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तीन तलाक़ को चुनौती देने वालीं अतिया
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एक दिन अतिया साब्री के भाई के दफ़्तर में एक एफ़िडेविट आया, तब उन्हें पता चला कि उनका तलाक़ हो गया है. दस रुपए के स्टैंप पेपर के आख़िर में लिखा था, 'तलाक़ तलाक़ तलाक़'.
अतिया पूछती हैं, "शरिया में लिखा है कि निक़ाह तभी पूरा होता है जब दोनों लोगों में बातचीत से सहमति बने, तो फिर तलाक़ एक इंसान अकेले देकर कैसे छुट्टी पा सकता है?"