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19 साल के किलियन एमबापे, जो मेसी और रोनाल्डो का ताज 'छीन' रहे हैं
रविवार को मॉस्को में खेले गए विश्व कप फ़ाइनल में जब फ़्रांस ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया तो उसमें 19 साल के फ़ॉरवर्ड किलियान एमबापे का गोल भी शामिल था.
फ़्रांस की तरफ़ से मैच में चौथा गोल करने के साथ ही एमबापे के नाम एक उपलब्धि भी जुड़ गई. वह फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में गोल करने वाले दूसरे टीनेजर बन गए हैं.
उनसे पहले 1958 के विश्व कप फ़ाइनल में पेले ने गोल किया था. उस समय पेले की उम्र 18 साल थी और उस मैच में उनके दो गोलों की मदद से ब्राज़ील ने स्वीडन को 5-2 से हराया था.
पेले ने इस उपलब्धि के लिए ट्वीट करके एमबापे को बधाई भी दी है.
बचपन से ही प्रतिभावान
रूस में हुए इस वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में एमबापे ने चार गोल दागे. वह सबसे ज़्यादा गोल करने वाले टॉप तीन खिलाड़ियों में तो शामिल नहीं हैं, मगर उन्हें फ़ीफा यंग प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट का ख़िताब मिला है यानी उन्हें विश्वकप का सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी चुना गया है
आज उनकी प्रतिभा और क्षमता का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है, लेकिन किलियान एमबापे बचपन से ही प्रभावित करनेवाले शख़्स रहे हैं.
20 दिसंबर 1998 को फ़्रांस की राजधानी पेरिस में जन्मे एमबापे के पिता विल्फ़्राइड मूलत: कैमरून से हैं. वह फ़ुटबॉल कोच हैं और एमबापे के एजेंट भी. एमबापे की मां फ़ाएजा लमारी अल्जीरिया से हैं. वह हैंडबॉल की खिलाड़ी रह चुकी हैं.
एमबापे ने अपने करियर की शुरुआत पेरिस के फ़ुटबॉल क्लब एएस बॉन्डी से की थी, जहां पर उनके पिता विल्फ़्राइड भी कोच थे. यहां एमबापे ने एक अन्य कोच एन्टोनियो रिकार्डी से भी कोचिंग ली थी.
एमबापे के बारे में रिकॉर्डी ने बीबीसी से कहा था, "एमबापे उस समय छह साल के थे जब मैंने पहली बार उन्हें कोचिंग दी. उसी वक्त महसूस हुआ था कि वह कुछ अलग हैं. वह बाकी बच्चों से बढ़कर थे."
रिकॉर्डी ने एमबापे की प्रतिभा के बारे में बताया, "उनकी ड्रिबलिंग कमाल की थी और वह बाकियों से काफ़ी तेज़ भी थे. मैंने यहां पर 15 साल कोचिंग दी है और इस दौरान मैंने उनसे बेहतर और कोई खिलाड़ी नहीं देखा. पेरिस में वैसे तो बहुत सारी प्रतिभाएं हैं, मगर उनके जैसी कोई नहीं. वो सर्वश्रेष्ठ हैं."
दुनिया हुई मुरीद
एएस बॉन्डी के बाद एमबापे क्लेयरफोन्टेन अकादमी में चले गए थे. बाद में उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें कई फ्रांसीसी क्लबों, रियाल मैड्रिड, चेल्सी, लिवरपूल और मैनचेस्टर सिटी तक ने साइन करने की कोशिश की थी.
फ़ुटबॉल क्लबों में उन्हें साइन करने को लेकर किस तरह की होड़ रहती है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया के दूसरे सबसे महंगे एसोसिएशन फ़ुटबॉल ट्रांसफ़र का रिकॉर्ड भी एमबापे के नाम है.
इसी साल 135 मिलियन यूरो में उनका ट्रांसफ़र मोनाको से फ़्रांसीसी क्लब पैरिस सेंट जर्मेन के लिए हुआ था.
जर्मनी के पूर्व स्ट्राइकर औऱ मैनेजर जर्गन क्लिन्समन कहते हैं, "अभी तो एमबापे की ओर से और बहुत कुछ आना बाकी है. उन्होंने मार्केट को हिलाकर रख दिया है."
सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का ताज
33 साल के रोनाल्डो और 31 साल के मेसी को पिछले एक दशक से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है. फ़ुटबॉल के पिछले 10 प्रतिष्ठित बैलन डोर अवॉर्डों का बंटवारा उन्हीं के बीच हुआ है.
मगर इंग्लैंड के पूर्व डिफ़ेंडर रियो फ़र्डिनेंड कहते हैं, "लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का ताज फ़्रांस के टीनेजर काइलियान एमबापे को सौंप रहे हैं."
मैनचेस्टर युनाइटेड के लिए खेल चुके फ़र्डिनेंड कहते हैं, "आने वाले कई सालों तक एमबापे बैलन डोर के मंच पर दिखाई देंगे."
फ़र्डिनेंड कहते हैं कि एमबापे में उम्र से ज़्यादा परिपक्वता दिखाई देती है. वहीं जर्मनी के पूर्व स्ट्राइकर क्लिन्समन कहते हैं कि एमबापे को देखकर ऐसा लगता है मानो वह 10 साल से फ़्रांस की टीम में खेल रहे हों.
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