ग्रेटा टूलकिट: जयशंकर ने कहा, जांच में बहुत कुछ पता चला है

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसान आंदोलन पर विदेशी सिलेब्रिटीज़ के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि वे लोग इस विषय पर ज़्यादा नहीं जानते हैं.

लाइव कवरेज

  1. किसान आंदोलनः चक्का जाम की तैयारी

    किसानों का चक्का जाम

    संयुक्त किसान मोर्चा ने आज पूरे भारत में चक्का जाम का आह्वान किया है. हालाँकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को इससे बाहर रखा गया है.

    किसानों का चक्का जाम

    हरियाणा के पलवल में भी चक्का जाम की पूरी तैयारी है. किसान तैयार हैं और सुरक्षाबल मुस्तैद.

    किसानों का चक्का जाम
    किसानों का चक्का जाम
  2. आईएमएफ की चेतावनी भारत के लिए भी अच्छी ख़बर नहीं

    क्रिस्टलीना जॉर्जीवा

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की प्रमुख ने उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों से आग्रह किया है कि वे कम आय वाले देशों को संसाधन मुहैया कराए.

    उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं किया गया तो वैश्विक वृद्धि में एक ‘बड़ा भटकाव’ आएगा जिससे स्थिरता को ख़तरा पैदा होगा और आने वाले सालों में सामाजिक अशांति बढ़ेगी.

    आईएमएफ़ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टलीना जॉर्जीवा ने कहा है कि 50 फ़ीसद विकासशील देशों के पीछे रह जाने का ख़तरा है, जिससे स्थिरता और सामाजिक अशांति को लेकर चिंताएँ बढ गई हैं. बड़ी समस्याओं को टालने के लिए ज़रूरी है कि अमीर देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ और अधिक मदद करें.

    उन्होंने भारी क़र्ज़ में डूबे देशों से आग्रह किया है कि वो जल्द से जल्द क़र्ज़ को लेकर फिर से कोई नई व्यवस्था लागू करें और विकास को लेकर माहौल तैयार कर उसे बढ़ावा दें.

    उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए संवाददाताओं से कहा, “पिछले साल हमारा सारा ध्यान लॉकडाउन पर था इस साल अर्थव्यवस्था में ‘एक बड़े भटकाव’ का जोखिम है. हमारा अनुमान है कि विकासशील देश जो दशकों से आय के मामले में लगभग ठहरे हुए हैं, वे इस बार मुश्किल हालात का सामना करेंगे.”

    आईएमएफ़

    उन्होंने कहा कि विकासशील देशों के जीवन स्तर में आई गिरावट से दुनिया के बाक़ी हिस्सों में स्थिरता और सुरक्षा कायम रखने में कठिनाई होगी. भारत उन विकासशील देशों में जहाँ की आबादी सबसे ज़्यादा है और अर्थव्यवस्था पटरी से नीचे है.

    उन्होंने बताया, “सामाजिक अस्थिरता के बढ़ने का ख़तरा है. आप इसे एक खोया हुआ दशक कह सकते हैं.”

    जॉर्जीवा ने कहा कि उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों ने अपनी जीडीपी का 24 फ़ीसद महामारी से निपटने में खर्च किया है जबकि उभरती हुई अर्थव्यवस्था वाले देशों ने छह फ़ीसद और कम आय वाले देशों ने दो फ़ीसद खर्च किया है.

    जॉर्जीवा ने बताया कि ग़रीब देशों में फंड कम होने की वजह से वैक्सीनेशन की कोशिशें अनियमित रही हैं और उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है. अफ्रीका में सिर्फ़ मोरक्को अकेला ऐसा देश है जहाँ आम नागरिकों को वैक्सीन देने की शुरुआत हुई है. उन्होंने कई अफ्रीकी देशों में मृत्यु दर को लेकर अपनी चिंता प्रकट की.

    उन्होंने कहा, “हमें अपनी क्षमता के अनुरूप इस ख़तरनाक विचलन को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करनी चाहिए.”

