आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
सऊदी में फंसे भारतीय उमरा यात्रियों ने बीबीसी को क्या बताया?
- Author, तेजस्वी सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- ........से, नई दिल्ली
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 8 मिनट
सऊदी अरब में हवाई हमलों के ख़तरे और सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय एयरलाइंस ने देश से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक बढ़ा दी है.
भारतीय दूतावास के मुताबिक़, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 24 अक्तूबर तक, जबकि अकासा एयर ने 27 अक्तूबर तक उड़ानें रद्द रखने का एलान किया है.
यह फ़ैसला 10 अक्तूबर को सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमले के बाद पैदा हुई सुरक्षा चिंताओं के बीच लिया गया है.
इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई थी और कई भारतीय घायल हुए थे.
इस बीच, इंडिगो ने अलग-अलग शहरों के लिए अपनी उड़ानें रद्द रखने की अवधि बढ़ाई है.
एयरलाइन के मुताबिक़, रियाद से आने-जाने वाली उड़ानें 31 अक्तूबर तक, जबकि जेद्दाह, दम्माम और मदीना की उड़ानें 27 अक्तूबर तक रद्द रहेंगी.
फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद कई भारतीय उमरा यात्री वहां पर फंस गए हैं.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने इस मुद्दे पर मक्का में मौजूद दिल्ली के इमरान ख़ान और मुंबई के इमरान शेख़ से बात की है.
इमरान ख़ान 30 सितंबर को मक्का पहुंचे थे, जबकि इमरान शेख़ करीब डेढ़ महीना पहले गए थे.
सऊदी अरब में फंसे भारतीयों की क्या स्थिति है?
उमरा के लिए गए मक्का गए दिल्ली के इमरान ख़ान ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत में कहा कि वह ग्रुप को लेकर 30 सितंबर को वहां पहुंचे और 15 अक्तूबर को उन्हें इंडिगो से वापसी करनी थी.
लेकिन फ़्लाइट कैंसिल होने की वजह से जा नहीं पाए. उन्होंने कहा, "मेरे अलावा यहां दूसरे ग्रुप के लोग भी हैं, जिनके पास टिकट नहीं है. परेशानी उन लोगों को ज़्यादा है, जो किसी एजेंट के साथ आए, लेकिन वो उन्हें छोड़कर भाग गए."
"अब ऐसे लोगों के पास रुकने के लिए होटल नहीं है और ख़र्च के लिए रियाल नहीं है. कुछ लोग वापसी के लिए एयरपोर्ट पर गए, लेकिन फ़्लाइट कैंसिल हो गई थी, तो एयरपोर्ट पर ही रुक गए कि कोई दूसरा ऑप्शन मिलेगा."
उन्होंने यह भी बताया, "सऊदी एयरलाइंस का जो डायरेक्ट टिकट अवेलेबल था, वो अब अगले महीने की 10-15 तारीख़ तक दिखाई ही नहीं दे रहा है. लोगों को दूसरा ऑप्शन नहीं मिल रहा है."
क्या भारत सरकार और दूतावास से कोई मदद मिली?
मुंबई से मक्का पहुंचे इमरान शेख़ अभी वहीं पर हैं और उनका कहना है कि वहां फ़िलहाल हालात स्थिर है. उन्होंने बताया कि उन्हें जेद्दाह स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास की ओर से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
उनका अनुमान है कि "मक्का में बड़ी तादाद में भारतीय फंसे हुए हैं." उन्होंने कहा कि "फ़िलहाल हम उड़ान सेवाएं फिर से शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं."
वह बोले कि भारतीय वाणिज्य दूतावास और सरकार की तरफ़ से मदद की जा रही है. उन्होंने यह भी बताया, "हमें अधिकारियों की ओर से सीधे फ़ोन नहीं आया था. हमने उनके ट्वीट को देखकर खुद संपर्क किया और यात्रियों की लिस्ट भेजी."
वहीं, इमरान ख़ान ने कहा कि उनके पास जेद्दाह में मौजूद इंडियन एजेंसी से फ़ोन आया था.
वह बोले, "हमारे पास जो फ़ोन आया था, वो ये जानने के लिए आया था कि आपके जो हाजी हैं, वो ठीक हैं या नहीं. उन्हें होटल प्रोवाइड किया है या नहीं. हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है."
वे आगे कहते हैं, "लेकिन कई लोग ऐसे फंसे हुए हैं, जिन्हें सामान्य जानकारी भी नहीं है. वो कैसे हेल्पलाइन नंबर पर फ़ोन करके जानकारी लेंगे?"
क्या वीज़ा एक्सपायर होने की आशंका भी है?
इमरान शेख़ ने कहा कि उमरा यात्रियों के सामने वीज़ा की वैधता ख़त्म होने की समस्या नहीं है.
