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'वो मुझे मूर्ख कहते थे, मेरे पास नहीं बैठते थे'
ये हैं मुक्ता उगले. 9 साल की उम्र में मुक्ता हिंगोली ज़िले के अपने गांव से ठाणे पढ़ाई के लिए आई थीं.
वो कहती हैं कि शुरुआत में स्कूल में उनके पास कोई नहीं बैठता था. मुक्ता कहती हैं, ''मैं बहुत-सी बातें समझ नहीं पाती थी इसलिए वो मुझे मूर्ख कहते थे. मैं क्लास में सबसे आखिर की बेंच पर बैठती थी.''
लेकिन अब मुक्ता बताती हैं कि जब वो अच्छे मार्क्स हासिल करने लगीं तो उनके साथ पढ़ने वाले उनसे बात करने लगे. मुक्ता के गांव में लड़कियों को शिक्षा से दूर रखा जाता है. उनकी जल्दी शादी करा दी जाती है, इससे मुक्ता निराश हैं. अब मुक्ता अपनी पढ़ाई पूरी कर इतिहास की शिक्षक बनना चाहती हैं.
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