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श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच विनर बनीं दीप्ति शर्मा, जिन्होंने वर्ल्ड कप के लिए छोड़े 43 लाख रुपए
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 6 मिनट
भारत ने आईसीसी महिला वनडे विश्व कप में श्रीलंका के ख़िलाफ़ जीत से अपने अभियान की शुरुआत की है. इस जीत में भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने सुर्खियां बटोरीं.
दीप्ति शर्मा ने पहले लड़खड़ाती नज़र आ रही भारतीय पारी को अपने अर्धशतक से मज़बूती दी. एक समय भारत का स्कोर 124 रन पर छह विकेट था, ऐसे परिस्थिति में दीप्ति ने 53 रनों की पारी खेली.
बाद में दीप्ति शर्मा ने अपनी फिरकी गेंदबाज़ी से मैच को भारत के पक्ष में मोड़ दिया.
भारत को जब जीत के लिए श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू के विकेट की ज़रूरत थी, तो उन्होंने यह विकेट चटकाया. शर्मा ने 10 ओवरों में 54 रन देकर 3 विकेट लिए.
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दीप्ति शर्मा की स्पिन गेंदबाज़ी तो लाजवाब रही है लेकिन उन्होंने पिछले कुछ सालों में अपनी बल्लेबाज़ी पर मेहनत करके ख़ुद को बेहतरीन महिला ऑलराउंडरों की लिस्ट में शामिल कर लिया है.
वह मौजूदा आईसीसी महिला ऑलराउंडर रैंकिंग में चौथे नंबर पर हैं. वहीं गेंदबाज़ी रैंकिंग में वह पांचवें नंबर पर हैं.
'मैच का टर्निंग प्वाइंट'
अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के कारण प्लेयर ऑफ़ द मैच बनने के बाद दीप्ति ने कहा, "अमनजोत के साथ मेरी साझेदारी इस मैच में टर्निंग प्वाइंट बनी. हमने योजना बनाई थी कि विकेट पर लंबे समय तक टिककर खेलना है. हम दोनों ने इसे अंजाम दिया. इस पारी के दौरान हमारे ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं था, क्योंकि इस तरह की परिस्थितियों में हम पहले भी खेल चुके हैं."
तीन विकेट के साथ दीप्ति ने अपने अंतरराष्ट्रीय वनडे करियर के 143 विकेट पूरे किए. वह सबसे ज़्यादा विकेट लेने वालीं भारतीय महिला गेंदबाज़ों की लिस्ट में झूलन गोस्वामी (255 विकेट) के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच गई हैं. दीप्ति ने नीतू डेविड (141 विकेट) को पीछे छोड़ा है.
दीप्ति का वह रिकॉर्ड जो आज तक क़ायम
उत्तर प्रदेश के आगरा में जन्म लेने वालीं दीप्ति भगवान शर्मा ने साल 2014 में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की लेकिन 2016 में क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान उन पर गया.
उन्होंने मात्र 18 साल की उम्र में एक वनडे मैच में छह विकेट लेने का गौरव हासिल किया. वह पुरुष और महिला क्रिकेट में इस तरह का प्रदर्शन करने वालीं पहली भारतीय क्रिकेटर बन गई.
यह मैच 19 फ़रवरी 2016 को झारखंड के रांची में श्रीलंका के खिलाफ खेला गया था और उन्होंने 20 रन देकर छह विकेट निकाले थे. वनडे में उनका यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.
वह अब तक तीन बार पांच या उससे अधिक विकेट ले चुकी हैं.
दीप्ति के क्रिकेटर बनने की कहानी
दीप्ति बचपन में अपने भाई के साथ मैच देखने गईं. मैच के दौरान एक बार गेंद उनके पास आई और उन्होंने 50 मीटर की दूरी से सीधे स्टंप पर गेंद मार दी. इस मैच में महिला क्रिकेट की चयनकर्ता हेमलता काले भी मौजूद थीं. उन्होंने इस घटना को देखा और दीप्ति को क्रिकेट खेलने की सलाह दी.
