हर छह महीने में पार्टी बदलने वालों के मार्गदर्शक हैं नीतीश कुमारः हिमंत बिस्व सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बिहार के अपने समकक्ष नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा है कि वे हर छह महीने में पार्टी बदलने वालों के लिए मार्गदर्शक हैं.

लाइव कवरेज

अभिनव गोयल and अभिजीत श्रीवास्तव

  1. राजू श्रीवास्तव जिम में वर्कआउट के दौरान हुए बेहोश, एम्स में भर्ती

    राजू श्रीवास्तव

    जाने माने कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को बुधवार को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है. बताया गया है कि राजू श्रीवास्तव जिम में वर्कआउट के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर गए.

    इसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया है. उनके पीआर हिमांशु झुनझुनवाला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें अस्पताल में तबियत बिगड़ने की वजह से भर्ती कराया गया है.

    राजू श्रीवास्तव के क़रीबी मित्र सुनील पाल ने बीबीसी हिंदी को बताया कि उन्हें आज (बुधवार की) सुबह दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें एम्स अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी तबियत पहले से थोड़ी बेहतर है.

    वहीं एम्स के पीआरओ ने बीबीसी को राजू श्रीवास्वत के एम्स के इमरजेंसी में भर्ती होने की पुष्टि की है.

    राजू श्रीवास्तव को सबसे अधिक पहचान 'द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज' से मिली थी.

    स्टेज शो के अलावा उन्होंने कुछ फ़िल्मों में भी भूमिका निभाई. इनमें मैने प्यार किया, बाज़ीगर, प्रेम की दीवानी, आमदनी अठन्नी ख़र्चा रुपैया जैसी फ़िल्में शामिल हैं, हालाँकि उनको असली पहचान टेलीविज़न शो लॉफ्टर चैलेंज से मिली.

    राजू श्रीवास्तव फिलहाल उत्तर प्रदेश फ़िल्म विकास परिषद के चेयरमैन भी हैं.

  2. नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण के बाद नरेंद्र मोदी पर ऐसे साधा निशाना

    नीतीश कुमार

    बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने बीजेपी पर हमला बोला है. उन्होंने आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. उनके साथ तेजस्वी यादव ने भी शपथ ली है.

    शपथ ग्रहण के बाद नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले दो महीने से हालात ठीक नहीं थे. उन्होंने स्पष्ट किया वर्ष 2020 में वे सीएम नहीं बनना चाहते थे. लेकिन उन पर दबाव देकर सीएम बनाया गया.

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    वर्ष 2020 में नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. नीतीश कुमार ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसने जनता दल यूनाइटेड के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं की यही इच्छा थी कि बीजेपी से अलग होना ठीक है.

    नीतीश कुमार ने ये भी कहा कि बीजेपी के साथ जाने से नुक़सान हुआ है. उन्होंने कहा कि गठबंधन टूटने के लिए बीजेपी ज़िम्मेदार है. नीतीश कुमार ने कहा- हमने मज़बूती से बीजेपी का समर्थन किया था. जबकि उनकी ओर से जेडीयू को हराने की कोशिश की गई.

    नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार

    उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह का नाम लिए बिना कहा कि जो पार्टी की ओर से वहाँ गया था, वो किसी और जगह चले गए. पीएम पद की दावेदारी को लेकर नीतीश कुमार ने कहा- मेरी कोई दावेदारी नहीं है. हमारी किसी चीज़ की दावेदारी नहीं है. लेकिन उन्होंने बीजेपी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि विपक्ष ख़त्म हो जाएगा. लेकिन अब तो वे भी विपक्ष में आ गए हैं. देखते हैं.

    नीतीश कुमार ने कहा- आगे हम सब कुछ करेंगे. सब लोग मिलकर मज़बूत हों और आगे के लिए कुछ करें. 24 के लिए सब लोग एकजुट हो जाएँ.

    अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी के बारे में सवाल पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने कहा- श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी, कितना प्रेम करते थे, मानते थे. हम भूल नहीं सकते. उस समय की बात ही कुछ और थी. उन्होंने नरेंद्र मोदी और बीजेपी का नाम लिए बिना कहा- 14 में जो आए, वे 24 के बाद रह पाएँगे या नहीं.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, नीतीश कुमार ने आठवीं बार ली बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, तेजस्वी यादव ने भी ली शपथ

    नीतीश कुमार

    नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. उनके साथ तेजस्वी यादव ने भी शपथ ली है. बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने राजभवन में हुए एक कार्यक्रम में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

    एक दिन पहले ही नीतीश कुमार ने एनडीए गठबंधन से नाता तोड़ते हुए मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के साथ नई सरकार बनाने का दावा पेश किया था.

    तेजस्वी यादव

    नीतीश कुमार ने 165 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया है. वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. लेकिन पिछले कुछ दिनों से दोनों पार्टियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे थे.

    पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को लेकर विवाद और बढ़ गया. मंगलवार को नीतीश कुमार ने जनता दल यूनाइटेड के विधायकों और सांसदों की बैठक बुलाई थी, जिसमें बीजेपी से अलग होने का फ़ैसला किया गया. नीतीश कुमार ने आठवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है.

    नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव

    पहली बार उन्होंने तीन मार्च 2000 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उस समय उनके पास बहुमत नहीं था और सात दिन बाद ही उन्हें पद छोड़ना पड़ा था. 2005 में नीतीश कुमार ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस बार उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई.

    वर्ष 2010 में एक बार फिर बीजेपी के साथ मिलकर उन्होंने सरकार बनाई और तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली. लेकिन 2013 में उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़ दिया. 2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया और जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया.

    नीतीश कुमार ने कब कब ली है सीएम पद की शपथ

    लेकिन 2015 में एक बार फिर उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और कहा कि इस्तीफ़ा देना उनकी भूल थी. इसके बाद 2015 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के साथ मिलकर महागठबंधन बनाई. चुनाव में महागठबंधन को बड़ी सफलता मिली और नीतीश कुमार ने पाँचवीं बार सीएम पद की शपथ ली.

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    लेकिन 2017 में उन्होंने आरजेडी से रिश्ता तोड़ लिया. उन्होंने बीजेपी की सरकार बनाई और छठी बार सीएम पद की शपथ ली. 2020 के विधानसभा चुनाव में वे बीजेपी के साथ लड़े और फिर सातवीं बार सीएम पद की शपथ ली. लेकिन अब वे एक बार फिर बीजेपी से अलग हो गए हैं और आरजेडी के साथ मिलकर उन्होंने सरकार बनाई है और आठवीं बार सीएम पद की शपथ ली है.

  4. वरुण गांधी ने मोदी सरकार को फिर घेरा, राशनकार्ड धारकों को तिरंगा ख़रीदने के लिए मजबूर करने का आरोप

    वरुण गांधी

    बीजेपी नेता वरुण गांधी ने मोदी सरकार के 'हर घर तिरंगा' अभियान पर सवाल खड़े करते हुए एक वीडियो ट्वीट किया है. उन्होंने अपनी ही सरकार पर आरोप लगाया है कि इससे ग़रीबों पर बोझ डाला जा रहा है.

    ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा कि राशन कार्ड धारकों को या तिरंगा ख़रीदने पर मजबूर किया जा रहा है या उसके बदले उनके हिस्से का राशन काटा जा रहा है. हर भारतीय के दिल में बसने वाले तिरंगे की क़ीमत, ग़रीब का निवाला छीन कर वसूलना शर्मनाक है.

    हर घर तिरंगा अभियान के तहत केंद्र सरकार लोगों को 13 अगस्त से 15 अगस्त तक झंडा फहराने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. अभियान के तहत लोगों से वर्चुअल रूप से वेबसाइट पर तिरंगे के साथ सेल्फी पोस्ट करने के लिए भी कहा गया है.

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    वीडियो में एक व्यक्ति कह रहा है कि मेरे पास तिरंगा झंडा ख़रीदने के लिए पैसे नहीं है उसके बाद भी मुझे ख़रीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

    उसी वीडियो में राशन डीलर का कहना है कि उन्हें ऊपर से आदेश हैं कि झंडा नहीं ख़रीदने वालों को राशन नहीं देना है. उन्होंने कहा है कि जो राशन ले रहा है उसके लिए झंडा लेना ज़रूरी है. ये झंडा 20 रुपए का है.

