. ईरान के ख़िलाफ़ सख़्त पाबंदियां तब तक जारी रहेंगी जब तक वो अपना रवैया नहीं बदलता: ट्रंप

    इराक़ में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमलों की तफ़्सीली जानकारी देते हुए ट्रंप ने कहा, ''मैं ये बताते हुए बहुत ख़ुश हूं कि कोई अमरीकी नहीं मारा गया. सैन्य ठिकाने को मामूली नुक़सान हुआ है.''

  9. सुलेमानी के हाथ ख़ून से रंगे हुए थे: ट्रंप

    ट्रंप ने कहा कि ईरान दहशतगर्दी का बहुत बड़ा समर्थक रहा है और इस देश ने 'सभ्य देशों' को धमकाया है.

  10. इराक़ में हमारे सारे सैनिक सुरक्षित: ट्रंप

    ईरान के मिसाइल हमले पर राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सैनिक सुरक्षित हैं और किसी भी अमरीकी नागरिक का कोई नुक़सान नहीं हुआ.

  11. राष्ट्र को संबोधित करने जा रहे हैं ट्रंप

    इराक़ में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के हमले के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अभी थोड़ी देर में राष्ट्र को संबोधित करेंगे.

  12. पाकिस्तानी विदेश मंत्री जाएंगे यूएस, ईरान और सऊदी अरब

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ट्वीट कर कहा है, ''मैंने अपने विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी से ईरान, सऊदी अरब और अमरीका का दौरा कर उनके विदेश मंत्रियों से मिलने के लिए कहा है. हमारे आर्मी प्रमुख जनरल बाजवा इन देशों के सेना प्रमुखों से बात करेंगे और संदेश देंगे कि पाकिस्तान शांति बहाल करने में अपनी भूमिका अदा करने के लिए तैयार लेकिन किसी भी तरह की जंग का हिस्सा नहीं बनेगा.''

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, तुर्की ने अमरीका और ईरान को चेताया

    तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने मध्य-पूर्व में हालिया तनाव को लेकर पड़ोसी देश ईरान और नेटो सहयोगी अमरीका को चेताया है.

    अर्दोआन ने कहा कि तुर्की नए टकराव को रोकने के लिए हर कोशिश करेगा. अर्दोआन ने कहा, ''इस संवेदनशील वक़्त में जब युद्ध के नगाड़े पीटे जा रहे हैं, ऐसे में हम तनाव कम करने की हर कोशिश करेंगे. हम सभी डिप्लोमैसी चैनल का इस्तेमाल करेंगे. किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि पूरे इलाक़े और ख़ास करके इराक़ को आग के हवाले कर दे. तुर्की नहीं चाहता है कि यह इलाक़ा छद्म युद्ध का अखाड़ा बने. हमारे विदेश मंत्री गुरुवार को इराक़ जाएंगे.''

  14. ईरान में हमले पर क्या बोला इराक़?

    इराक़ी संसद के स्पीकर मोहम्मद अल-हलबौसी ने कहा है कि इराक़ की सरकार के पास यह अधिकार है कि अपनी संप्रभुता बचाए और युद्ध के अखाड़ा बनने से रोके.

    उन्होंने इराक़ की सभी पार्टियों से विवेक से काम लेने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि ईरान का इराक़ में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमला उनके मुल्क की संप्रभुता का उल्लंघन है.

    मोहम्मद अल-हलबौसी ने कहा, ''इराक़ की संप्रभुता बचाने के लिए सरकार को ज़रूरी क़दम उठाने चाहिए. इराक़ को बेवजह युद्ध का अखाड़ा बनाया जा रहा है. हम इस टकराव में कोई पार्टी नहीं हैं.''

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, मलेशियाई पीएम ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की

    मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा है कि अमरीका की ओर से ईरानी सैन्य कमांडर क़ासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद मुस्लिम देशों को एकजुट हो जाना चाहिए. महातिर मोहम्मद दुनिया के सबसे बुज़ुर्ग प्रधानमंत्री हैं.