दीप्ति ने नौ साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और शुरुआत में तेज गेंदबाज़ बनने का प्रयास किया पर जल्द ही ऑफ़ स्पिनर बनने का फै़सला कर लिया.
दीप्ति शर्मा मात्र तीन साल क्रिकेट खेलकर 12 साल की उम्र में यूपी की टीम में चुन ली गई. साल 2014 में दक्षिण अफ्ऱीका के ख़िलाफ़ सिरीज़ के लिए उनका टीम में चयन कर लिया गया. अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में डेब्यू के दो साल बाद ही वह भारतीय टी-20 टीम में जगह बनाने में सफल हो गई.
एक अनोखा रिकॉर्ड
भारतीय महिला बल्लेबाज़ी की जब भी बात होती है तो लोगों के जे़हन में मिताली राज, स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के नाम आते हैं लेकिन वनडे में भारत के लिए सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाली दीप्ति शर्मा हैं.
दीप्ति शर्मा ने 15 मई 2017 को आयरलैंड के ख़िलाफ़ खेले गए मैच में 188 रन की पारी खेलकर यह रिकॉर्ड बनाया था. इसमें उन्होंने 27 चौके लगाए थे. इस मैच में वह बतौर ओपनर खेली थीं. फिर कुछ समय बाद वह मध्य क्रम की बल्लेबाज़ बन गई.
दीप्ति शर्मा का यह स्कोर उस समय महिला वनडे क्रिकेट का दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर था. लेकिन अब यह चौथा सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर है. एसी केर ने 2018 में नाबाद 232 रन का सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया. वहीं श्रीलंका की चमारी अटापट्टू पिछले साल दीप्ति से बेहतर 195 रनों की पारी खेल चुकी हैं.
आयरलैंड के ख़िलाफ़ मैच में दीप्ति ने पूनम राउत के साथ 320 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी भी बनाई थी. यह साझेदारी 45.3 ओवरों में बनी, इसमें दीप्ति के 188 रनों के अलावा पूनम ने 109 रनों का योगदान दिया था.
डीएसपी दीप्ति शर्मा
दीप्ति शर्मा ने 'लंदन स्प्रिट' टूर्नामेंट में 'द हंड्रेड' टीम को पहला ख़िताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने पिछले साल लॉर्डस में खेले गए फ़ाइनल में विजयी छक्का लगाया था. दीप्ति शर्मा ने इस टूर्नामेंट में 16 मैचों में 289 रन बनाए.
दीप्ति ने अपने वर्कलोड मैनेजमेंट को ध्यान में रखकर इस साल 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट में खेलने से इनकार कर दिया. इस कारण उन्हें 36 हज़ार पाउंड (लगभग 43 लाख रुपए) का नुक़सान हुआ.
उन्होंने कमाई को अहमियत देने के बजाय विश्व कप की तैयारी को ज़रूरी समझा और इसका असर देखने को भी मिल रहा है. दीप्ति के 'द हंड्रेड' से हटने का मतलब है कि इस टूर्नामेंट में इस बार कोई भारतीय खेलता नहीं दिखेगा.
यूपी सरकार ने दीप्ति शर्मा के एक क्रिकेटर के तौर पर योगदान को ध्यान में रखकर इस साल 27 जनवरी को उन्हें पुलिस उप अधीक्षक नियुक्त किया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें इस नियुक्ति के अलावा उन्हें तीन करोड़ रुपए का पुरस्कार भी दिया.
दीप्ति शर्मा को जब डीएसपी नियुक्त किए जाने के समय खाकी यूनिफ़ॉर्म सौंपी गई तो उन्होंने कहा कि मेरा बचपन का सपना साकार हो गया. उन्होंने कहा कि जनता की सेवा करने का सपना बचपन से मेरे मन में था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.