    वहीं एक महिला बता रही हैं सरकारी राशन की दुकान पर डीलर ने झंडा देने के नाम पर पांच किलो राशन काट लिया है.

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    दूसरी ओर हरियाणा के सूचना निदेशालय ने ट्वीट कर बताया है कि करनाल ज़िले के हेमदा गांव में बिना तिरंगा लिए राशन नहीं देने के मामले में ज़िला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक ने डिपो धारक के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है. डिपो धारक की राशन सप्लाई तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दी गई है. यह कार्रवाई PDS कंट्रोल आर्डर-2009 के तहत की गई है.

  5. बिहार: नीतीश कुमार के एनडीए गठबंधन तोड़ने के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रही है बीजेपी

    धरना प्रदर्शन

    बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए गठबंधन छोड़ने के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ता और नेता पटना में पार्टी कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ आरजेडी और अन्य पार्टियों के साथ महागठबंधन कर नीतीश कुमार छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं.

    बीजेपी कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर लेकर नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. पोस्टरों पर 'विश्वासघाती नीतीश कुमार, जनाधार का किया अपमान' जैसे नारे लिखे हुए हैं. बीजेपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा है कि नीतीश कुमार उनके साथ ऐसा विश्वासघात करेंगे.

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    धरना प्रदर्शन में शामिल रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वे आज विश्वासघात दिवस मना रहे हैं.

    मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "साल 2019 में लोकसभा सीटें नरेंद्र मोदी के नाम पर जीते. उसके बाद 2020 का विधानसभा तब जीते जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार किया. कम विधायकों के चलते नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया इसके बावजूद उन्होंने ये विश्वासघात किया."

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    गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 2024 के चुनाव में सभी 40 लोकसभा सीटें बीजेपी जीतने का काम करेगी और जनता के साथ हुए इस धोखे को बर्दाश्त नहीं करेगी. नीतीश कुमार ने उस आरजेडी और कांग्रेस से समझौता किया है जो घोटाले और भ्रष्टाचार का प्रतीक है.

    बिहार में हुए राजनीतिक फेरबदल के विरोध में बीजेपी 12 अगस्त को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों और 13 अगस्त को प्रखंड मुख्यालयों पर भी धरना प्रदर्शन करेगी.

  6. बिहार में नीतीश कुमार के एक क़दम ने इस पूर्व पीएम की बढ़ा दी है उम्मीदें

    नीतीश कुमार, लालू यादव, देवेगौड़ा, शरद यादव और मुलायम सिंह यादव

    बिहार के ताज़ा सियासी घटनाक्रम ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को काफ़ी उत्साहित किया है. जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एचडी देवेगौड़ा ने ट्वीट करके बताया है कि वो नीतीश कुमार के क़दम से क्यों उत्साहित हैं?

    एक दिन पहले ही नीतीश कुमार ने एनडीए से नाता तोड़ने का ऐलान किया है. नीतीश कुमार अब लालू प्रसाद यादव की आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बना रहे हैं.

    इस मुद्दे पर देवेगौड़ा ने ट्वीट कर लिखा है- मैं बिहार में जो हो रहा है, उसे देख रहा हूँ. इसने मुझे उन दिनों के बारे में सोचने को मजबूर किया जब जनता दल परिवार एक छत के नीचे थे. जनता दल ने देश को तीन प्रधानमंत्री दिए हैं. मेरी उम्र अब ज़्यादा हो गई है, लेकिन अब युवा पीढ़ी फ़ैसला करे, तो ये इस महान देश के सामने एक अच्छा विकल्प पेश कर सकती है.

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    एक समय देवेगौड़ा उस जनता दल का हिस्सा थे, जिसमें कभी वीपी सिंह और चंद्रशेखर जैसे दिग्गज नेता थे. देवेगौड़ा 1996 में जनता दल में रहते हुए ही प्रधानमंत्री बने थे. इसके अलावा विश्वनाथ प्रताप सिंह और इंदर कुमार गुजराल भी जनता दल में रहते हुए प्रधानमंत्री बने थे.

