अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन: भारतीय मूल के उम्मीदवारों का क्या हुआ?

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अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. इन चुनावों में भारतीय मूल के भी कई उम्मीदवार मैदान में थे.

भारतीय मूल के जिन उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है वे सभी डेमोक्रेटिक पार्टी के हैं.

वहीं, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले भारतीय मूल के सभी उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है.

जीत हासिल करने वाले भारतीय मूल के उम्मीदवारों में एक अहम नाम पिया डांडिया का है. डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार पिया डांडिया ने फ़्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट की सीट जीत ली है.

उन्होंने साउथ फ़्लोरिडा के सबसे चर्चित चुनावी मुक़ाबलों में से एक में रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया.

वहीं, ट्रंप के समर्थन के बावजूद भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव हार गए हैं.

अमेरिका के ओहायो राज्य में गवर्नर पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने जीत हासिल की है.

उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी को हराया. ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान विवेक रामास्वामी का दो बार समर्थन किया था.

भारतीय मूल के जिन उम्मीदवारों को मिली जीत

सुहास सुब्रह्मण्यम:

इन्होंने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स के लिए दोबारा शानदार जीत दर्ज की. उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराया.

सुहास को चुनाव में 60% से ज़्यादा वोट मिले, जबकि डेव को क़रीब 38% वोट मिले.

पिया दांडिया:

पिया दांडिया ने फ़्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराकर इतिहास रचा और पहली बार अमेरिकी हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स का चुनाव जीता.

डांडिया की जीत ऐसे नए चुनावी क्षेत्र में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत है, जिसका परिसीमन 2026 के मिडटर्म चुनावों से पहले फ़्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस की कांग्रेसनल री-डिस्ट्रिक्टिंग प्रक्रिया के तहत किया गया था.

डांडिया पहले हार्लेम में टीचर और हाई स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी हैं. वह व्हाइट हाउस फ़ेलो के तौर पर भी काम कर चुकी हैं. इसके अलावा, उन्होंने एप्पल में भी काम किया है.

भारतीय प्रवासी माता-पिता के घर पाम बीच काउंटी में जन्मीं और पली-बढ़ीं डांडिया ने अपने चुनाव प्रचार में शिक्षा, महंगाई से जुड़ी चुनौतियों और आर्थिक अवसरों को प्रमुख मुद्दा बनाया.

रो खन्ना:

कैलिफ़ोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक पार्टी के रो खन्ना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 70% से ज़्यादा वोट हासिल किए. उन्होंने हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स की इस सीट पर अपनी जीत बरक़रार रखी.

प्रमिला जयपाल:

उन्होंने वॉशिंगटन राज्य के एक डिस्ट्रिक्ट से 87% से ज़्यादा वोट हासिल कर हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स का चुनाव दोबारा जीत लिया.

अमी बेरा:

कैलिफ़ोर्निया से चुनाव लड़ रहे डॉक्टर अमी बेरा ने हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स में अपना आठवां कार्यकाल हासिल किया.

भारतीय मूल के जो उम्मीदवार हारे

इन चुनावों में भारतीय मूल के कई उम्मीदवारों को हार का सामना भी करना पड़ा है.

विवेक रामास्वामी:

अमेरिका के ओहायो राज्य में गवर्नर पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने जीत हासिल की है.

उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार और भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी को हराया. ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान दो बार विवेक रामास्वामी का समर्थन किया था.

न्यूज़ एजेंसी एपी के मुताबिक़, ओहायो में 20 साल बाद किसी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने गवर्नर पद का चुनाव जीता है.

एमी एक्टन पेशे से डॉक्टर हैं और कोरोना महामारी के दौरान राज्य की स्वास्थ्य निदेशक रह चुकी हैं. इसके साथ ही वह ओहायो की पहली महिला गवर्नर बन गई हैं.

एमी एक्टन की मां को लेकर बनाए गए टीवी विज्ञापन की वजह से विवादों में आए विवेक रामास्वामी का ट्रंप ने बचाव भी किया था.

रितेश टंडन:

कैलिफ़ोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे रितेश टंडन को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार रो खन्ना ने हराया.

महेश 'मैक्स' गाणोरकर:

महेश नॉर्थ कैरोलाइना से रिपब्लिकन उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे, लेकिन वह डेमोक्रेटिक उम्मीदवार वैलेरी फौशी से चुनाव हार गए.

चुनाव में महेश का प्रदर्शन काफ़ी ख़राब रहा और उन्हें 20% से भी कम वोट मिले, जबकि वैलेरी को क़रीब 80% वोट मिले.

शिवा अय्यादुरई:

शिवा अय्यादुरई मैसाचुसेट्स से सीनेट की सीट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे. इस सीट पर डेमोक्रेटिक पार्टी के एड मार्की ने जीत हासिल की.

नीरव शेठ:

नीरव शेठ वॉशिंगटन के 7वें डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर प्रमिला जयपाल के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.

प्रमिला को चुनाव में क़रीब 88% वोट मिले, जबकि नीरव को क़रीब 12% वोट मिले.

ट्रंप के लिए झटका

ख़बर लिखे जाने तक मिडटर्म चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है.

चुनाव के नतीजों से स्पष्ट है कि अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत मिल गया है. वोटरों ने ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को पीछे छोड़ दिया है.

हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं. ख़बर लिखे जाने तक विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 228 सीटें, जबकि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने 139 सीटें जीती हैं.

इस सदन की कुल 367 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं.

वहीं, सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर मिडटर्म चुनाव हुए हैं. इनमें से 33 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इस सदन में अब डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 सीटें हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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