वीजा की वैधता एक साल की होती है, जबकि सऊदी अरब में ठहरने की अवधि 90 दिन है.
आमतौर पर उमरा का पैकेज 15 दिन का होता है.
वीजा की वैधता अभी बाकी है. सऊदी सरकार ने इसकी वैधता एक साल की कर दी है और इसे रिन्यू भी कराया जा सकता है.
हमें उम्मीद है कि 90 दिन की ठहरने की अवधि पूरी होने से पहले ही उड़ानों से जुड़ी समस्या हल हो जाएगी.
इमरान ख़ान ने कहा कि पहली बार फ्लाइट कैंसिल होने की ख़बर 12 अक्तूबर को आई थी, उस हिसाब से भी 12 दिन ही हुए हैं.
जिनके पास सऊदी करेंसी नहीं है, कैसे मैनेज कर रहे?
मक्का में फंसे भारतीय युवा इमरान ख़ान ने बताया कि सऊदी सरकार यहां कैंप लगाए हुए है, तो जिन लोगों के पास रियाल नहीं हैं, उन्हें इसकी चिंता नहीं है.
वह बोले, "जगह-जगह कैंप लगे हुए हैं, जहां दोपहर और शाम को बिरयानी, जूस, चिकन रोल और पानी उपलब्ध करा रहे हैं. लोग लाइन लगाकर वहां से खाने ले रहे हैं."
"रहने के लिए यहां होटल है. दूसरा ऑप्शन है कि जिस ऑफ़िस के जरिए आए हैं, वहां से पेमेंट हो सकता है. किसी भी हाजी पर यह दबाव नहीं डाला जा रहा है कि पेमेंट करना ही होगा. अगर है तो दे दो, नहीं तो जिस ऑफ़िस से आए हो, उसकी सारी डिटेल दे दो. हम कॉन्टैक्ट करके उससे ले लेंगे."
इमरान शेख़ ने भी बताया कि उमरा यात्रियों के पास करेंसी ख़त्म हो गई है, उन्हें खाने-पीने की सुविधा दी जा रही है.
वे बोले, "सऊदी अरब में जिन यात्रियों के रिश्तेदार या दोस्त रहते हैं, वे उनसे उधार लेकर भी काम चला रहे हैं. इसके अलावा, भारत से भी कुछ लोग उनकी मदद कर रहे हैं."
क्या सड़क मार्ग से यूएई जाकर फ़्लाइट ले सकते हैं?
इमरान ख़ान ने बताया कि जो कनेक्टिंग फ्लाइट है, वो काफ़ी महंगी है. उनका किराया 60-70 हज़ार रुपये दिखा रहा है.
उनका कहना है, "एक ऑप्शन है कि यहां से दुबई चले जाएं और वहां से फ्लाइट ले लें. 30-35 हज़ार रुपये में आ सकते हैं, लेकिन उसके लिए ट्रांज़िट वीज़ा चाहिए होता है और ट्रांजिट वीज़ा तुरंत मिल नहीं रहा है."
उन्होंने दूसरे विकल्प के बारे में बताया, "विज़िट वीज़ा लेने का ऑप्शन है मगर उसके लिए 2 से 3 दिन लग रहे हैं. इसके लिए 7-7.5 हज़ार रुपये का अलग चार्ज देना पड़ रहा है."
इमरान शेख़ ने बताया कि कई उमरा यात्रियों के समूह दुबई, क़तर और ओमान के रास्ते भारत लौट रहे हैं. ओमान और मस्कट के रास्ते भी कई यात्री बसों से जा चुके हैं.
दुबई भी वापसी का एक विकल्प है, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं और कई यात्रियों के रिश्तेदार भी वहां मौजूद हैं.
हालांकि, बस से दुबई पहुंचने में करीब 24 घंटे लगते हैं, जिसके बाद वहां से भारत के लिए फ़्लाइट लेनी पड़ती है.
परिवारों पर क्या असर पड़ रहा है?
इमरान ख़ान का कहना है कि उमरा करने जो यात्री बड़े परिवार संग गए हैं, उनके लिए ख़र्च उठाना सबसे ज़्यादा मुश्किल हो रहा है.
वे बोले, "दो-तीन लोगों तक तो मैनेज हो जा रहा है, लेकिन जो बड़े परिवार आए हैं, उन्हें ज़्यादा दिक़्क़त हो रही है. 5 या 6 लोगों का परिवार आया है, उनके लिए परेशानी ये है कि एक इंसान के लिए 50 हज़ार रुपये का टिकट अलग से लेना पड़ रहा है, तो पूरे परिवार का टिकट 3 लाख रुपये का हो जा रहा है."
