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पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने क्यों कहा- इमरान ख़ान को ये देश कॉलर से पकड़ेगा
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के चेयरमैन इमरान ख़ान ने घोषणा की है कि वो 25 मई से अपना लॉन्ग मार्च निकालेंगे. इस पर देश के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इमरान ख़ान देश में गृह युद्ध छेड़ना चाहते हैं.
शहबाज़ शरीफ़ ने चेतावनी देते हुए कहा कि इमरान ख़ान के 'नापाक मंसूबों' के लिए ये देश उन्हें कॉलर से पकड़ेगा.
इस महीने में तीसरी बार पाकिस्तान किडनी एंड लीवर इंस्टीट्यूट का दौरा करने वाले शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "इमरान नियाज़ी देश में सिविल वॉर (गृह युद्ध) शुरू करना चाहते हैं. लेकिन वो ग़लत हैं. राष्ट्र उन्हें कभी माफ़ नहीं करेगा और उनके कॉलर से उन्हें पकड़ेगा."
इमरान ख़ान के लॉन्ग मार्च को रोकने के लिए सेना का इस्तेमाल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब ज़रूरत होगी तब यह फ़ैसला लिया जाएगा.
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि 'साढ़े तीन सालों के अपने कार्यकाल में नियाज़ी ने सिर्फ़ अपना समय राजनीतिक विरोधियों को प्रताड़ित करने में लगाया न कि कल्याणकारी परियोजनाओं में.'
"पूर्व प्रधानमंत्री ने एक भी लम्हा जनता के कल्याण के बारे में सोचने में नहीं लगाया, वो विपक्षी राजनेताओं को प्रताड़ित करने के लिए नैब (नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो) को चलाने में लगे रहे."
उन्होंने इमरान ख़ान पर आरोप लगाया कि वो अकाउंटेबिलिटी पर उनके पूर्व सलाहकार शहज़ाद अकबर को यह सुनिश्चित करने के निर्देश थे कि शहबाज़ शरीफ़ को पीठ दर्द की समस्या बनी रहे और नैब की हिरासत में वो ज़मीन पर सोएं.
इमरान ख़ान ने क्या कहा है?
इमरान ख़ान ने अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की है कि वो बुधवार को इस्लामाबाद पहुंचें जहां पर वो दोपहर तीन बजे उनसे श्रीनगर हाईवे पर मिलेंगे.
उन्होंने कहा कि जितनी भी देर इस्लामाबाद में रहना पड़ेगा रहेंगे. उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि चुनाव की तारीख़ घोषित की जाए और विधानसभाएं भंग की जाएं.
इमरान ख़ान का कहना था कि अगर उनकी पार्टी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई की गई तो ये ग़ैर-क़ानूनी काम होगा और वो ऐसा करने वालों के ख़िलाफ़ एक्शन लेंगे.
उनका ये भी कहना था कि पुलिस, ब्यूरोक्रेसी, फ़ौज सब उनके अपने संगठन हैं.
इमरान ख़ान ने कहा कि 'मैं अपनी फ़ौज को भी कहता हूं कि आप तटस्थ हैं, आपने कहा कि आप तटस्थ हैं, इसमें तटस्थ रहें.'
वो इससे पहले कई बार फ़ौज पर टिप्पणी कर चुके हैं कि देश के ख़िलाफ़ साज़िश के दौरान वो 'तटस्थ' रहे.
इमरान ख़ान ने निष्पक्ष चुनाव की अपील करते हुए कहा है कि 'अगर क़ौम इन चोरों को लाना चाहती है तो बेशक ले आए मगर कोई बाहर से हम पर इनको थोप न सके.'
साथ ही उन्होंने जनता से अपील की है कि वो जल्द से जल्द घरों से निकलें क्योंकि उन्हें अंदेशा है कि मार्च को रोकने के लिए संचार माध्यम बंद किए जा सकते हैं.
लॉन्ग मार्च कहां से आएगा? इसका जवाब भी इमरान ख़ान ने दे दिया है. उन्होंने ट्वीट करके जानकारी दी है कि वो ख़ैबर पख़्तूनख़्वा से आने वाले क़ाफ़िले का नेतृत्व करेंगे.
ग़ौरतलब है कि ख़ैबर पख़्तूनख़्वा वो सूबा है जहां पर इमरान ख़ान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ़ की सरकार है.
मरियम नवाज़ ने भी की अपील
पीएमल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज़ ने इमरान ख़ान के मार्च पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि 'जब भी देश तरक़्क़ी की ओर बढ़ने लगता है, इमरान ख़ान अपना जत्था लेकर पाकिस्तान पर हमलावर हो जाते हैं.'
मरियम ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया, "22 करोड़ जनता की तक़दीर के फ़ैसले जत्थों और देशद्रोहियों के हाथ में नहीं दे सकते. अब इस पाकिस्तानी दुश्मनी के ख़िलाफ़ डट जाने का वक़्त आ गया है. डट जाना चाहिए."
वहीं पाकिस्तान की सूचना मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने कहा है, "कान खोल कर सुन लें जब हम चाहेंगे चुनाव तब होगा."
उन्होंने कहा, "इलेक्शन की घोषणा हमको करनी है, चीख़ें, पीटें, रोएं, धमाल करें लेकिन चुनाव का फ़ैसला सरकार और सहयोगियों को करना है. चुनाव चाहिए था तो तब करवाते जब सत्ता से चिपटे हुए थे और ताक़त रखते थे."
पीएमएल-एन के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से कई ट्वीट किए गए हैं जिनमें एक में मरियम औरंगज़ेब कह रही हैं, "इलेक्शन के संबंध में आपके पास कोई अधिकार नहीं है. चार साल देश और जनता को लूटने वाला 25 मार्च को फिर इस्लामाबाद लूट-मार के नए एजेंडे के साथ आ रहा है."
"इमरान साहब चार साल की नाकामयाबियों, अक्षमताओं और भ्रष्टाचार की माफ़ी मांगने इस्लामाबाद आ रहे हैं."
पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द
25 मई को लॉन्ग मार्च की घोषणा के मद्देनज़र इस्लामाबाद पुलिस के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.
डीआईजी हेडक्वार्टर ने आईजी इस्लामाबाद की मंज़ूरी से नोटिफ़िकेशन जारी किया है.
नोटिफ़िकेशन के मुताबिक़, 22 मई से अगले आदेश तक आपातकालीन छुट्टियों को छोड़कर सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.
पाकिस्तान के गृह मंत्री राना सनाउल्लाह ने कहा है कि मार्च को रोकने या न रोकने का फ़ैसला गठबंधन सरकार के सम्मेलन में होगा.
उन्होंने एक निजी टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि उनकी निजी राय है कि इस मार्च को इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए और इसे फ़ौरन रोक देना चाहिए लेकिन इससे जुड़ा फ़ैसला गठबंधन सरकार के सम्मेलन में लिया जाएगा.
पाकिस्तान के गृह मंत्री ने एक सवाल के जवाब में ये भी कहा कि इमरान ख़ान सड़कों पर फ़साद फैलाना चाहते हैं.
उन्होंने कहा, "इमरान ख़ान का अतीत का रिकॉर्ड ख़राब है, जो झूठ और यू-टर्न के माहिर हैं, वो सड़कों पर फ़साद फैलाना चाहते हैं इसलिए उनके लॉन्ग मार्च को राजधानी में आने की इजाज़त नहीं दी जा सकती है."
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर इमरान ख़ान के मार्च को आने की इजाज़त दी गई तो जनता के जानो-माल को सुरक्षित बनाया जाएगा.
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