    उनकी उम्र 94 साल हो रही है. महातिर ने कहा कि अब वक़्त आ गया है कि सभी मुस्लिम देश एकजुट हो जाएं. उन्होंने कहा कि इस्लामिक देश निशाने पर लिए जा रहे हैं और असुरक्षा बढ़ रही है. ईरान पर प्रतिबंधों के बावजूद मलेशिया के अच्छे संबंध हैं. एक अनुमान के मुताबिक़ मलेशिया में 10 हज़ार ईरानी नागरिक रहते हैं.

  16. क्या ईरान ने बड़ा दांव खेल दिया है?

    कई विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का फ़ैसला एक बड़ा दाँव है. यूनिवर्सिटी ऑफ ओटावा में ईरान मामलों के प्रोफ़ेसर थॉमस जुनेआउ ने कहा, ''ईरान का यह मूल्यांकन है कि ट्रंप मध्य-पूर्व में कोई व्यापक जंग में नहीं फंसना चाहते हैं. ऐसे में ईरान बहुत ही चतुराई से फ़ैसला कर रहा है. यह कहना मुश्किल है कि ईरान के इस दाँव को अप्रत्याशित फ़ैसला करने वाले ट्रंप कैसे लेते हैं.''

    रान के 22 मिसाइल दागे जाने के बावजूद किसी का ज़ख़्मी तक नहीं होना ये बताता कि उसका लक्ष्य किसी को मारना नहीं था.

  17. ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान कोई पार्टी नहीं बनेगा: क़ुरैशी

    पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने बुधवार को कहा कि मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव से किसी का भला नहीं होगा. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि जंग किसी के भी हक़ में नहीं है.

    क़ुरैशी ने कहा कि अगर जंग हुई तो वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी. क़ुरैशी ने यह भी साफ़ कर दिया है कि क्षेत्रीय टकराव में पाकिस्तान कोई पार्टी नहीं बनेगा.

    उन्होंने कहा, ''क़ासिम सुलेमानी को मारने का असर ओसामा बिन लादेन और इस्लामिक स्टेट प्रमुख अबु बकर अल-बग़दादी की मौत से भी ज़्यादा होगा. पाकिस्तान किसी भी तरह की एकतरफ़ा कार्रवाई का समर्थन नहीं करेगा. मध्य-पूर्व का तनाव बहुत ही गंभीर है.''

    क़ुरैशी ने कहा कि यूएन चार्टर के हिसाब से किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान होना चाहिए. उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान अपनी ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा. हम इस मामले में कोई पार्टी नहीं बनेंगे.''

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, इराक़ ने कहा कि ईरानी हमले से कोई हताहत नहीं हुआ

    इराक़ की सेना के अनुसार ईरान ने इराक़ में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर कुल 22 मिसाइलें दागी थीं. इराक़ की सेना का कहना है कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है. ईरान ने जब हमले की पुष्टि की उसके कुछ घंटे बाद ही इराक़ की तरफ़ से बयान आया था.

  19. ब्रिटेन क्या बोला?

    ब्रिटेन ने इराक़ में अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमले की निंदा की है. इराक़ में ब्रिटेन के भी सैनिक मौजूद हैं. ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने कहा, ''गठबंधन सैन्य ठिकानों पर ईरान का हमला स्वीकार्य नहीं है. हम ईरान से अनुरोध करते हैं कि वो दोबारा इस तरह का हमला न करे.''

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, जापान क्या बोला

    जापान ने भी दोनों देशों से तनाव कम करने का आग्रह किया है. जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे इसी महीने सऊदी अरब, यूएई और ओमान जाने वाले थे लेकिन कहा जा रहा है कि वो तीनों देशों की यात्रा टाल सकते हैं. जापान कैबिनेट के प्रवक्ता योशिहिदे सुगा ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार इस मामले में समन्वय करने की कोशिश करेगी. जापान ने ये भी कहा कि राजनयिक कोशिशों को ज़रिए तनाव को कम करना चाहिए. जापान खाड़ी में पोत भेज रहा है ताकि जापानी पोतों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.