आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
लो जी, नेटवर्क के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ा केंद्रीय मंत्री को!
- Author, आभा शर्मा
- पदनाम, जयपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
भारत के कई शहरों और गांवों में मोबाइल नेटवर्क से लोग अक्सर परेशान होते देखे हैं.
फ़ोन आते ही कई बार उस तरफ़ दौड़ पड़ते हैं जहां घर, आंगन या सड़क के किसी ख़ास कोने पर नेटवर्क आता है.
लेकिन केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को मोबाइल नेटवर्क के लिए एक पेड़ पर चढ़ना पड़ा.
दरअसल रविवार को अर्जुन राम मेघवाल अपने संसदीय क्षेत्र बीकानेर में श्रीडूंगरगढ़ के धोलिया गांव गए थे जहां पर लोगों ने उनसे गांव की समस्याओं के बारे में शिकायत की और कहा कि अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते हैं.
गांव वालों की समस्या सुनकर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उनके सामने ही संबंधित अधिकारी से फ़ोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन ठीक से मोबाइल नेटवर्क नहीं मिल रहा था.
गांव वालों ने उन्हें बताया कि गांव में मोबाइल नेटवर्क भी आसानी से नहीं मिलता और छत पर चढ़कर बात की जा सकती है.
इसके बाद मंत्री जी के लिए पेड़ से सटाकर सीढ़ी लगा दी गई और उन्होंने वहां से चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर को फ़ोन कर गांव में तत्काल अगले दिन से ही अस्थाई तौर पर ऑग्ज़िलरी मिडवाइफ़ नर्स सेंटर बनाने को कहा.
बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ निवासी सुशील आसोपा ने बीबीसी को बताया कि यह क्षेत्र बीकानेर मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर है और यहाँ खराब मोबाइल नेटवर्क स्थायी समस्या है.
उन्होंने कहा, "ग्राउंड पर तो पकड़ता ही नहीं, ठीक से बात करनी हो तो छत पर जाना पड़ता है."
इसलिए कोई आश्चर्य नहीं कि अर्जुन राम मेघवाल को ठीक से बात करने के लिए पेड़ पर चढ़ना पड़ा.
हालांकि कथित तौर पर उन्होंने गांववालों को मोबाइल नेटवर्क सही करने के लिए तीन महीनों के अंदर मोबाइल टावर लगवाने का आश्वासन दिया.
यूँ तो बीकानेर हाई प्रोफाइल लोकसभा क्षेत्र रहा है जहाँ अभिनेता धर्मेन्द्र से लेकर कांग्रेस के कद्दावर नेता डॉ. बलराम जाखड़ तक चुनाव जीत चुके हैं पर रेतीले बीकानेर में अभी डिजिटल इंडिया की मंजिल दूर ही लगती है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)