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कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, कई लोगों के मारे जाने की आशंका

कोलकाता में बीबीसी से सहयोगी पत्रकार पीएम तिवारी ने बताया कि पंडाल के बाहर काफ़ी भीड़ थी और बारिश हो रही थी. इसी बीच भगदड़ मची जिसमें कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोगों के मौत की भी आशंका है.

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. पाकिस्तान 73 साल बाद बना आईएमएफ़ और वर्ल्ड बैंक के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स का अध्यक्ष

    पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि 2027 में पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) और वर्ल्ड बैंक ग्रुप (डब्ल्यूबीजी) के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की अध्यक्षता संभालेगा.

    पाकिस्तान को 1953 के बाद यानी 73 साल बाद इसकी चेयरमैनशिप मिली है.

    पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्री और विश्व बैंक में पाकिस्तान के गवर्नर अहद खान चीमा को बैंकॉक में आयोजित डब्ल्यूबीजी-आईएमएफ़ वार्षिक बैठक के दौरान औपचारिक रूप से बोर्ड का आगामी अध्यक्ष घोषित किया गया.

    आईएमएफ़ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकें 12 से 18 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही हैं. इसमें 191 देशों के 15 हज़ार से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं.

    बैठक में केंद्रीय बैंकों के गवर्नर, आर्थिक नीति निर्माता और कारोबारी जगत के प्रमुख शामिल हैं. इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही है.

  2. सोनम वांगचुक बोले- हमें तो अपनों ने लूटा, ग़ैरों में कहां दम था

    जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख को लेकर चीन के बयान और केंद्र सरकार के साथ लद्दाख के नेताओं की बातचीत पर नाराज़गी जताई है.

    वांगचुक ने कहा कि एक तरफ़ चीन लद्दाख को लेकर बयान दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ़ अपने ही देश की सरकार के साथ बातचीत में लद्दाख के लोगों को निराशा हाथ लगी है.

    उन्होंने सोशल मीडिया जारी एक वीडियो में चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें लद्दाख को मान्यता नहीं देने की बात कही गई थी.

    दरअसल, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि चीन भारत के एकतरफा और अवैध रूप से स्थापित किए गए तथाकथित "केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख" को कभी मान्यता नहीं देता.

    इस पर सोनम वांगचुक ने कहा, "दो दिन पहले चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने अजीब-सा बयान दिया. उन्होंने कहा था कि वो लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश को मान्यता ही नहीं देते हैं. मैं हमेशा कहता रहा हूं कि चीन का लद्दाख के बारे में टिप्पणी करने कोई अधिकार नहीं है, बल्कि उन्हें हम कहेंगे कि हम मान्यता नहीं देते हैं. हमारा पड़ोसी देश तो तिब्बत है, चीन नहीं. ये बताएं कि वो तिब्बत खाली कब कर रहे हैं."

    "लद्दाख के लोग भारत में हमेशा से ख़ुश रहे हैं और आगे भी रहेंगे. हैरानी की बात यह है कि उसके बाद हमारे अपने देश के गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ लद्दाख के नेताओं की वार्ता थी. चीन तो दुश्मन देश रहा. अपने देश ने उस बैठक में जो कहा, उसे देखकर तो यही मुंह से निकलता है- हमें तो अपनों ने लूटा, ग़ैरों में कहां दम था; मेरी कश्ती वहां डूबी, जहां पानी कम था."

    उन्होंने कहा, "आपको पता होगा कि 2019 में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बना और आश्वासन दिलाया गया कि आगे चलकर लोकतंत्र भी बहाल किया जाएगा और लद्दाख को संरक्षण संविधान के 6वीं अनुसूची में दी जाएगी. इस पर दो इलेक्शन भी जीते और फिर इस वादे से पूरी तरह मुकर गए."

    दूसरी ओर, भारत ने चीनी विदेश मंत्रालय के बयान का जवाब दिया था.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख भारत का अभिन्न अंग है और चीन का कोई भी दावा इस तथ्य को नहीं बदल सकता.

  3. राजस्थान: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से नाले में गिरी टेम्पो ट्रैवलर, आठ की मौत, मोहर सिंह मीणा बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

    राजस्थान के कोटा में शनिवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक टेम्पो ट्रैवलर अनियंत्रित होकर नीचे नाले में गिर गई. हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं.

    घायलों का इलाज़ कोटा के अस्पतालों में चल रहा है. टेम्पो ट्रैवलर में सवार सभी लोग मध्य प्रदेश के रहने वाले थे. हादसे में गाड़ी के ड्राइवर की भी मौत हो गई है.

    हादसे की सूचना मिलने के बाद कोटा के ज़िला कलेक्टर पीयूष सामरिया ज़िला अस्पताल पहुंचे. उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि दुर्घटना सुबह क़रीब साढ़े छह से सात बजे के बीच हुई.

    कलेक्टर सामरिया ने कहा, “सुबह क़रीब साढ़े छह से सात बजे के बीच ट्रैवलर कोटा में सिमलिया के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से नीचे नाले में गिर गई. इसमें अभी तक आठ लोगों की मौत हुई है.”

