'वो बहुत गुड लुकिंग थे', सोनिया गांधी ने एक्स पर साझा कीं राजीव गांधी की यादें तो लोगों ने क्या कहा?

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कैंब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्तरां में शुरू हुई प्रेम कहानी की यादों के साथ सोनिया गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अपना डेब्यू किया.

अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने राजीव गांधी से पहली मुलाकात और उनके साथ बिताए शुरुआती दिनों को याद किया.

10 नवंबर को अपनी किताब 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ़ लव' के रिलीज होने से पहले सोनिया ने एक्स पर डेब्यू के दौरान अपने पति राजीव गांधी के साथ यादों को साझा किया.

अपनी नई किताब के पन्ने पलटतीं सोनिया गांधी तस्वीरों के सेक्शन को दिखाते हुए कहती हैं, "वास्तव में वे(राजीव) बहुत हैंडसम थे. मगर मुझे उनकी जेंटलनेस छू गई."

वो आगे कहती हैं, "इंग्लैंड में तब खाना उतना स्वादिष्ट नहीं लगता था, न आज की तरह बहुत से रेस्टोरेंट हुआ करते थे. तो मैं इटैलियन फ़ूड के स्वाद के करीब का खाना तलाशती रहती. उस दौर में हम दोस्तों ने मिलकर एक ग्रीक रेस्टोरेंट खोजा, जहां यूरोपियन और इंडियन स्डूटेंट्स खाने आते थे. वहीं पर मेरी राजीव से मेरी मुलाक़ात हुई."

एक्स पर साझा किए गए वीडियो में उन्होंने राजीव गांधी से कैंब्रिज में अपनी पहली मुलाकात की यादों को साझा किया.

सोनिया गांधी ने अपने निजी जीवन पर मीडिया से बहुत कम चर्चा की है. मगर उनका निजी जीवन कई तरीके से चर्चा का विषय बनता रहा है.

अपनी आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ़ लव' की लॉन्चिंग से पहले उन्होंने अपने जीवन के बारे में वीडियो के जरिए बात की है.

वे राजीव गांधी से अपनी पहली मुलाक़ात के बारे में कहती हैं, "पहली मुलाक़ात में ही मुझे ऐसा अहसास हो गया था कि ये कोई ऐसा शख़्स है जिसके साथ मैं रहना पसंद करूंगी. और वाकई मुझे पता लगा कि उनके पास ही कुछ वैसा ही अहसास था."

उन्होंने आगे कहा, "मुझे याद है कि जब मैं उनसे पहली बार मिली तो एक कॉमन फ़्रेंड ने हमारी जानपहचान कराई थी. और फिर हम दोस्त बन गए, फिर हम दोस्तों की पार्टियों में जाने लगे, इधर-उधर की जगहें घूमने जाने लगे. हम एक वेलेंटाइन पार्टी में भी गए, जहां बहुत से स्टूडेंट्स थे. वह बहुत सौम्य दिखने वाले व्यक्ति थे. वास्तव में वे बहुत गुडलुकिंग थे मगर उनमें वो जो जेंटलनेस थी, उसने जैसे मुझे छू लिया. तो उस अहसास को मैं कभी नहीं भूलती जब मैं उसने पहली बार मिली और प्रभावित हुई."

ग़ौरतलब है कि एक्स पर आने से दो दिन पहले इंस्टाग्राम पर भी सोनिया गांधी ने दस्तक दी थी. वहां उन्होंने अपनी किताब के फर्स्ट लुक से जुड़ी एक रील डाली थी, जिसे अब तक 5.7 मिलियन यूज़र देख चुके हैं.

10 नवंबर को आ रही किताब में क्या है?

79 वर्षीय सोनिया गांधी की आत्मकथा 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ़ लव' 10 नवंबर को प्रकाशित होगी. इसे अमेरिका में अल्फ्रेड ए नॉफ़ और ब्रिटेन में विलियम कॉलिन्स प्रकाशित करेंगे.

भारत में पब्लिश होने से पहले ही इस किताब की काफ़ी चर्चा हो रही है.

