ईरान को टोल चुकाने के मामले पर अमेरिका की शिपिंग कंपनियों को धमकी

अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर वे होर्मुज़ स्ट्रेट से सुरक्षित निकलने के लिए ईरान को भुगतान करती हैं तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.

सारांश

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, सुमंत सिंह

  1. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई का आया बयान, सैन्य टकराव पर ये कहा

    मोजतबा खामेनेई
    इमेज कैप्शन, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई युद्ध शुरू होने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं (फ़ाइल फ़ोटो)

    ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई की ओर से एक और लिखित बयान जारी हुआ है. इसमें उन्होंने ईरान आवाम से 'आर्थिक मुक़ाबला' करने की अपील की है.

    बयान में मोजतबा ख़ामेनेई ने कहा, "ईरान ने सैन्य टकराव में दुनिया को अपनी ख़ास ताक़त दिखाई, अब उसे आर्थिक और सांस्कृतिक मोर्चे पर भी दुश्मनों को हराना होगा."

    उन्होंने कहा, "कामगारों का समर्थन करना चाहिए और स्थानीय उत्पादों के इस्तेमाल को प्राथमिकता देनी चाहिए."

    ख़ामेनेई ने कारोबारियों से अपील की, "कारोबार करने वाले लोग, ख़ासकर जो मुश्किल में हैं, कोशिश करें कि अपने कर्मचारियों को नौकरी से न निकालें."

    सुप्रीम लीडर बनने के बाद मोजतबा ख़ामेनेई कभी कैमरे के सामने नहीं आए हैं और न ही उन्होंने ईरान को संबोधित किया है.

    हालांकि, कई मौक़ों पर उनके लिखित बयान ज़रूर जारी होते हैं, जो ईरानी सरकारी मीडिया पर चलाए जाते हैं.

  2. जर्मन चांसलर से ट्रंप की तकरार के बाद जर्मनी से 5000 अमेरिकी सैनिक हटाने का आदेश

    जर्मन चांसलर फ़्रेडरिक मर्त्ज़
    इमेज कैप्शन, जर्मन चांसलर फ़्रेडरिक मर्त्ज़ और अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी रक्षा विभाग ने जर्मनी से 5,000 सैनिकों को हटाने का फ़ैसला किया है. यह निर्णय ऐसे समय में हुआ है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जर्मन चांसलर फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ के बीच ईरान युद्ध को लेकर विवाद सामने आया.

    दरअसल, जर्मन चांसलर फ़्रिड्रिख़ मर्त्ज़ ने कहा था कि ईरानी वार्ताकारों ने अमेरिका की "बेइज़्ज़ती" की है.

    इसके बाद गुरुवार को सोशल मीडिया पर ट्रंप ने लिखा, "मर्त्ज़ बहुत ख़राब काम कर रहे हैं और उनके पास हर तरह की समस्याएं हैं, जिनमें इमिग्रेशन और ऊर्जा भी शामिल हैं."

    ट्रंप ने इटली और स्पेन से भी अमरीकी सैनिकों को हटाने का सुझाव दिया है.

    जर्मनी में अमेरिकी सेना की बड़ी मौजूदगी है. पिछले दिसंबर तक वहां 36,000 से ज़्यादा सक्रिय सैनिक तैनात थे.

    अमेरिकी सैनिक
    इमेज कैप्शन, पिछले दिसंबर तक जर्मनी में 36,000 से ज़्यादा सक्रिय सैनिक तैनात थे (फ़ाइल फ़ोटो)

    पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बताया कि सेना हटाने का आदेश रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की ओर से आया है.

    उन्होंने कहा, "यह फ़ैसला यूरोप में सेना की स्थिति की पूरी समीक्षा के बाद लिया गया है और यह वहां की ज़रूरतों और हालात को देखते हुए किया गया है. सैनिकों की अमेरिका वापसी अगले 6 से 12 महीनों में पूरी हो जाएगी."

    ग़ौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूरोप के कई देशों से नाराज़ हैं. ट्रंप ने इनसे होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलने के अभियान में मदद मांगी थी, लेकिन इस अभियान के लिए उन्हें समर्थन नहीं मिला.

  3. पश्चिम बंगाल के इन बूथों पर आज फिर हो रहा मतदान, क्या है वजह?

    कोलकाता वोटिंग
    इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ था, कोलकाता के एक बूथ पर वोट डालने के बाद मतदाता

    पश्चिम बंगाल में 15 मतदान केंद्रों पर आज यानी 2 मई को फिर से मतदान हो रहा है. इन पर बूथों 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में वोटिंग हुई थी.

    लेकिन चुनाव आयोग ने इन बूथों पर ईवीएम से छेड़छाड़ और झड़प की शिकायत के बाद फिर से वोटिंग कराने का फ़ैसला लिया था.

    मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा. इनमें से 11 मतदान केंद्र मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में हैं, जबकि 4 डायमंड हार्बर में हैं.

    मतदान
    इमेज कैप्शन, डायमंड हार्बर के हरिदेवपुर प्राइमरी स्कूल के बूथ नंबर 194 के बाहर मतदाताओं की कतार

    डायमंड हार्बर के हरिदेवपुर प्राइमरी स्कूल के बूथ नंबर 194 पर सुबह 7 बजे से पहले ही वोटर्स कतार में नज़र आ रहे थे.

    पीटीआई के मुताबिक़, चुनाव आयोग ने बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी को लिखे पत्र में कहा था कि राज्य की चुनाव व्यवस्था से मिली जानकारी के आधार पर फिर से मतदान कराने का फ़ैसला लिया गया है.

    बाकी राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे भी 4 मई को आएंगे.

  4. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- 'ईरान के साथ जंग रुकी, लेकिन...'

    डोनाल्ड ट्रंप

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार की इजाज़त नहीं दी जा सकती.

    ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, 'सनकी लोगों' को परमाणु हथियार रखने की इजाज़त नहीं दी जा सकती.

    दरअसल, अमेरिका के 1973 के वॉर पावर्स एक्ट के अनुसार, राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की अनुमति के सिर्फ़ 60 दिन तक सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं.

    इसके बाद उन्हें या तो कार्रवाई रोकनी होती है या कांग्रेस से अनुमति लेनी होती है. अगर सैनिकों की सुरक्षा से जुड़ी ज़रूरी स्थिति हो तो फिर 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगना होता है.

    लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस जंग को जारी रखने के लिए उन्हें अमेरिकी सांसदों की अनुमति की ज़रूरत नहीं है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "28 फ़रवरी, 2026 को शुरू हुई लड़ाई अब रुक गई है. लेकिन अमेरिका ईरान के साथ टकराव जल्दी ख़त्म नहीं करेगा, क्योंकि ऐसा करने पर कुछ सालों बाद हमें फिर वही समस्या झेलनी पड़ सकती है."

    ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दुनिया के लिए ख़तरा पैदा करने वाले हर हथियार को ख़त्म करने की कोशिश करेगा, सबसे पहले परमाणु हथियारों को.

    उन्होंने आगे कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाना 'ज़रूरी क़दम' था. उनका तर्क था कि अगर ऐसा न किया जाता तो 'ईरान इसराइल और बाक़ी मध्य पूर्व के देशों को तबाह कर सकता था.'

    गौरतलब है कि फ़िलहाल अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्धविराम का दौर चल रहा है, लेकिन बातचीत में कोई ख़ास प्रगति अभी तक सामने नहीं आई है.

  5. नमस्कार!

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