    उन्होंने कहा कि विकासशील देशों को ध्यान में रखते हुए अमीर देशों को और अधिक डिज़िटल और पर्यावरण का ख्याल रखती हुई अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने की ज़रूरत है.

    उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन में तेज़ी लाने से वैश्विक अर्थव्यवस्था में साल 2025 तक नौ खरब डॉलर का इजाफा हो सकता है. जिससे 60 फ़ीसद का फ़ायदा विकासशील देशों को मिलेगा.

    जॉर्जीवा ने बताया कि वो आईएमएफ़ के शेयर होल्डर्स के साथ मिलकर ग़रीब देशों को अपनी करेंसी या स्पेशल ड्राविंग राइट्स (एसडीआर) के माध्यम से फंड मुहैया कराने को लेकर कोशिशें कर रही हैं.

    जो बाइडन

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तरह की कोशिशों पर पहले रोक लगा दी थी. अब जो बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद इसके संभव हो पाने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि उनका प्रशासन नई फंडिंग को लेकर सकारात्मक है. हालांकि बाइडन ने इस मसले पर सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा है.

    जॉर्जीवा ने बताया कि 250 बिलियन के एसडीआर की फंडिंग से साल 2009 में वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने में काफी मदद मिली थी.

    उन्होंने कहा कि अभी के हालात तो उस वक्त के संकट से कहीं अधिक चिंताजनक है.उन्होंने बताया कि आईएमएफ़ दीर्घकालिक नकदी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसकी समीक्षा कर रहा है ताकि एसडीआर के आवंटन को उचित ठहराया जा सके हालांकि उन्होंने इस बारे में और अधिक कोई विवरण नहीं दिया.

    सूत्रों के मुताबिक सात वित्तीय अधिकारी संभावित नए एसडीआर आवंटन को लेकर 12 फ़रवरी को एक बैठक करने वाले हैं.

  3. पंजाब के राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर किसानों का प्रदर्शन

    किसानों का प्रदर्शन
    किसानों का प्रदर्शन
  4. किसान आंदोलनः दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशन बंद

    शनिवार को किसानों के चक्का जाम को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकासी को बंद कर दिया है.

    ये मेट्रो स्टेशन हैं- लाल क़िला, जामा मस्जिद, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस, आईटीओ, विश्वविद्यालय और दिल्ली गेट.

    हालाँकि इन पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेंगी.

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  5. वित्तीय संकट से जूझ रहे ग़रीब अरब देशों को आईएमएफ़ की कड़ी चेतावनी

    आईएमएफ के मध्य पूर्व और मध्य एशिया के निदेशक जिहाद अज़ूर
    इमेज कैप्शन, आईएमएफ के मध्य पूर्व और मध्य एशिया के निदेशक जिहाद अज़ूर

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेतावनी दी है कि अगर अरब देशों में सरकारें तकनीक में निवेश करने और कोरोना महामारी की मार झेल रही अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने के लिए सुधारों को लागू करने में विफल रही तो उनके लिए यह "गँवाया हुआ दशक" बन सकता है.

    आईएमएफ के मध्य-पूर्व और मध्य एशिया के निदेशक, जिहाद अज़ूर ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि इस क्षेत्र की सरकारें जो घटते संसाधनों, बढ़ते क़र्ज़ और बड़े पैमाने पर युवाओं की बेरोज़गारी की समस्या से जूझ रही हैं, उन्हें "अतीत से सीखना" चाहिए था.

    लेबनान के पूर्व वित्त मंत्री अज़ूर ने कहा कि वैश्विक वित्तीय संकट के बाद, इस क्षेत्र के देशों को औसतन उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अधिक समय लगा.

    उन्होंने कहा, "अब संकट यह है कि कुछ देश ऐसे हैं जो 2022 तक अपना 2019 का आउटपुट हासिल नहीं कर सकेंगे और कुछ ऐसे जो उस स्थिति में अगले पाँच सालों तक भी नहीं पहुँच पाएँगे."