    वर्ष 1988 में कई क्षेत्रीय पार्टियों और पुराने जनता पार्टी से अलग हुए कई पार्टियों को मिलाकर जनता दल का गठन हुआ था. कभी कांग्रेस की सरकार में अहम पदों पर रहे वीपी सिंह ने ही इस पार्टी का गठन किया था.

    उस समय इस पार्टी में कई दिग्गज शामिल थे, जिनमें मुलायम सिंह यादव, जॉर्ज फ़र्नांडिस, लालू प्रसाद यादव, शरद यादव, राम विलास पासवान और नीतीश कुमार भी थे.

    नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव

    अब बिहार के ताज़ा घटनाक्रम में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यू) और लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के एक साथ आने पर पूर्व पीएम देवेगौड़ा ने उम्मीद जताई है कि अगर जनता दल परिवार एक साथ आ जाए, तो देश को अच्छा विकल्प मिल सकता है.

  7. वरवर राव को भीमा कोरेगांव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर दी ज़मानत

    वामपंथी कवि और लेखक वरवर राव
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    भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में कवि और लेखक वरवर राव को सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर ज़मानत दी है.

    वरवर राव पर प्रतिबंधित माओवादी संगठन के साथ कथित संबंधों के लिए भीमा कोरेगांव मामले में यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट को कहा कि वरवर राव संवैधानिक आधार पर ज़मानत के हकदार नहीं हैं क्योंकि उनके कृत्य समाज और राज्य के हित के ख़िलाफ़ हैं.

    वहीं कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता की मेडिकल स्थिति में इतने समय तक सुधार नहीं हुआ है कि ज़मानत की सुविधा जो पहले दी गई थी उसे ख़त्म कर दिया जाए. परिस्थितियों की समग्रता को देखते हुए अपीलकर्ता मेडिकल आधार पर ज़मानत का हकदार है.

    वरवर राव लंबे समय से मेडिकल आधार पर ज़मानत की मांग कर रहे थे. इससे पहले बॉम्बे हाई कोर्ट ने मेडिकल आधार पर उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया था.

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    वरवर राव पर क्या है आरोप?

    1 जनवरी 2018 को महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में पेशवा बाजीराव पर ब्रिटिश सैनिकों की जीत जश्न मनाया जा रहा था. इस कार्यक्रम में हिंसा भड़क गई और एक व्यक्ति की जान चली गई थी.

    हर साल पहली जनवरी को भीमा कोरेगांव में दलित समुदाय बड़ी संख्या में जुटकर उन दलितों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने 1818 में पेशवा की सेना के ख़िलाफ़ लड़ते हुए अपने प्राण गंवाए थे.

    भीमा कोरेगांव

    वरवर राव और कई अन्य लोगों पर हिंसा प्रायोजित करने के आरोप लगे थे जिसके बाद वरवर राव को यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था.

    लाइव लॉ के मुताबिक़ इस साल 13 अप्रैल को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 82 साल के वरवर राव को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए अस्थायी ज़मानत की अवधि तीन महीने बढ़ा दी थी.

    इसके बाद 19 जुलाई 2022 को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत याचिका को 10 अगस्त तक बढ़ाने का आदेश दिया था.

  8. बिहार से LIVE: नीतीश कुमार के पाला बदलने पर बीजेपी का विरोध प्रदर्शन

    पटना से ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता रजनीश कुमार

  9. नीतीश कुमार के तेजस्वी यादव के साथ जाने पर प्रशांत किशोर ने क्या कहा?

    राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर
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    राजनीतिक रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने बिहार में चल रहे सियासी फेरबदल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि 10 सालों में छठी बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं लेकिन बिहार की स्थिति में कोई सुधार नहीं है, स्थिति बदहाल बनी हुई है.

    प्रशांत किशोर जनता दल (यू) के साथ रहे हैं और नीतीश कुमार के काफ़ी क़रीबी भी माने जाते थे. इस साल उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का भी ऑफ़र मिला था, जिसे उन्होंने कुछ मतभेद के कारण ठुकरा दिया था.