"क्योंकि जिन कंपनियों ने फ्लाइट कैंसिल की, उन्होंने तो कह दिया कि अपना पैसा 100 प्रतिशत रिफ़ंड ले लो. 100 प्रतिशत रिफ़ंड लेने का मतलब है 17 या 18 हज़ार रुपये वापस मिलेंगे, लेकिन वापसी का जो टिकट आ रहा है, वो 50 या 60 हज़ार रुपये का आ रहा है. हमारा 35-36 हज़ार रुपये एक्स्ट्रा लग ही रहा है."
इमरान शेख़ ने कहा कि एयरलाइन जो रिफ़ंड वापस दे रही हैं, वो रकम वॉलेट में दे रही हैं. अब अगर हमें किसी दूसरी एयरलाइन से टिकट बुक करना है, तो उसके लिए सीधे बैंक खाते से रुपये देने होंगे. ऐसे में हम पुराने टिकट के बदले मिले वॉलेट बैलेंस का इस्तेमाल कैसे करेंगे?"
उन्होंने मांग की कि यह रिफ़ंड सीधे बैंक खातों में आना चाहिए.
बच्चों को किस तरह की दिक़्क़त आ रही है?
दोनों युवकों ने हमने बातचीत में कहा कि बच्चों के बीमार होने पर बहुत ज्यादा परेशानी आ रही है.
यहां पर सर्दी-जुकाम होने पर सीधे मेडिकल दुकान से मेडिसिन नहीं मिलती है. जब तक डॉक्टर से चेक नहीं कराएंगे, तब तक दवाई नहीं मिलेगी.
"हालांकि, यहां चेकअप और मेडिसिन फ्री है, लेकिन पहले डॉक्टर के पास जाना पड़ेगा. कुछ परिवारों ने बताया कि यहां की दवाई उनके बच्चों पर असर नहीं कर रही है."
ओवैसी की मांग- लोगों को बड़े विमानों से वापस लाया जाए
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि भारत के करीब 4,000 उमरा यात्री पिछले दो से तीन हफ़्तों से मदीना, जेद्दा और मक्का में फंसे हुए हैं.
उनके मुताबिक़, ट्रैवल एजेंटों के उन्हें बेसहारा छोड़ देने से इन यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
ओवैसी ने कहा कि ये सभी यात्री इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया के जरिए सऊदी अरब गए थे. उन्होंने दावा किया कि डीजीसीए इन तीनों एयरलाइंस को जेद्दा के लिए उड़ान संचालित करने की अनुमति नहीं दे रहा है.
ओवैसी ने मांग की कि डीजीसीए इन एयरलाइंस को ए321 जैसे बड़े विमानों के जरिए उड़ानें संचालित करने की तत्काल अनुमति दे, ताकि सऊदी अरब में फंसे सभी भारतीय उमरा यात्रियों को वापस लाया जा सके.
सरकार का दावा- 'एक हफ़्ते में 3,000 भारतीय लौटे'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पिछले एक हफ़्ते में करीब 3,000 ऐसे उमरा यात्री सऊदी अरब से भारत लौटे हैं.
जायसवाल के मुताबिक़, इन यात्रियों के अलावा 10,000 से ज़्यादा सामान्य उमरा यात्री भी उपलब्ध उड़ानों के जरिए पिछले एक हफ्ते में भारत लौटे हैं.
उन्होंने कहा कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास प्रभावित यात्रियों की जल्द वापसी के लिए संबंधित एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के संपर्क में हैं.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाकी उमरा यात्रियों की वापसी के लिए भी इंतजामों पर चर्चा की जा रही है. भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय समुदाय के स्वयंसेवकों की मदद से प्रभावित यात्रियों को जरूरी सहायता मुहैया करा रहे हैं.
भारतीय यात्रियों की मदद के लिए कंट्रोल रूम
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, सऊदी अरब में मौजूद भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास में 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं.
मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नागरिकों को मौजूदा स्थिति के बारे में नियमित रूप से एडवाइजरी भी जारी की जा रही हैं.
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने यात्रियों की सहायता के लिए फोन नंबर +966-554412016 और +966-542126784 जारी किए हैं. सऊदी अरब के भीतर से टोल-फ्री नंबर 8002471234 पर भी संपर्क किया जा सकता है. इसके अलावा, व्हाट्सऐप नंबर +966-536216082 पर संदेश भेजे जा सकते हैं.
जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने +966-12-2614093 और +966-556122301 फ़ोन नंबर जारी किए हैं. यहां +966-536209704 व्हाट्सऐप नंबर पर भी संदेश भेजे जा सकते हैं.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
BBC World Service के नए ऐप को डाउनलोड करें
BBC News हिन्दी को चुनें और पाइए न्यूज़ अलर्ट, लाइव टीवी, पॉडकास्ट... सब एक जगह
कृपया नोट करें: नया ऐप ब्रिटेन और अमेरिका में उपलब्ध नहीं है.