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लाइव , जीएसएलवी ने नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 को ऑर्बिट में स्थापित किया

इसरो ने श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ 18 रॉकेट के ज़रिए एनवीएस-03 नेविगेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक ऑर्बिट में स्थापित कर दिया है.

लाइव कवरेज

अभिषेक प्रताप सिंह

  1. अमेरिका ने यूक्रेन को 500 पैट्रियट मिसाइलों की बिक्री को मंज़ूरी दी

    अमेरिका ने बढ़ते रूसी हवाई हमलों से बचाव के लिए यूक्रेन को 2.1 अरब डॉलर की 500 पैट्रियट मिसाइलें बेचने की मंज़ूरी दे दी है.

    यह फ़ैसला ऐसे वक्त में आया है, जब यूक्रेन ने कहा था कि हाल के महीनों में इसकी डिलीवरी में देरी हुई है.

    अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि, इन आधुनिक पीएसी-3 इंटरसेप्टर मिसाइलों की क़ीमत तक़रीबन 2.1 अरब डॉलर होगी और इसका पूरा ख़र्च यूरोप में यूक्रेन के सहयोगी देश और कनाडा उठाएंगे.

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने अमेरिका से पैट्रिएट मिसाइलों की डिलीवरी तेज करने की बार-बार अपील की थी.

    रूस की घातक बैसिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में यही एकमात्र असरदार हथियार है.

    यह क़दम ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई तनातनी के कुछ ही दिनों बाद सामने आया था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि, "रूस के साथ युद्ध ख़त्म करने की कोशिश के लिए अब वक़्त आ गया है कि यूक्रेन को एक नया नेता मिले."

    शुक्रवार को जारी बयान में अमेरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा, " इस ख़रीद का भुगतान 'जंपस्टार्ट' प्रोग्राम के ज़रिए कनाडा, जर्मनी और नॉर्वे से मिले डोनेशन और यूरोपीय यूनियन के 'यूक्रेन सपोर्ट लोन' से फ़ाइनेंस किए गए राष्ट्रीय फंड से करेगा."

    बयान में यह भी कहा गया है कि," इस डील की मुख्य कॉन्ट्रैक्टर अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन होगी और इस बिक्री में अमेरिका का कोई फंड शामिल नहीं है."

  2. जीएसएलवी ने नेविगेशन सैटेलाइट NVS-03 को ऑर्बिट में स्थापित किया

    इसरो ने श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ 18 रॉकेट के ज़रिए एनवीएस-03 नेविगेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक ऑर्बिट में स्थापित कर दिया है.

    शुक्रवार को इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी-एफ 18 रॉकेट ने एनवीएस-03 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक ऑर्बिट में स्थापित कर दिया है.

    जीएसएलवी-एफ 18/एनवीएस-03 मिशन के पूरा होने पर आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में इसरो के वैज्ञानिकों ने एक-दूसरे को बधाई दी.

    जीएसएलवी-एफ 18 रॉकेट ने एनवीएस-03 सैटेलाइट अगली पीढ़ी के नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम का तीसरा सैटेलाइट है, जिसे आईआरएनएसएस सिरीज़ की नेविगेशन सेवाओं को लगातार जारी रखने के लिए तैयार किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इसरो चीफ़ डॉ वी. नारायणन ने कहा, " यह एक स्ट्रैटिजिक एसेट है, जो देश को पोज़िशन, नेविगेशन और टाइमिंग तक स्वतंत्र पहुंच देता है."

    इसरो चीफ़ ने कहा, "नेविगेशन सैटेलाइटों का उपयोग आम नागरिकों से जुड़े कामों के लिए भी किया जाता है. इसके ज़रिए ट्रेनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के साथ-साथ गाड़ियों और समुद्री जहाज़ों को भी ट्रैक किया जाता है. साथ ही, यह 'वन नेशन वन टाइम' प्रोजेक्ट का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है."

    उन्होंने बताया कि, 'गगन' के साथ मिलकर नेविगेशन सेवाओं के ज़रिए व्यापक वैश्विक नेविगेशन इकोसिस्टम में भारत के योगदान को दर्शाता है.

  3. दिल्ली के मंगोलपुरी में जूते की फैक्ट्री में लगी आग में कम से कम चार लोगों की मौत

    दिल्ली में मंगोलपुरी के इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार को जूते की एक फैक्ट्री में लगी आग में चार लोगों की मौत हो गई.

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार रात क़रीब 9.30 बजे मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया, फेज-1 स्थित बी-293/294 में हुई.

    पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौक़े पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया. दिल्ली अग्निशमन सेवा के मुताबिक, आग बुझाने के लिए क़रीब 20 दमकल गाड़ियों को मौक़े पर भेजा गया.

    पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर छह लोग बेहोशी की हालत में मिले. सभी को तुरंत इलाज के लिए मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया.

    इन छह लोगों में से चार को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि अन्य दो का अस्पताल में इलाज जारी है. अधिकारी ने कहा, "आगे की तलाशी और बचाव अभियान जारी है. क़ानून के मुताबिक़ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है."

    समाचार एजेंसी एएनआई से फ़ायर ऑफ़िसर (एडीओ) पारस कुमार ने बताया, "फ़ायर सर्विस को रात क़रीब 9:31 से 9:32 बजे के बीच मंगोलपुरी की एक फ़ैक्ट्री के अंदर आग लगने की सूचना मिली थी. वहां से छह लोगों को रेस्क्यू किया गया है और उन सभी को संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया गया है."

    उन्होंने बताया कि, "यह जूते बनाने वाली यूनिट है, जहां इस परिसर में जूते बनाए और रखे जाते हैं."

    फ़ायर ऑफ़िसर पारस कुमार के मुताबिक़, "आग की शुरुआत बेसमेंट से हुई थी. हमने इसे बेसमेंट के अंदर ही रोक लिया और आगे फैलने नहीं दिया."

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