    उन्होंने बताया कि 26 सीटर टेम्पो ट्रैवलर में सवार घायलों को कोटा के ज़िला अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज़ चल रहा है.

    हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शव कोटा के ज़िला अस्पताल में रखवाए गए हैं.

  4. डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस सचिव केटी ज़ैकराया ने पद छोड़ने पर क्या कहा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस सचिव केटी ज़ैकराया व्हाइट हाउस में अपना पद छोड़ने वाली हैं.

    ज़ैकराया की पहली प्रेस ब्रीफिंग को लेकर हुई आलोचना के बाद उनके पद छोड़ने की अटकलें तेज़ हो गई थीं.

    केटी ज़ैकराया ने एक्स पर लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप एक दयालु, शानदार, विनम्र, दूसरों का ख्याल रखने वाले, जोश से भरे और मेहनती इंसान हैं. काश और ज़्यादा अमेरिकी उनकी कद्र करते. कोई भी अमेरिका को वैसा महान नहीं बना पाएगा, जैसा उन्होंने बनाया है और आज भी बना रहे हैं. उनके लिए काम करना मेरे लिए सम्मान की बात थी."

    ज़ैकराया ने मंगलवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के रूप में अपनी पहली प्रेस ब्रीफिंग की थी. यह ब्रीफिंग 15 मिनट से भी कम समय तक चली थी, जिसमें पत्रकारों ने केवल तीन सवाल पूछे थे. इसके बाद उन्हें अपनी योग्यता और इस पद के लिए तैयारियों को लेकर मीडिया के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा.

    शुक्रवार को पद छोड़ने की ख़बर सामने आने से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसको लेकर संकेत दिए थे.

    ट्रंप ने कहा था, "मैंने उनसे कहा कि कैटी क्या यह काम आपके लिए है? क्योंकि सच कहूं तो आपको इसकी ज़रूरत नहीं है."

    उन्होंने आगे कहा कि ज़ैकराया को इस तरह का व्यवहार सहने की ज़रूरत नहीं है. ट्रंप के मुताबिक़, मीडिया ने उनके साथ काफ़ी कठोर और अप्रिय व्यवहार किया है.

    केटी ज़ैकराया की कानूनी योग्यता को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ट्रंप ने नियुक्ति के समय उन्हें वकील बताया था और ज़ैकराया भी ख़ुद को लॉयर कहती रही हैं.

    ज़ैकराया ने 2011 में कैलिफ़ोर्निया की पेपरडाइन यूनिवर्सिटी से क़ानून की पढ़ाई की थी. लेकिन अमेरिका में लॉ की डिग्री अपने आप वकालत करने का लाइसेंस नहीं देती. वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक़, ज़ैकराया ने कैलिफ़ोर्निया बार परीक्षा दी थी, लेकिन पास नहीं कर पाई थीं.

  5. अमेरिका के छह सांसदों ने एसआईआर पर उठाया सवाल, कॉकरोच जनता पार्टी पर क्या कहा

    अमेरिका के छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने भारत में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के कथित उल्लंघनों को लेकर चिंता जताई है.

    सांसदों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से आग्रह किया है कि वह अपनी आगामी भारत यात्रा के दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ इन मुद्दों को उठाएं.

    दरअसल, रुबियो भारत आने वाले हैं और मुंबई में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाक़ात करेंगे.

    शुक्रवार को रुबियो को लिखे पत्र में सांसदों ने कहा, "दिल्ली समेत भारत के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग, ग़लत तरीक़े से हिरासत में लेने और दमन की घटनाएं सामने आई हैं."

    पत्र पर प्रमिला जयपाल, इल्हान उमर, जिम मैकगवर्न, रशीदा तलीब, एलेनोर होम्स नॉर्टन और जीसस गार्सिया ने हस्ताक्षर किए हैं. सांसदों ने अमेरिकी शहरों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावासों पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रदर्शनों में शामिल लोगों की निगरानी के लिए फ़ोटोग्राफ़रों को तैनात किया.

    अमेरिकी सांसदों ने रुबियो से भारत सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघनों की पारदर्शी और स्वतंत्र जांच शुरू करने के लिए दबाव बनाने की अपील की है.

    अपने पत्र में सांसदों ने कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र किया, जो उस समय के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ किए गए थे.

    उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया. सांसदों ने इन दोनों मामलों को प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पर ज़रूरत से ज़्यादा बल इस्तेमाल किए जाने के उदाहरण बताया.

    उन्होंने उन लोगों को रिहा करने की भी मांग की, जिन्हें हिरासत में लिया गया था.

    एसआईआर का ज़िक्र करते हुए प्रमिला जयपाल ने भारत 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई. उन्होंने इसे मतदाताओं को सूची से “बाहर करने” की कार्रवाई बताया और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया.

    इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने प्रमिला जयपाल की टिप्पणियों की आलोचना की थी. उन्होंने उनकी टिप्पणियों को भारत के आंतरिक मामलों में 'अस्वीकार्य हस्तक्षेप' क़रार दिया था.

