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क्रोएशिया में 6.4 तीव्रता का भूकंप, सात लोगों की मौत

भूकंप के कारण जान-माल को काफी नुकसान हुआ है. कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और काफी संख्या में लोग जख़्मी भी हुए हैं.

लाइव कवरेज

  1. यूएई ने पर्यटक वीज़ा की वैधता एक महीने बढ़ाई, नहीं लगेगा कोई पैसा

    दुनिया के कई देशों के हवाई अड्डों के बंद होने के कारण पर्यटकों को हो रही दिक्क़तों को देखते हुए, संयुक्त अरब अमीरात ने बिना किसी शुल्क के पर्यटक वीज़ा की वैधता को एक महीना बढ़ाने का फैसले किया है.

    संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानंत्री और उपराष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन राशिद अल-मख़तूम ने सोमवार को ये आदेश जारी किया.

    आदेश के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात आने वाले सभी पर्यटकों का वीज़ा बिना किसी शुल्क के एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया है. इससे नए साल की छुट्टियां बिताने के लिए यूएई आने वाले पर्यटकों को फ़ायदा होगा.

    आदेश में कहा गया है कि सरकारी संस्थाएं पर्यटकों की सुरक्षा औऱ सुविधा बेहतर बनाने के लिए काम करेंगी.

    जनरल डायरेक्टेरट ऑफ रेसीडेंसी एंड फ़ॉरेन अफेयर्स के महानिदेशक मेजर जनरल अल मैरी ने गल्फ़ न्यूज़ से बात करते हुए कहा, “नए आदेश से देश में पर्यटकों के अनुभव बेहतर होंगे. मौजूदा हालात और दुनिया भर की चुनौतियों के बीच हिज़ हाइनेस शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम का ये अच्छा और मानवीय आदेश है.”

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, रजनीकांत ने कहा- वो चुनावी राजनीति में शामिल नहीं होंगे

    तमिल सिनेमा के मशहूर अभिनेता रजनीकांत ने घोषणा की है कि वो स्वास्थ्य कारणों से चुनावी राजनीति में शामिल नहीं होंगे.

    उन्होंने बयान जारी कर कहा है कि वो जनता के लिए काम करना जारी रखेंगे.

    हाल ही में ख़राब स्वास्थ्य के कारण रजनीकांत को कई दिन अस्पताल में बिताने पड़े थे.

    इससे पहले रजनीकांत ने घोषणा की थी कि वो जनवरी 2021 में अपनी राजनीतिक पार्टी बनाएंगे और उनकी पार्टी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेगी.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के छह मामले भारत में भी मिले

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ पिछले कुछ हफ्तों में ब्रिटेन से भारत लौटे छह लोगों में कोरोनो वायरस का नया स्ट्रेन पाया गया है. नया स्ट्रेन ज़्यादा संक्रामक है और दुनिया के कई देश इसे लेकर परेशान हैं. इसके कारण कई देशों को अपने बॉर्डर भी सील करने पड़े हैं.

    सभी छह मरीज़ों को अलग रखा गया है, स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उनके साथ आए यात्रियों को ट्रैक किया जा रहा था.

    मंत्रालय ने कहा, "उनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वॉरंटीन किया गया है.”

    मंत्रालय ने कहा कि भारत ने महीने के अंत तक के लिए ब्रिटेन से आने वाली सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया है, लेकिन नवंबर के आख़िर से अब तक लगभग 33,000 यात्री भारत आ चुके हैं.

    मंत्रालय के मुताबिक इन लोगों में से 114 लोग कोरोनोवायरस से संक्रमित पाए गए थे. उनके नमूनों में नए स्ट्रेन की जांच की जा रही है. ये स्ट्रेन यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में पाए गए हैं.

  4. मोदी सरकार संसद भवन की नई इमारत को लेकर उतावली क्यों? नियमों की उपेक्षा के आरोप

  5. GCC की बैठक से पहले सऊदी के किंग ने की अहम पहल

    सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने बताया है कि सऊदी अरब के शासक किंग सलमान ने गल्फ़ कॉपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के सर्वोच्च परिषद के 41वें सत्र में शामिल होने के लिए बहरीन के शासक किंग हमद को निमंत्रण भेजा है. सर्वोच्च परिषद की बैठक जनवरी में होनी है.

    बहरीन के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री सलमान बिन हमद को जीसीसी के सचिव जनरल नायेफ़ अल-हजरफ़ ने निमंत्रण दिया.

    इस बैठक के दौरान खाड़ी देशों के गुट के लक्ष्यों के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और व्यापारिक उपलब्धियों पर चर्चा करना है.

    जीसीसी को मज़बूत करने की लगातार कोशिशों के लिए अल-हजरफ़ ने किंग हमद का शुक्रिया किया. उन्होंने कहा कि उनको विश्वास है कि बहरीन संयुक्त खाड़ी के कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

    किंग सलमान ने कुवैत के अमीर शेख़ नवाफ़ अल-अहमद अल-जबेर अल-सबाह को भी निमंत्रण भेजा है.

    एसपीए ने बताया कि अल-हजरफ़ ने सोमवार को सैफ़ पैलेस के एक समारोह में निमंत्रण उन्हें दिया.

    बैठक के दौरान शेख़ नवाफ़ और अल-हजरफ़ ने इस गुट के सदस्य देशों के प्रयासों और उपलब्धियों पर चर्चा की.

    अल-हजरफ़ ने कहा कि जीसीसी अपने गठन के 50वें साल में दाख़िल होने जा रहा है. इसका गठन खाड़ी देशों के नागरिकों की आकांक्षाओं को हासिल करने के लिए एक रचनात्मक भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से किया गया था.

