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ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने किसे कहा 'मुसलमानों का असली दुश्मन'

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा है कि 'अमेरिका और इसराइल के शासक मुस्लिम समुदाय के दुश्मन' हैं.

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, रौनक भैड़ा

  1. भागवत के बयान पर राशिद अल्वी बोले, 'समस्या है तभी तो सफाई देनी पड़ रही'

    कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क में दिए हिंदू-मुस्लिम एकता और विविधता वाले बयान पर सवाल उठाए.

    भागवत ने अमेरिका में शनिवार को कहा कि भारत की पहचान ‘विविधता में एकता’ से है और अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता.

    अल्वी ने कहा, "पहली बात, अमेरिका जाकर ये बोलने की ज़रूरत क्यों पड़ रही है? अगर भारत में हिंदू-मुसलमानों के बीच ऐसी कोई समस्या ही नहीं है, तो अचानक अमेरिका जाकर यह कहने की ज़रूरत क्यों पड़ी?"

    उन्होंने आगे कहा, "इसका मतलब है कि समस्या है. आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अपनी छवि सुधारने के लिए दिखावा कर रहे हैं. क्या उन्हें नहीं पता कि असम के मुख्यमंत्री मुसलमानों के बारे में क्या बोलते हैं? क्या उन्हें नहीं पता कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुसलमानों के बारे में क्या कहते हैं?.

    राशिद अल्वी ने कहा कि अगर अमेरिका जाकर सच नहीं बोला जाएगा, तो दुनिया इस तरह के बयानों पर भरोसा नहीं करेगी.

    उन्होंने कहा, “इससे छवि और खराब होगी. भारत के अंदर जो हो रहा है, उसे पूरी दुनिया जानती है."

  2. भागवत के 'विविधता' वाले बयान पर कपिल सिब्बल का तंज, 'विदेश में समझदारी और...'

    राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने अमेरिका में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘विविधता में एकता’ वाले बयान पर निशाना साधा है.

    सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “भागवत न्यूयॉर्क में कहते हैं, 'विविधता हमारी मूल एकता की खूबसूरती है और इसे बचाकर रखना चाहिए', विदेश में समझदारी की बातें, लेकिन देश में ख़ामोशी."

    उन्होंने कहा कि सिर्फ़ शब्द मायने नहीं रखते, उस पर अमल भी होना चाहिए.

    सिब्बल की यह प्रतिक्रिया भागवत के न्यूयॉर्क में दिए उस भाषण के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘विविधता में एकता’ भारत के डीएनए में है और इसका सम्मान करना चाहिए और इसे स्वीकार किया जाना चाहिए.

    शनिवार को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन स्थित इंफोसिस थिएटर में आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय और अलग-अलग धर्मों के नेताओं को संबोधित किया.

    भागवत ने कहा कि अमेरिका की बात होती है तो अक्सर बहुलवाद की चर्चा होती है, जबकि भारत के संदर्भ में ‘विविधता में एकता’ की बात की जाती है.

    उन्होंने कहा कि एकता और विविधता, दोनों भारत के डीएनए का हिस्सा हैं. स्वामी विवेकानंद का ज़िक्र करते हुए भागवत ने कहा कि हर देश का अपना एक उद्देश्य और भविष्य होता है.

    भागवत ने कहा, "भारत का उद्देश्य विविधता में एकता को महसूस करना और समय-समय पर दुनिया को भी इसका एहसास कराना है. हम एक हैं और हमारी विविधता उस एकता को और खूबसूरत बनाती है."

  3. भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता वाले बयान पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड नेता ने क्या कहा?

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के हिंदू-मुस्लिम एकता को लेकर दिए गए बयान पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, “मोहन भागवत ने जो कहा है, मेरी राय में उसे देश में ज़मीनी स्तर पर लागू भी किया जाना चाहिए. तभी इस तरह के बयान को सकारात्मक कहा जा सकता है."

    उन्होंने कहा कि भागवत के बयान से एक सकारात्मक संदेश ज़रूर गया है.

    खालिद राशिद ने कहा, "यह सच्चाई है कि बड़ी संख्या में लोग अपने निजी हितों की वजह से राजनीति कर रहे हैं. लेकिन अगर सत्ता में बैठे लोग जनता की समस्याओं को हल करने का काम करें, तो राजनीति एक बहुत बड़ी सामाजिक सेवा बन सकती है."

    उन्होंने आगे कहा कि हक़ीक़त यह है कि ज़्यादातर नेता आम लोगों और देश के हित में काम करने के बजाय अपने निजी स्वार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं.

    दरअसल, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को न्यूयॉर्क में एक सम्मेलन में कहा कि जो हिंदू यह मानता है कि मुसलमानों को भारत से ''बाहर निकाल देना चाहिए", वह हिंदू नहीं रह सकता.

  4. नेपाल: बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हुई, प्रशासन ने जारी की ये चेतावनी

    नेपाल में बुधवार को आए फ्लैश फ्लड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 734 हो गई है. वहीं करीब 25 सौ लोग लापता हैं.

    नेपाल की डिजास्टर रिस्पॉन्स एजेंसी के मुताबिक, बाढ़ के पांच दिन बाद भी बचाव कार्य जारी है. रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 20 हज़ार सुरक्षाकर्मी लगे हुए हैं.

    वहीं, भोटेकोशी नदी का जलस्तर रविवार को फिर बढ़ गया. इसके बाद अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान चला रहे कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा है.

    हिमालय सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से सेंट्रल नेपाल के कई इलाकों में तबाही मची थी.