  6. अभिजीत दीपके की कोर्ट में होगी पेशी, सीजेपी ने दिया ये अपडेट

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया है कि अभिजीत दीपके को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने बताया कि दीपके को एसईएम कोर्ट में पेश किया जाएगा.

    रत्ना सिंह के मुताबिक़, अभिजीत दीपके को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी अब तक नहीं दी गई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

    दिल्ली पुलिस ने 16 अक्तूबर को तिरंगा मार्च के दौरान अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था.

    बार एंड बेंच के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने बताया था कि दीपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126/170 के तहत हिरासत में लिया गया था.

    पिछले छह दिनों में दीपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है. इससे पहले, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्हें विमान से हिरासत में लिया गया था. हालांकि, अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया था.

    वहीं, सीजेपी से जुड़े आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं. दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने दोनों को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था.

    उन्हें 13 अक्तूबर की सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था.

  7. 'नौ लोगों का मर्डर करवाया' वाले बयान पर अनंत सिंह ने दी सफ़ाई

    बिहार के मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक अनंत सिंह ने 'नौ लोगों का मर्डर करवाया' वाले बयान पर सफ़ाई दी है.

    अनंत सिंह ने शुक्रवार को कहा कि उनके बयान को ग़लत तरीक़े से चलाया गया, जबकि उन्होंने कहा था कि उनके लोग मारे गए थे.

    अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, "मेरे बयान को उल्टे तरीक़े से चलाया गया, लोगों ने समझा कि नीतीश जी के लिए नौ लोगों को मर्डर किया, जबकि मेरे नौ लोग मारे गए थे."

    उन्होंने कहा, "मैंने नीरज कुमार को जवाब दिया है कि मैंने कितनी क़ुर्बानी दी है. जब लालू यादव की सरकार थी तब हमारे नौ लोग मरवा दिए गए और मुझे गोली लगी. हम नीतीश कुमार के साथ हुए इसलिए लालू यादव ने मरवा दिए. हमारी इतनी क्षति हुई है. मेरे पिता की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई."

    गौरतलब है कि अनंत सिंह ने हाल के दिनों में जनसुराज पार्टी के समर्थन में भी कुछ बयान दिए हैं, जिसके बाद वो चर्चा में हैं.

  8. ध्रुव राठी पहुँचे लंदन, बोले- 'अब समय आ गया है कि...'

    मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी लंदन पहुँच गए हैं. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स के ज़रिए लोगों से लंदन में पार्लियामेंट स्क्वेयर पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.

    ध्रुव राठी ने शुक्रवार देर रात एक्स पर लिखा, “मैं लंदन पहुंचा हूँ. अब समय आ गया है कि दुनिया 'वोट चोर' और 'लोकतंत्र के हत्यारे' की असलियत देखे.”

    उन्होंने लिखा, “अब इंटरनेशनल डंका बजाने का टाइम आ गया है. अगर आप यहाँ हैं, तो शनिवार दोपहर 12 बजे पार्लियामेंट स्क्वेयर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल हों.”

    इससे पहले ध्रुव राठी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 10 अक्तूबर के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आए थे. हालांकि, प्रदर्शन में शामिल होने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया था.

    कुछ घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. रिहाई के बाद ध्रुव राठी ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनका 'किडनैप' करवाया.

  9. रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के बयान पर एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने दिया जवाब

    अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने कहा है कि वह भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है.

    कंपनी ने यह बयान रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के उस बयान के जवाब में दिया है, जिसमें रिलायंस ने कहा था कि वह प्रतिस्पर्धा से नहीं डरती.

    स्टारलिंक ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, "हमने भारत में रेगुलेटर्स, इंडस्ट्री और ऑपरेटर्स के साथ 5 साल से ज़्यादा समय तक मिलकर काम किया है."

    "हमने देश के भीतर ही सिस्टम, गेटवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का एक नेटवर्क तैयार किया है, ताकि भारतीय ट्रैफ़िक को पूरी तरह सुरक्षित तरीक़े से सेवा दी जा सके."

    स्टारलिंक ने कहा, "सबसे ज़रूरी बात ये है कि हमने इसे सरकारी मंज़ूरी के साथ किया है. स्टारलिंक भारत को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए तैयार है."

    इससे पहले, एलन मस्क की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने कहा था कि वह कभी भी प्रतिस्पर्धा से नहीं डरी है. कंपनी के मुताबिक़, प्रतिस्पर्धा की सबसे बड़ी कसौटी यह है कि ग्राहकों को सबसे अच्छी सेवा कौन देता है.

    रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने कहा, "हर भारतीय कंपनी की तरह, रिलायंस भी ऐसे देश में आगे बढ़ी है, जहां देशी और विदेशी निवेश के साथ-साथ नए विचारों का स्वागत किया जाता है. ख़ासकर ऐसे कामों का, जिनसे लोगों की ज़िंदगी बेहतर होती है."

    एलन मस्क ने हाल ही में आरोप लगाया था कि स्टारलिंक की भारत में एंट्री को रोका जा रहा है. उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी पर तंज कसते हुए उन्हें 'प्रधानमंत्री अंबानी' तक कह दिया था.