आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.
ईरान ने कहा, भारत कोई पहल करे तो वे तैयार हैं : प्रेस रिव्यू
इराक़ में अमरीकी ठिकानों पर ईरान के हमले और उसपर प्रतिक्रिया की ख़बर दिल्ली से छपने वाले सभी अख़बारों के पहले पन्ने पर हैं.
नवभारत टाइम्स अख़बार के मुताबिक़ ईरान ने कहा है कि 'अमरीका से तनाव कम करने में भारत की किसी भी शांति की पहल का हम स्वागत करेंगे'.
दिल्ली में ईरानी राजदूत अली चेगेनी ने कहा कि दुनिया में शांति बनाए रखने में भारत अच्छी भूमिका निभाता है.
पंजाब केसरी अख़बार ने लिखा है कि भारतीय नौसेना ने भारत के समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाड़ी क्षेत्र में अपने युद्धपोत तैनात कर दिए हैं.
जेएनयू: तीन नक़ाबपोश हमलावरों की पहचान
जेएनयू में रविवार को हुई हिंसा से जुड़ी ख़बरें भी लगभग सभी अख़बारों के पहले पन्ने पर हैं.
अमर उजाला अख़बार ने सुर्ख़ी लगाई है कि ''चार दिन बाद भी गिरफ़्तारी नहीं, महज़ सुराग़ मिलने का दावा.''
वहीं दैनिक भास्कर अख़बार ने लिखा है, ''पुलिस के हाथ अब भी ख़ाली, जाँच जारी.''
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार दिल्ली पुलिस ने तीन नक़ाबपोश हमलावरों की पहचान कर ली है.
इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ दिसंबर की 11 तारीख़ को मानव संसाधन मंत्रालय ने जेएनयू के वाइस चांसलर एम जगदीश कुमार को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि या तो मंत्रालय के ज़रिए सुझाए गए फ़ॉर्मूले पर काम करें या इस्तीफ़ा दे दें.
अख़बार आगे लिखता है कि पहले वीसी इस समझौते के लिए तैयार हो गए थे लेकिन फिर अगले ही दिन वो पलट गए.
इसी अख़बार में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ रविवार को जेएनयू परिसर में जब नक़ाबपोश गुंडे छात्रों की पिटाई कर रहे थे तब पुलिस गेट के पास तक पहुंच गई थी. लेकिन वीसी ने वाट्सऐप के ज़रिए पुलिस को अंदर आने देने की बजाए गेट पर ही रहने का निर्देश दिया.
वहीं जनसत्ता अख़बार ने लिखा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जेएनयू में सामान्य स्थिति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं.
फ़िल्म स्टार दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने और घायल छात्रों के साथ खड़े होने पर सियासत अभी भी जारी है.
अख़बार हिंदुस्तान के मुताबिक़ केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि इस लोकतांत्रिक देश में कोई भी अपने विचार कहीं भी प्रकट कर सकता है. इसमें किसी को भी कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
निर्भया केस: पवन जल्लाद देंगे फांसी
निर्भया गैंगरेप और फिर हत्या के दोषियों को डेथ वॉरेंट जारी करने से जुड़ी ख़बरें भी सुर्ख़ियों में बनी हुई हैं.
अख़बार हिंदुस्तान के मुताबिक़ दोषियों को फांसी देने के लिए पवन जल्लाद 20 जनवरी को तिहाड़ आ सकते हैं.
मेरठ के जेल अधीक्षक ने कहा है कि आला अफ़सरों ने फ़ोन कर पवन जल्लाद को तैयार रहने के लिए कहा है.
उधर दैनिक भास्कर अख़बार की एक ख़बर के मुताबिक़ निर्भया की माँ ने कहा है कि वो अपनी बेटी के गुनहगारों को अपनी आँखों के सामने फांसी पर लटकते देखना चाहती हैं.
अख़बार के अनुसार निर्भया की माँ इसके लिए अदालत से विशेष इजाज़त मांगेंगी.
सीएए: केंद्र सरकार की सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी
अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वो अलग-अलग राज्यों के हाईकोर्ट में नागिरकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ दायर याचिकाओं को एक साथ सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित कर दे.
केंद्र सरकार की तरफ़ से अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अलग-अलग हाईकोर्ट अलग-अलग फ़ैसले सुना सकते हैं इसलिए उनसे संदेह पैदा हो सकता है.
सुप्रीम कोर्ट 10 जनवरी को इस पर सुनवाई करेगा लेकिन कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि उसकी राय में हाईकोर्ट को भी इस पर सुनवाई करनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को इससे अलग-अलग राय को समझने में मदद मिलेगी.
उधर अहमदाबाद में एक निजी स्कूल में छात्रों को सीएए के पक्ष में प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड भेजने का मामला सामने आया है.
अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अभिभावकों के विरोध के बाद स्कूल ने माफ़ी मांगी और पोस्टकार्ड उन्हें वापस कर दिया.
अभिभावकों ने पोस्टकार्ड फाड़ दिया. पोस्टकार्ड में लिखा था कि इस बिल के लिए मैं प्रधानमंत्री को बधाई देता हूँ और मैं और मेरा परिवार इस बिल का समर्थन करते हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)