पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार को तब नाटकीय मोड़ आ गया जब ममता बनर्जी की पार्टी की उम्मीदवार ने अचानक अपना नाम वापस ले लिया.
इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के प्रत्याशी को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी. अब कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है.
इसे लेकर कांग्रेस और ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है और इसे 'लोकतंत्र की हत्या' बताया है.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ़्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है - लोकतंत्र की हत्या है.”
उन्होंने आरोप लगाया, "बीजेपी का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं - इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है. वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुक़ाबला ही ख़त्म कर देना चाहते हैं."
कांग्रेस पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "पश्चिम बंगाल में बीजेपी और इलेक्शन कमीशन मिलकर चुनाव को लूटने में लगे हैं. नंदीग्राम उपचुनाव से पहले आज जो घटनाक्रम हुआ, वो लोकतंत्र के लिए काला धब्बा है."
"पहले ममता बनर्जी जी के कैंडिडेट को डरा-धमकाकर नामांकन वापस करवाया गया और अब कांग्रेस के कैंडिडेट मिलन प्रधान जी को 19 साल पुराने केस में गिरफ़्तार कर लिया गया है."
कांग्रेस ने आरोप लगाया, "नरेंद्र मोदी और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को पूरी तरह से ख़त्म करने में लगे हैं. ये सारी साजिशें उसी का सबूत है."
पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष शुभांकर सरकार ने कहा, "यह लोकतंत्र की हत्या है. हमारे उम्मीदवार मिलन प्रधान को गिरफ़्तार करने के साथ ही ये मालूम हो गया कि बीजेपी डर गई है."
ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी का नाम और सिंबल छीने जाने पर गंभीर नाराज़गी जताई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी पर 'बीजेपी को समर्थन देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन देश और जनता की भलाई' में ऐसा नहीं किया.
कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ़्रेस उन्होंने कहा, "पहले उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी को तोड़ा, उसके बाद एनसीपी को तोड़ा. फिर हमलोगों के पास बीजेपी को समर्थन देने के लिए कई धमकियां आईं, लेकिन हमने देश और जनता की भलाई में ऐसा नहीं किया."
ममता बनर्जी ने कहा, "इन सबके बाद भी हमने कभी नहीं सोचा था कि वे हमारा सिंबल और पार्टी का नाम सीज़ कर लेंगे. 29 साल पुरानी पार्टी के साथ वो ऐसा कैसे कर सकते हैं?"
इससे पहले नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस से लिया था.