    विरोध प्रदर्शन

    “यहाँ तक कि कोरोना वायरस महामारी के आने से पहले भी इस क्षेत्र के ग़रीब तेल आयातक देश अरब विद्रोह के बाद बीते दशक के दौरान उच्च ग़रीबी दर और बेरोज़गारी से निपटने में विफल रहे.”

    महामारी ने पर्यटन इंडस्ट्री पर पूरी तरह से रोक लगातार इस समस्या को और बढ़ा दिया है. इससे जहाँ एक तरफ़ बेरोज़गारी और विदेशी मुद्रा की कमाई पर असर पड़ा वहीं दूसरी ओर अन्य सेक्टर भी प्रभावित हुए हैं.

    ट्यूनिशिया के हज़ारों लोगों ने बेरोज़गारी और संभावनाओं की कमी की निराशा में बीते महीने सड़कों पर प्रदर्शन किया, जिससे 2011 के प्रदर्शन की यादें ताज़ा हो गईं.

    ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर

    जिहाद अज़ूर ने चेतावनी दी कि "आर्थिक सुधार में तेज़ी लाने और इस दशक को बर्बाद होने से बचाने के लिए ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटलीकरण में उच्च गुणवत्ता वाले निवेश को लेकर काम अब शुरू हो जाना चाहिए."

    covid-19 vaccine

    उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकारों को अपनी आबादी को वैक्सीन लगवाना चाहिए. कमज़ोर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करना चाहिए. इसके अलावा सरकारों को भारी कर्ज़ की समस्या को दूर करने और सार्वजनिक व्यय को व्यर्थ खर्च, जैसे- सब्सिडी, से दूर करके स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और समग्र विकास और रोज़गार से जुड़े सेक्टर में, विकास को प्रोत्साहित करना चाहिए.

    वे कहते हैं, "जब हम राजकोषीय सुधार की बात करते हैं तो इसक मतलब मितव्ययिता से नहीं है. इसे टैक्स सिस्टम में सुधार और वित्तीय बोझ को बांटने से किया जा सकता है. यह अलग अलग देशों में उनकी ज़रूरतों के मुताबिक उपयुक्त जगह पर लगाया जाना चाहिए."

  6. बंदिशों को किक मार मैदान में उतरने वाली पाकिस्तान की लड़कियां

  7. म्यांमार तख़्तापलटः सैन्य शासन ने ट्विटर, इंस्टाग्राम पर लगाया प्रतिबंध

    टेलेनॉर

    म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद सोशल मीडिया साइट ट्विटर और इंस्टाग्राम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    देश की प्रमुख इंटरनेट सेवा प्रदाता टेलेनॉर ने पुष्टि की है कि उन्हें "अगली सूचना तक" दोनों साइट तक लोगों की पहुँच को रोकने का आदेश दिया गया है.

    तख़्तापलट करने वाले सैन्य अधिकारियों ने "स्थिरता" के नाम पर गुरुवार को फ़ेसबुक को ब्लॉक किया था.

    protest in Sittwe

    लोकतांत्रिक रूप से चुने गए नेताओं की नज़रबंदी से देश सविनय अवज्ञा आंदोलन की ओर बढ़ रहा है.

    शुक्रवार को यंगून में यूनिवर्सिटी के छात्र और शिक्षक देश की नेता आंग सान सू ची और उनकी नैशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) पार्टी के अन्य वरिष्ठ सदस्यों के समर्थन में नारे लगाते हुए इकट्ठा हुए.

    आंग सान सू ची और नैशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी के प्रवक्ता विन हितेन
    इमेज कैप्शन, आंग सान सू ची और नैशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी के प्रवक्ता विन हितेन

    आंग सान सू ची के वकील के मुताबिक उन्हें नज़रबंद किया गया है.

    वहीं पुलिस दस्तावेज़ के मुताबिक सू ची पर ग़ैरक़ानूनी ढंग से संचार उपकरण वॉकी-टॉकी का आयात और नाय पी ताव स्थित उनके घर पर उसका उपयोग करने का आरोप लगाया गया है.

