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घर पर ये आसान फ़िटनेस टेस्ट करके लगा सकते हैं जान को ख़तरे का अंदाज़ा
- Author, जैस्मीन फ़ॉक्स स्केली
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- प्रकाशित
- पढ़ने का समय: 9 मिनट
एक्सरसाइज़ के बाद आपकी धड़कन कितनी जल्दी सामान्य होती है, इससे आपकी सेहत के बारे में कई चौंकाने वाली बातें पता चल सकती हैं.
अगर सीढ़ियां चढ़ते समय आपका दिल बहुत तेज़ धड़कने लगता है या बस पकड़ने के लिए दौड़ते समय सांस फूलने लगती है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आप शारीरिक रूप से पूरी तरह फ़िट नहीं हैं.
लेकिन एक्सरसाइज़ बंद करने के बाद आपके शरीर में क्या होता है, उससे भी शरीर के अंदर चल रही कई चीज़ों के बारे में पता चल सकता है. यहीं हार्ट रेट रिकवरी (एचआरआर) टेस्ट काम आता है.
इसमें देखा जाता है कि एक्सरसाइज़ के दौरान जब दिल तेज़ी से धड़क रहा होता है, तब आपकी नब्ज़ कितनी होती है और एक्सरसाइज़ बंद करने के क़रीब एक मिनट बाद दिल कितनी तेज़ी से धड़क रहा होता है. इन दोनों के बीच के अंतर को हार्ट रेट रिकवरी कहते हैं.
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ़ मेडिसिन की कार्डियोलॉजिस्ट नीका गोल्डरबर्ग बताती हैं कि हार्ट रेट रिकवरी (एचआरआर) आपके दिल और रक्त वाहिकाओं की सेहत का एक अच्छा इंडिकेटर है.
इससे हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं के ख़तरे का अनुमान लगाया जा सकता है. लेकिन एचआरआर इससे कहीं ज़्यादा जानकारी दे सकता है.
टेस्ट में ख़राब नतीजा शुरुआती चेतावनी की तरह काम कर सकता है और शरीर में छिपी दूसरी समस्याओं का पता लगाने में मदद कर सकता है.
सबसे अहम बात यह है कि इससे ये पता चल सकता है कि किसी व्यक्ति पर मौत का कितना ख़तरा है.
1999 में अमेरिका के ओहायो स्थित क्लीवलैंड क्लीनिक के वैज्ञानिकों ने कुछ चौंकाने वाले नतीजे प्रकाशित किए थे.
उन्होंने 2,400 वयस्कों की हार्ट रेट रिकवरी (एचआरआर) की जांच की और फिर छह साल तक उन पर नज़र रखी.
टीम ने पाया कि जिन लोगों की हार्ट रेट रिकवरी कम थी, उनमें स्टडी के दौरान मौत का ख़तरा क़रीब चार गुना ज़्यादा था.इसके बाद दुनिया भर में दूसरी रिसर्च टीमों को भी इसी तरह के नतीजे मिले.
एचआरआर किसी भी वजह से होने वाली मौत के ख़तरे का अनुमान लगाने का एक बेहद मज़बूत इंडिकेटर बनकर उभरा है, भले ही आपके दिल में किसी तरह की समस्या दिखाई दे या न दे.
युवा और मिडिल एज के लोगों में तो एचआरआर का संबंध मौत के जोख़िम से कहीं ज़्यादा जुड़ा है, बजाय हाई ब्लड प्रेशर के.
अब जानते हैं कि घर में आमतौर पर मौजूद चीज़ों की मदद से आप बहुत आसानी से और जल्दी अपना एचआरआर कैसे पता कर सकते हैं.
अपना हार्ट रेट कैसे पता करें
कोई भी नया एक्सरसाइज़ रूटीन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है.
अगर आपको चक्कर आए, सीने में दर्द या जकड़न महसूस हो या एक्सरसाइज़ के हिसाब से बहुत ज़्यादा सांस फूलने लगे, तो तुरंत रुक जाएं.
पहले से दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की निगरानी के बिना यह टेस्ट नहीं करना चाहिए.
सबसे पहले यह पक्का कर लें कि आपके पास अपने आंकड़े लिखने का कोई तरीक़ा और एक टाइमर हो. ज़्यादातर फ़ोन में टाइमर होता है. अगर आपके पास स्मार्टवॉच या कोई दूसरा वियरेबल एक्टिविटी ट्रैकर है, तो वह भी काम आएगा.
इसके बाद आपको अपने अधिकतम हार्ट रेट का पता लगाना होगा.
अगर आपके पास स्मार्टवॉच या कोई दूसरा वियरेबल डिवाइस है, तो वह आपको आपका अधिकतम हार्ट रेट बता सकता है. अगर नहीं है, तो आम तौर पर इसे 220 में से आपकी उम्र घटाकर निकाला जा सकता है.
अब एक्सरसाइज़ करने की बारी है. एक्सरसाइज़ इतनी तेज़ होनी चाहिए कि आपका हार्ट रेट आपके अधिकतम हार्ट रेट के 70 से 85 फ़ीसदी तक पहुंच जाए.
आपकी फ़िटनेस के स्तर के हिसाब से इसमें दौड़ना, साइकिल चलाना या रोइंग करना शामिल हो सकता है.
अपना एचआरआर पता करने के लिए एक्सरसाइज़ बंद करने के तुरंत बाद अपनी पल्स यानी नब्ज़ मापें, जब आपका हार्ट रेट अभी अपने सबसे ऊंचे स्तर पर हो.
ऐसा करने का सबसे आसान तरीक़ा स्मार्टवॉच या फ़िटनेस ट्रैकर का इस्तेमाल करना है.