  5. होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान-ओमान के बीच समझौता, कब खुलेगा रास्ता?

    ईरान के उप विदेश मंत्री काज़िम ग़रीबाबादी ने कहा है कि ईरान ने ओमान के साथ होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के इंतज़ाम को लेकर सहमति बना ली है.

    हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिका जब तक अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तब तक स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा.

    ग़रीबाबादी के मुताबिक, अमेरिेका की प्रतिबद्धताओं संबंध दोनों देशों के बीच हुए इस्लामाबाद समझौते से है.

    इसमें ईरान पर सैन्य हमले पूरी तरह रोकना और ईरान की समुद्री नाकेबंदी खत्म करना शामिल है.

    ईरान और ओमान के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट में एक नए और अस्थायी कॉरिडोर को लेकर सहमति बनने के बाद ईरान की ओर से यह ताज़ा बयान आया है.

    ग़रीबाबादी ने पहले इस कॉरिडोर की तुलना आने-जाने वाले हाईवे से की थी.

    उन्होंने बताया था कि जहाज़ ईरान की तरफ से स्ट्रेट में दाखिल होंगे और ओमान की तरफ से बाहर निकलेंगे.

    शनिवार को ईरानी समाचार एजेंसी फार्स से बातचीत में ग़रीबाबादी ने कहा, “होर्मुज़ स्ट्रेट पूरी तरह बंद है. अगर कोई जहाज वहां से गुजरता है तो वह निश्चित रूप से ईरान की मंजूरी और समन्वय के बाद ही गुजर रहा है."

    उन्होंने आगे कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं जलडमरूमध्य में होने वाली हर गतिविधि पर पूरी नज़र रख रही हैं. उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों के उन दावों को भी खारिज किया कि जहाज सामान्य रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं.

  6. चीन ने बाढ़ के बारे में दी जानकारी, बताया तिब्बत में कितने भारतीय लापता

    बुधवार को अचानक आई बाढ़ से तिब्बत में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है. वहीं 546 लोग अब भी लापता हैं.

    चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक, तिब्बत में बाढ़ के बाद लापता लोगों में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक हैं.

    लापता लोगों में 49 भारतीय और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल हैं.

    रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी अधिकारियों ने इन विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी उनके संबंधित देशों के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को दे दी है.

    लापता लोगों से जुड़ी यह जानकारी कई सरकारी एजेंसियों की संयुक्त जांच और आपसी सहयोग के बाद सामने आई है.

    इसमें विदेश मामले, सार्वजनिक सुरक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन और आपातकालीन प्रबंधन विभाग शामिल हैं.

  7. नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 675 हुई, 2400 से ज़्यादा लोग लापता

    नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है. वहीं, 2400 से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं.

    बाढ़ के पांचवें दिन भी नेपाल में राहत और बचाव का काम जारी है. नेपाल की डिजास्टर रिस्पॉन्स एजेंसी ने यह जानकारी दी है.

    वहीं, चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर सीसीटीवी के मुताबिक, शनिवार शाम 6 बजे तक तिब्बत के शिगात्से शहर के ग्यिरोंग काउंटी में मडस्लाइड की वजह से 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 546 लोग लापता हैं. इनमें 226 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.

    अमेरिका ने 36 लाख डॉलर की मदद का एलान किया

    अमेरिका बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 36 लाख डॉलर की मानवीय सहायता देगा.

    अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इस मदद के तहत 10 हज़ार प्रभावित परिवारों को तीन महीने तक आपातकालीन खाद्य सहायता दी जाएगी.

    विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से बढ़कर हमारे लिए कोई प्राथमिकता नहीं है."

    विभाग ने यह भी बताया कि नेपाल और चीन में अमेरिकी दूतावास अमेरिकी नागरिकों की मदद करने और राहत-बचाव के प्रयासों में सहयोग देने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

  8. यूक्रेन: कीएव के पास हथियारों के गोदाम पर रूसी ड्रोन हमला, कम से कम 37 की मौत

    यूक्रेन में सेना के हथियारों के एक गोदाम पर रूस के ड्रोन हमले में 37 लोगों की मौत हो गई है. करीब 400 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

    यह हथियारों का गोदाम राजधानी कीएव के बाहरी रिहायशी इलाक़े के पास था.

    शुक्रवार देर रात हुए हमले के बाद गोदाम में रखा गोला बारूद, बारूदी सुरंगें और ड्रोन्स में धमाके होने लगे. धमाकों से आसपास की कई इमारतों को नुक़सान पहुंचा. इनमें बुजुर्गों और विकलांगों की देखभाल के लिए बना एक केंद्र भी शामिल है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने यह जानकारी दी.

    राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि हथियारों का यह भंडार इतनी आबादी के पास बिल्कुल नहीं होना चाहिए था. उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिन्होंने आम नागरिकों के घरों के इतने पास विस्फोटक रखे, उनकी इस लापरवाही की भी जांच होगी.

    कीएव के पास किसी हथियारों के गोदाम पर पिछले कुछ महीनों में यह दूसरा हमला है. इसके बाद एक बार फिर लोगों में गुस्सा बढ़ गया है.

    रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसकी सेना ने कीएव के पश्चिम में स्थित मायला गांव में एक गोला-बारूद के गोदाम को निशाना बनाया था.

    रूस के मुताबिक, इस गोदाम में एफ़पी-1 और एफ़पी-2 लंबी दूरी के ड्रोन के पुर्जे और उन्हें लॉन्च करने वाले बूस्टर रखे हुए थे.

    इस धमाके से गांव के करीब 130 घरों को नुक़सान पहुंचा है.

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