  8. पश्चिम बंगाल में बीजेपी के आक्रामक तेवर की वजह जानिए

  9. किसान आंदोलनः दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड को छोड़ देशव्यापी चक्का जाम दोपहर 12 बजे से

    किसान आंदोलन

    किसानों ने शनिवार को देश भर में चक्का जाम का एलान किया है. हालाँकि इससे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को बाहर रखा गया है ताकि गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस तरह की हिंसा हुई, वो न दोहराई जाए.

    इस दौरान एंबुलेंस और स्कूल बस जैसी आवश्यक सेवाओं को नहीं रोका जाएगा. चक्का जाम दोपहर 12 बजे शुरू होगा और तीन बजे ख़त्म किया जाएगा.

    इन तीन राज्यों को छोड़कर बाक़ी के देश में "पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक" आंदोलन हो इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने सख़्त दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसमें किसी सरकारी अधिकारी या आम जनता के साथ किसी भी प्रकार के संघर्ष में नहीं शामिल होने की ख़ास अपील की गई है.

    संयुक्त किसान मोर्चा ने शुक्रवार को कहा, "दिल्ली के भीतर चक्का जाम नहीं होगा, क्योंकि यहाँ सभी प्रदर्शन स्थल पहले से ही चक्का जाम के मोड में हैं. दिल्ली में जाम नहीं लगेगा, यहाँ एंट्री के सभी मार्ग खुले रहेंगे. केवल वही मार्ग बंद रहेंगे, जहाँ किसानों का प्रदर्शन चल रहा है."

    भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत जो उत्तर प्रदेश में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और तराई किसान संगठन जिसमें बड़ी संख्या में उत्तराखंड के प्रदर्शनकारी किसान शामिल हैं, ने कहा कि इन दो राज्यों में चक्का जाम का आह्वान वापस ले लिया गया है.

  10. भारत के ख़िलाफ़ चीन शायद ही पाकिस्तान को साथ दे: एयर चीफ़ मार्शल

    एयर चीफ़ मार्शल आरकेएस भदौरिया
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    एयर चीफ़ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा कि "चीन अगर भारत के ख़िलाफ़ पाकिस्तान के साथ संघर्ष के मैदान में उतरता है तो वो नैतिक आधार खो देगा."

    बेंगलुरू में चल रहे एयरो शो इंडिया के दौरान वायु सेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल (एसीएम) आरकेएस भदौरिया ने शुक्रवार को यह अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू से एक इंटरव्यू में कहा.

    उन्होंने कहा कि संघर्ष के जैसी स्थिति में चीन को कभी ढुलमुल व्यवस्था अपनाते नहीं देखा. मुझे लगता है कि भारत के ख़िलाफ़ संघर्ष में चीन अगर पाकिस्तान के साथ मिलकर उतरता है तो वह नैतिक अधिकार खो देगा.

    वे कहते हैं, “युद्ध शक्ति के रूप में अगर किसी देश को डराने के लिए आपको किसी अन्य देश की ज़रूरत पड़े तो यह आपकी कमज़ोरी को दर्शाता है. हमें तैयार रहने की ज़रूरत है. कुछ ऐसी परिस्थितियाँ हैं जहाँ ऐसा हो सकता है. लेकिन यह कहना कि दोनों मिलकर युद्ध की शुरुआत करेंगे, मुझे ऐसा नहीं लगता, खासकर चीन के मामले में नहीं.”

    उन्होंने कहा कि भारत के ख़िलाफ़ दोनों देशों के बीच की संधि पृष्ठभूमि में चल सकती है, जैसे कि- इलेक्ट्रॉनिक, सपोर्ट, पश्चिमी सीमा पर उनकी (पाकिस्तान की) जानकारियाँ और जो कुछ भी उन्होंने अमेरिका से सीखा है.

    पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ हुए ताज़ा संघर्ष के बारे में पूछने पर उन्होंने इसे "गतिरोध की स्थिति" बताया और कहा कि गर्मियों में स्थिति कैसी होगी यह बातचीत पर निर्भर है.

