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सोशल: 'दिल्ली में जॉब अलर्ट- 20 नई नौकरियां आने वाली हैं'
दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को लाभ के पद के मामले में आयोग्य क़रार दिया गया है. इसके बाद से ही दिल्ली की सियासत गर्मा गई है.
कांग्रेस, बीजेपी और 'आप' से अलग हुए नेता इस फ़ैसले का अपना-अपना अर्थ निकाल रहे हैं. वहीं, आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है.
वहीं, यह मामला मीडिया में आते ही सोशल मीडिया पर भी छा गया है. लोग अपने ही अंदाज में इस मसले पर बात कर रहे हैं जिनमें से कुछ ट्वीट हम आप तक पहुंचा रहे हैं.
यूजर 'आदित्य तिवारी' ने ट्वीट किया, ''राष्ट्रपति के 20 आप एमएल को अयोग्य करार देने की सिफ़ारिश पर हस्ताक्षर करने के बाद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया.''
एक अन्यू यूजर 'शीला सिंह' ने लिखा, ''राष्ट्रपति जी आज संडे को भी खूब काम कर रहे हैं. पूरे गुण मोदी जी की तरह हैं कि लोकतंत्र बर्बाद हो जाये बस हम भाजपा के लिए ही काम करेंगे.''
यूजर ''एनॉनिमस'' ने ट्वीट किया, ''राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद आप के 20 एमएलए अयोग्य. इस दौरान केजरीवाल यहां हैं.''
'सौरभ शर्मा' ने लिखा है, ''राष्ट्रपति की स्वीकृति: दिल्ली विधानसभा के 20 एमएलए अयोग्य #जॉब अलर्ट:- 20 नई नौकरियां आने वाली हैं.''
यूजर 'आदित्य तिवारी' ने एक तस्वीर के साथ ट्वीट किया, ''20 एमएलए को अयोग्य करार देने वाले राष्ट्रपति कोविंद के आदेश की कॉपी मिलने पर किम जोंग केजरीवाल.''
एक और यूजर 'अजीत पानिगढ़ी' ने लिखा है, ''पहले ये कहते थे कि राजनेता बिके हुए हैं (सही हो सकता है), फिर कहते थे न्यायालय बिका हुआ है, फिर कहा चुनाव आयोग बिका हुआ है... अब क्या कहेंगे कि राष्ट्रपति बिके हुए हैं?''
यूजर 'नदीम राम अली' ने ट्वीट किया है, ''भाजपा के चुनाव आयोग द्वारा 20 आप एमएल को अयोग्य घोषित करने के बाद आज भाजपा के राष्ट्रपति ने भी उन्हें अयोग्य घोषित किया.''
आगे क्या होगा
विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की सिफ़ारिश चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति से की थी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने इसके बारे में अधिसूचना जारी की है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था, जो लाभ का पद है. ज़ाहिर है राष्ट्रपति की इस मंज़ूरी के बाद दिल्ली की इन 20 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराना होगा.
70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के 66 विधायक थे. मतलब 20 विधायकों की सदस्यता रद्द हो जाने के बावजूद आम आदमी पार्टी के पास 40 विधायक रहेंगे जो कि सामान्य बहुमत से पांच ज़्यादा है.
हालांकि, इसके बावजूद बीजेपी और कांग्रेस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा मांगा है.
इस मामले में आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि वो इस फ़ैसले को अदालत में चुनौती देंगे.
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