  6. अमरीका-ब्रिटेन से मदद मांग रहे हॉन्ग कॉन्ग के प्रदर्शनकारी

  7. चीन को पाकिस्तान में बन रहे कॉरिडोर के बचाव मे क्यों आना पड़ा

    चीन ने सोमवार को उन रिपोर्ट्स को ‘आधारहीन’ बताया है जिनमें चीन-पाकिस्तान इकॉनोमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) की एक मुख्य परियोजना के क़र्ज़ के लिए पाकिस्तान से अतिरिक्त गारंटी मांगे जाने की बात कही जा रही है.

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत सीपीईसी की परियोजना चल रही है.

    इसके अलावा चीन ने सीपीईसी परियोजना के कामकाज की प्रगति का बचाव किया है. पाकिस्तानी प्रेस में ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि महामारी के बाद हाल की चर्चाओं में पाकिस्तान के क़र्ज़ चुकाने की क्षमता को लेकर चिंताएं ज़ाहिर की गई हैं.

    पाकिस्तान के द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार ने रिपोर्ट किया था चीन ने मेन लाइन-1 परियोजना के लिए 6 अरब डॉलर का क़र्ज़ देने से पहले अतिरिक्त गारंटी की मांग की है. इस परियोजना में पेशावर से कराची तक 1,872 किलोमीटर रेल लाइन को अपग्रेड किया जाना है.

    रिपोर्ट में इसकी वजह ‘पाकिस्तान की कमज़ोर आर्थिक स्थिति’ को बताया गया. यह मुद्दा इस महीने की शुरुआत में मेन लाइन-1 की वित्तीय समिति की बैठक के दौरान उठाया गया था.

    चीनी विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि उसने कोई अतिरिक्त गारंटी नहीं मांगी है और सीपीईसी परियोजना महामारी के बावजूद ट्रैक पर है.

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाओ लीजिअन ने कहा, “ये रिपोर्ट्स बस बेबुनियाद हैं.”

    उन्होंने कहा, “बीआरआई के महत्वपूर्ण पायलट प्रोजेक्ट सीपीईसी ने 2013 में शुरुआत के बाद से अपने विकास की सकारात्मक गति बनाए रखी है. कोविड-19 महामारी के कारण निर्माण में कोई बाधा नहीं आई है, कोई नौकरी नहीं गई है और सीपीईसी परियोजना से वर्कफ़ोर्स कम नहीं की गई है. जो प्रभावी रूप से महामारी से लड़ने और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने में पाकिस्तान की मदद कर रहा है.”

    चीन की अति-महत्वाकांक्षी परियोजना बीआरआई के तहत बनने वाले सीपीईसी की कुल लागत 60 अरब डॉलर है जिसमें पाकिस्तान में सड़क, रेलवे लाइन और विद्युत परियोजनाओं का एक नेटवर्क खड़ा करना है. इस साल इस परियोजना की समीक्षा हो रही है.

    सीपीईसी को लेकर भारत अपनी चिंता ज़ाहिर कर चुका है और इसी कारण वह बीआरआई में शामिल नहीं हुआ था. उसकी पहली चिंता इस परियोजना का पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से निकलना है जो चीन में शिंजियांग प्रांत को जोड़ता है.

    इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान में चीन के दूतावास ने एक बयान जारी कर इसमें देरी होने पर कहा था कि सीपीईसी परियोजना सही ट्रैक पर है और बीते पांच सालों में 32 परियोजनाएं ‘समय से पहले पूरी हो चुकी हैं.’

    इस बयान में अमेरिका की भी निंदा की गई थी. अमेरिका ने कहा था कि चीनी परियोजना भारी क़र्ज़ लाद रही है.

    इस पर चीन ने कहा था, “जहां तक तथाकथित क़र्ज़ के मुद्दे का सवाल है तो स्टेट बैंक़ ऑफ़ पाकिस्तान के आंकड़ों के मुताबिक़ पाकिस्तान पर कुल विदेशी क़र्ज़ 110 अरब डॉलर का है.”

    चीनी दूतावास के अनुसार, सीपीईसी का क़र्ज़ 5.8 अरब डॉलर है जो पाकिस्तान के कुल क़र्ज़ का 5.3 फ़ीसदी है जिसको 20-25 साल में लगभग 2 फ़ीसदी की ब्याज दर से वापस करना है और 2021 से 30 करोड़ डॉलर का सालाना भुगतान शुरू हो जाएगा.

    पाकिस्तानी रिपोर्ट के अनुसार, मेन लाइन-1 परियोजना के क़र्ज़ पर अभी चर्चा जारी है और इसके पिछले सौदों से लंबा चलने की आशंका है. 6.8 अरब डॉलर की परियोजना के लिए 6 अरब डॉलर पर बातचीत जारी है.

  8. मोदी सरकार का सेंट्रल विस्टा प्रॉजेक्ट जिन सवालों के घेरे में

  9. दक्षिण कोरिया पहुंचे सेना प्रमुख जनरल नरवणे

    सैन्य सहयोग मज़बूत करने की दृष्टि से कई देशों के दौरे कर रहे भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे सोमवार को दक्षिण कोरिया पहुंचे. वो वहां पर 30 दिसंबर तक रहेंगे.

    यह किसी भारतीय सेना प्रमुख का पहला दक्षिण कोरिया दौरा है.

    सेना ने बयान में बताया कि इस दौरे के दौरान जनरल नरवणे कोरिया गणराज्य के नेताओं और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.

    जनरल नरवणे कोरिया कॉम्बैट ट्रेनिंग सेंटर और एजेंसी फ़ॉर डिफ़ेंस डिवेलपमेंट का दौरा भी करेंगे.

    हाल के सालों में दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग काफ़ी बढ़ा है जिसके कारण दोनों देशों के बीच उच्चाधिकारियों के काफ़ी दौरे भी हुए हैं.

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