इसके अलावा, आप अपनी गर्दन पर उंगली रखकर 10 सेकंड तक धड़कनों की गिनती भी कर सकते हैं. एक मिनट में दिल कितनी बार धड़क रहा है, इसका अनुमान लगाने के लिए इस संख्या को छह से गुणा कर दें.
इसके बाद बैठकर या लेटकर एक मिनट आराम करें और फिर से अपनी नब्ज़ जांचें. अब दूसरी बार मिली संख्या को पहली संख्या में से घटा दें. यही आपकी एचआरआर यानी हार्ट रेट रिकवरी है.
एचआरआर का कितना होना बेहतर है?
एक्सरसाइज़ ख़त्म करने के बाद आपका हार्ट रेट जल्दी से सामान्य स्तर पर लौटना चाहिए.
जितनी जल्दी यह नीचे आए, उतना बेहतर माना जाता है. अच्छा रिकवरी रेट वह माना जाता है, जिसमें पहले एक मिनट में हार्ट रेट कम से कम 18 बीट नीचे आ जाए.
हालांकि, यह संख्या हर व्यक्ति में अलग हो सकती है और उम्र जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है. लेकिन अगर एचआरआर 12 बीट से कम है, तो आगे चलकर आपको कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का ख़तरा हो सकता है.
शुरुआती चेतावनी
एचआरआर और किसी व्यक्ति में मौत के ख़तरे के बीच संबंध की वजह वैगस नर्व को माना जाता है. यह एक प्रमुख नस है, जो दिमाग़ और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच अहम कड़ी का काम करती है.
यह दिल, लिवर, आंतों और शरीर के दूसरे अंगों तक और वहां से संकेत पहुंचाती है. यह तय करती है कि शरीर तनाव वाली 'फ़ाइट या फ़्लाइट' स्थिति में है या आराम और पाचन वाली स्थिति में.
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ़ हर्टफ़ोर्डशायर में एक्सरसाइज़ और हेल्थ साइंसेज़ की प्रोफ़ेसर लिंडसे बॉटम्स कहती हैं, "हमारे दिल पर काम करने वाले ये दो सिस्टम हैं. एक ब्रेक की तरह काम करता है और दूसरा एक्सेलरेटर की तरह."
जब आप एक्सरसाइज़ करते हैं, तो एक्सेलरेटर यानी सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है और शरीर 'फ़ाइट या फ़्लाइट' मोड में चला जाता है.
आपका दिल तेज़ी से धड़कने लगता है और रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन मांसपेशियों तक पहुंचाई जा सके.
जब आप एक्सरसाइज़ करना बंद करते हैं, तो शरीर को एक्सरसाइज़ के दौरान बने मेटाबॉलिक "वेस्ट (कचरे)" को बाहर निकालना होता है.
इसमें लैक्टिक एसिड और दूसरे वेस्ट प्रोडक्ट शामिल हैं. इस प्रक्रिया के लिए ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है.
बॉटम्स कहती हैं, "इसे मांसपेशियों से बाहर निकालना होता है, इसलिए शरीर में ब्लड फ़्लो बढ़ा रहना चाहिए और हार्ट रेट भी कुछ समय तक ज़्यादा रहना चाहिए."
जब यह काम हो जाता है, तो शरीर ब्रेक लगाता है और पैरासिम्पैथेटिक मोड में चला जाता है. यही ब्रेक है और यह शरीर को आराम और पाचन वाली स्थिति में ले जाता है.
जैसे-जैसे आपकी फ़िटनेस बेहतर होती है, शरीर एक्सेलरेटर और ब्रेक के बीच जल्दी और बेहतर तरीके से स्विच करने लगता है.
इसे हायर वेगल टोन कहा जाता है और इसे सेहत के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद माना जाता है.
इसका संबंध बेहतर मानसिक स्वास्थ्य और सोचने-समझने की क्षमता के साथ-साथ बेहतर इम्यून हेल्थ और शरीर में कम सूजन से भी पाया गया है. इसके अलावा, इसका संबंध मौत के कम ख़तरे से भी है.
सुधार की गुंजाइश
अगर आप अपने एचआरआर को लेकर चिंतित हैं, तो गोल्डरबर्ग डॉक्टर से मिलने की सलाह देती हैं, जो दिल से जुड़े रिस्क का पूरी तरह आकलन कर सकें.
अच्छी बात यह है कि अगर कोई समस्या सामने आती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि स्थिति हमेशा ऐसी ही रहेगी.
रिसर्च में पाया गया है कि एक्सरसाइज़ प्रोग्राम के ज़रिए आप अपना एचआरआर बेहतर कर सकते हैं. इससे मौत का ख़तरा भी सामान्य स्तर तक कम हो सकता है.
बॉटम्स और गोल्डरबर्ग, दोनों ही कार्डियोवस्कुलर सिस्टम को पूरी तरह फ़िट रखने के लिए नियमित कार्डियो एक्सरसाइज़ करने की सलाह देती हैं.
गोल्डरबर्ग कहती हैं, "अगर आप अपनी हार्ट रेट रिकवरी बेहतर करना चाहते हैं, तो सामान्य रफ़्तार से पैदल चलने, साइकिल चलाने या अगर आप कर सकते हैं तो जॉगिंग, दौड़ने या तैरने की कोशिश करें."
वह कहती हैं कि आप डांस भी कर सकते हैं.
जब आपका एचआरआर बेहतर हो जाएगा, तो आपके पास सचमुच डांस करने की एक वजह होगी.
नोट: इस लेख में दी गई सभी जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे डॉक्टर या किसी अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मेडिकल सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.
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