    हमें बातचीत पर अधिक से अधिक जोर देना चाहिए. बातचीत का पिछला दौर बहुत संतोषजनक रहा. अगर कोई समझौता नहीं हुआ और वर्तमान तैनाती बनी रहती है तो सर्दियों के ख़त्म होने के साथ ही एक उच्चस्तरीय सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी. यह पूरी तरह से ज़मीनी हकीकत पर आधारित होगा.

    उन्होंने बताया कि "वायु सेना के लड़ाकू स्क्वाड्रन की गिरती ताक़त को वापस बहाल किया जा रहा है. इसी हफ़्ते एयरो इंडिया के दौरान हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को 83 लाइट कॉमबैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) का आर्डर दिया गया है, जिसकी डिलिवरी 2024 के शुरुआत में होने लगेगी. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इनकी संख्या बढ़ती रहे.

    पहला एलसीए एमके-1ए स्क्वाड्रन 2024 में बनाया जाएगा और सामरिक रूप से एक साल बाद इसे संचालित किया जाएगा. चरणबद्ध तरीके से मिग-21 को हटाए जाने से स्वाड्रन की ताक़त में गिरावट आई थी, लेकिन बीते वर्ष एयर फोर्स ने अपने बेड़े में पहले रफ़ाल स्वाड्रन को शामिल किया है और अब तक इसमें 11 रफ़ाल फाइटर जेट जोड़े जा चुके हैं.

  11. म्यांमार तख़्तापलट: सेना के ख़िलाफ़ बढ़ते प्रदर्शनों में शिक्षक भी हुए शामिल

    म्यांमार

    म्यांमार में सेना के तख़्तापलट के ख़िलाफ़ आम लोगों का आंदोलन ज़ोर पकड़ रहा है. प्रदर्शन करने वालों में अब शिक्षक और छात्र भी शामिल हो गए हैं.

    म्यांमार के सबसे बड़े शहर, यांगून के एक विश्वविद्यालय में प्रदर्शनकारियों ने जेल में बंद नेता आंग सान सू ची के प्रति समर्थन जताया. प्रदर्शनकारियों ने अपने कपड़ों पर लाल रिबन लगाए हुए थे, जो सू ची की पार्टी का रंग है.

    सोमवार को हुए तख़्तापलट के बाद से ही सू ची और अन्य नेता हिरासत में हैं.

    इससे पहले सेना ने उनकी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया था.

    हालांकि सू ची सोमवार के बाद से ही सार्वजनिक तौर पर नज़र नहीं आई हैं, एनएलडी के एक अधिकारी के मुताबिक़, माना जा रहा है कि वो हाउस अरेस्ट में हैं.

    म्यांमार

    म्यांमार, जिसे बर्मा के नाम से भी जाना जाता है, तख़्तापलट के बाद अधिकतर शांत स्थिति में है, जिसने दक्षिण पूर्व एशियाई देश को अनिश्चितता में डाल दिया है.

    शुक्रवार की दोपहर सैंकड़ों शिक्षक और छात्र यांगून के एक विश्वविद्यालय के बाहर जमा हुए, जहां उन्होंने थ्री-फिंगर सलूट दिखाया, जो सत्ताधारी शासन के प्रति अपना विरोध प्रदर्शित करने का क्षेत्र के प्रदर्शनकारियों का तरीक़ा है.

    इन लोगों ने आंग सान सू ची के समर्थन में नारे लगाए और इनके हाथों में लाल झंडे थे.

  12. राकेश टिकैत ने बताया कैसा होगा शनिवार का चक्का जाम

    वीडियो कैप्शन, राकेश टिकैत ने बताया कैसा होगा शनिवार का चक्का जाम

    भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने आज दोपहर 12 बजे से होने वाले चक्का जाम की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ये चक्का जाम दिल्ली के बाहरी इलाक़ों में होगा

  13. नमस्कार! ये बीबीसी हिंदी का लाइव पन्ना है जहाँ हम आपको दिनभर की बड़ी ख़बरें और ज़रूरी लाइव अपडेट्स देंगे. 05 फ़रवरी (शुक्रवार) की ख़बरें पढ़ने के लिएयहां क्लिक करें.