अल्फ्रेड ए नॉफ़ के ज़रिए जारी एक बयान में सोनिया गांधी ने कहा है कि वो चाहती हैं कि यह संस्मरण "मेरे दिल के उस सफ़र की गवाही बने, जिसमें मेरी ज़िंदगी की ख़ुशियाँ और गहरी निराशा शामिल रही हैं."

विलियम कॉलिन्स के मुताबिक़, किताब की शुरुआत 1965 में कैंब्रिज से होती है. उस समय 19 साल की इतालवी छात्रा सोनिया मैनो राजीव गांधी के प्यार में पड़ जाती हैं.

प्रकाशकों के मुताबिक़, किताब के इस हिस्से में सोनिया गांधी अपनी ज़िंदगी को बड़े गर्मजोशी और बेबाकी के अंदाज़ में देखती हैं.

उनकी ज़िंदगी की शुरुआत इटली के एक छोटे शहर में उनके बचपन से होती है. इसके बाद वह अप्रत्याशित रूप से भारतीय राजनीति के केंद्र तक पहुंचीं.

हालांकि उनका निजी ज़िंदगी बेहद दुख और उतार-चढ़ाव से भरी रही है. सुरक्षा गार्डों ने जब उनकी सास इंदिरा गांधी को गोली मारी, तो सोनिया गांधी उन्हें अस्पताल लेकर गई थीं.

सात साल बाद, एक आत्मघाती हमलावर ने उनके पति राजीव गांधी की हत्या कर दी. इसके बाद सोनिया गांधी उनके शव को घर लेकर आई थीं.

सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग

एक्स पर डेब्यू करने के कुछ ही घंटों में सोनिया गांधी के लगभग 22 हजार फॉलोअर्स हो गए.

कई नेता और पत्रकार उनकी ओर से राजीव गांधी के साथ बिताए दिनों की याद साझा करने पर सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया दी है.

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, '' सोनिया जी और राजीव जी की प्रेम कहानी 'मिडसमर नाइट ड्रीम'. खूबसूरत, सुकून भरी और इतनी मुकम्मल कि यक़ीन करना मुश्किल हो. लेकिन फिर त्रासदी के एक काले बादल ने सब कुछ बिखेर दिया.''

'' फिर भी, असहनीय दुख के बीच ज़िम्मेदारी, कर्तव्य, वफ़ादारी और त्याग का संकल्प बना रहा. सोनिया जी अब एक्स से जुड़ गई हैं. उन्होंने अपने पति राजीव गांधी जी से शुरुआती मुलाक़ातों के कुछ खूबसूरत क़िस्से साझा किए हैं.''

''अपनी किताब बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ़ लव'में भी उन्होंने प्रेम, बिछड़ने के दर्द और अटूट संकल्प की इस कहानी में अपने दिल की और भी गहरी भावनाएं उड़ेल दी हैं। यह एक ऐसी कहानी है, जो इतनी शिद्दत से कही गई है कि उसे भुला पाना मुश्किल है.''

केरल में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोनिया गांधी के वीडियो पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि "प्रेम, कर्तव्य और दृढ़ता से भरी आपकी यात्रा ने पीढ़ियों को प्रेरित किया है. 10 नवंबर को हम सब आपके और राजीव जी के साझा किए उस अनमोल संसार की झलक पाने का सौभाग्य प्राप्त करेंगे."

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने लिखा, "सोनिया जी से कई बार मिलने का सौभाग्य मिला है और हर मुलाकात के बाद मैं हमेशा उनकी आत्मीयता और गरिमा से प्रभावित होकर लौटी हूँ. जिस तरह उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए जीत और हार, दोनों को समान गरिमा और संयम के साथ स्वीकार किया है, वह बेहद प्रेरणादायक है."

साथ ही उन्होंने लिखा, "इतनी निरंतर नफरत और विरोध का सामना करने के बावजूद जिस ईमानदारी, सौम्यता, प्रेम और उदारता के साथ सोनिया गांधी ने अपनी जीवन यात्रा को साझा किया है, वह उनके व्यक्तित्व की गहराई को दर्शाता है."

एक टीवी पत्रकार अजय कुमार ने सोनिया गांधी के वीडियो पर प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने लिखा, ''यह एक सुखद बदलाव है कि राष्ट्रीय स्तर का कोई भारतीय राजनेता अपने निजी जीवन, रिश्तों, प्रेम और परिवार से जुड़ी बातें सार्वजनिक रूप से साझा कर रहा है. किन्हीं वजहों से भारतीय राजनीति में निजी भावनाओं और स्नेह का सार्वजनिक प्रदर्शन या स्वीकारोक्ति बहुत कम देखने को मिलती है.''

सोनिया गांधी पर लिखी जा चुकी है जीवनी

राजीव और सोनिया की कैंब्रिज की मुलाक़ातों का ज़िक्र मशहूर पत्रकार रशीद किदवई ने सोनिया पर लिखी जीवनी में भी किया है.

बीबीसी के एक लेख के मुताबिक़, रशीद किदवई बताते हैं, "वर्सिटी रेस्तरां में रोज़ कैंब्रिज विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का जमावड़ा लगता था. वो सब बियर पिया करते थे. उनमें से राजीव अकेले थे जो बियर को हाथ भी नहीं लगाते थे. तभी सोनिया की नज़र उस लंबे, काली आँखों और मोहक मुस्कान वाले मासूम लड़के पर पड़ी."

"दोनों तरफ़ आकर्षण बराबर का था. राजीव ने पहली बार एक नैपकिन पर उनके सौंदर्य पर एक कविता लिखकर एक वेटर के ज़रिए सोनिया की तरफ़ भिजवाई थी. सोनिया उसे पाकर थोड़ी असहज हुई थीं लेकिन राजीव के एक जर्मन दोस्त ने, जो सोनिया को भी जानते थे, एक संदेशवाहक की भूमिका को बख़ूबी निभाया."

रशीद किदवई बताते हैं, "दिलचस्प बात ये है कि राजीव ने आख़िर तक सोनिया को नहीं बताया कि वो भारत की प्रधानमंत्री के बेटे हैं. बहुत समय बाद एक अख़बार में इंदिरा गांधी की तस्वीर छपी. तब राजीव गाँधी ने सोनिया से कहा कि ये उनकी माँ की तस्वीर है."

"तब कैंब्रिज में पढ़ने वाले एक भारतीय छात्र ने उन्हें बताया कि इंदिरा भारत की प्रधानमंत्री हैं. तब जाकर सोनिया को पहली बार पता चला कि वो कितने महत्वपूर्ण शख़्स से इश्क फ़रमा रही हैं."

सोनिया के पास बैठने के लिए राजीव ने दी थी 'रिश्वत'

राजीव गांधी के जीवन पर किताब लिखने वाले अश्वनी भटनागर ने बीबीसी को बताया था कि जब राजीव गांधी इंजीनियरिंग का ट्राइपोस कोर्स करने कैंब्रिज गए तो वहाँ 1965 में उनकी मुलाक़ात इटली में पैदा हुईं सोनिया गाँधी से हुई थी.

वो दोनों एक ग्रीक रेस्तराँ में जाया करते थे.

अश्विनी भटनागर बताते हैं, "राजीव ने रेस्तराँ के मालिक चार्ल्स एन्टनी को मनाया कि वो उन्हें सोनिया की बग़ल वाली मेज़ पर बिठा दें. एक अच्छे ग्रीक व्यापारी की तरह चार्ल्स ने उनसे इस काम के लिए दोगुने पैसे वसूले."

"बाद में उन्होंने राजीव गाँधी पर सिमी गरेवाल की बनाई फ़िल्म में कहा कि 'मैंने पहले किसी को इतने अधिक प्यार में नहीं देखा.''

जब राजीव कैंब्रिज में पढ़ते थे तो अपना ख़र्चा चलाने के लिए वो आइसक्रीम बेचा करते थे और सोनिया से मिलने साइकिल पर जाया करते थे. हालांकि उनके पास एक पुरानी फॉक्सवैगन हुआ करती थी जिसके पेट्रोल का ख़र्चा उनके दोस्त 'शेयर' करते थे."

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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