    आजतक न्यूज चैनल के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा- साल 2015 में नीतीश कुमार ने जो गठबंधन किया था उसका परिपेक्ष्य अलग था. उस समय नरेंद्र मोदी के विकल्प के तौर पर चुनाव लड़ा था. इस बार चुनाव तो एनडीए और महागठबंधन के बीच में हुआ था और जनता ने एनडीए गठबंधन को जीत दिलाई थी लेकिन अब बीच में नीतीश कुमार गठबंधन बदल रहे हैं. इसमें चुनावी राजनीति से ज़्यादा प्रशासनिक चीज़ों का ध्यान रखा गया है.

    तेजस्वी यादव के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "अभी तक आरजेडी विपक्ष में रहकर शराबबंदी की आलोचना कर रही थी, तो अब देखना होगा कि सरकार में वो क्या करते हैं. तेजस्वी यादव ने बताया कि वो सरकार में आएँगे तो 10 लाख लोगों को नौकरी मिलेगी. अब वो सरकार में हैं."

    नीतीश कुमार

    घट रही है नीतीश की लोकप्रियता

    प्रशांत किशोर ने कहा कि समय के साथ साथ नीतीश कुमार की लोकप्रियता घट रही है. उन्होंने कहा, "जेडीयू यहाँ (बिहार) 115 विधायकों की पार्टी होती थी. 2015 आते आते 72 विधायकों की पार्टी बन गई. अब 43 विधायकों की पार्टी है. ऐसा नहीं है कि गिरावट नहीं आ रही है. जो विश्वसनीयता की बात हो रही है. उसका असर दिख रहा है. ये अलग बात है कि वो किसी तरह सरकार में आ पा रहे हैं. जनता नीतीश कुमार को उस तरह से वोट नहीं कर रही है."

    क्या पीएम बनने के लिए आरजेडी से हाथ मिलाया

    कुछ दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने बयान दिया था कि नीतीश कुमार सात जन्म भी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते हैं.

    इस बयान के बाद जेडीयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार को पीएम पद का सबसे योग्य उम्मीदवार बताया था. अब प्रशांत किशोर ने भी इसे लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

    प्रशांत किशोर ने कहा, "नीतीश कुमार ऐसे व्यक्ति नहीं है कि वो प्रधानमंत्री बनने का ख्वाब लेकर ऐसा कर रहे हैं, ये बिहार पर केंद्रित प्रयोजन है. बिहार में जब से वो बीजेपी के साथ गए थे, जो कंफर्ट बीजेपी और नीतीश में होता था वो 2017 से अब तक नहीं दिखा. ऐसा लग रहा था कि किसी तरह से साथ में हैं. एक सीमा है कि अगर किसी चीज़ से आप कंफर्टेबल नहीं हैं तो उसे कितनी दिन तक ढोया जा सकता है. अब वे उससे निकल गए हैं. मुझे नहीं लगता है कि नीतीश कुमार ने कोई राष्ट्रीय रणनीति बनाकर बिहार में ये क़दम उठाया होगा."

  10. गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर लालू यादव का पुराना ट्वीट शेयर करके कहा- आपके घर में सांप घुस गया है

    गिरिराज सिंह

    केंद्रीय मंत्री और बिहार से बीजेपी के सांसद गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार के एनडीए से अलग होने की आलोचना की है और नीतीश कुमार पर कई सवाल उठाए हैं.

    उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव का पुराना ट्वीट शेयर करते हुए लिखा है- सांप आपके घर में घुस गया है. लालू यादव का ये ट्वीट वर्ष 2017 का है, जब नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी का दामन थामा था और सरकार बनाई थी.

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    वर्ष 2015 में नीतीश कुमार और लालू यादव की पार्टी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था. लेकिन 2017 में नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग हो गए थे. अगस्त 2017 में लालू यादव ने एक ट्वीट किया था और लिखा था- नीतीश सांप है जैसे सांप केंचुल छोड़ता है वैसे ही नीतीश भी केंचुल छोड़ता है और हर 2 साल में साँप की तरह नया चमड़ा धारण कर लेता है. किसी को शक?

    नीतीश कुमार और गिरिराज सिंह

    अब गिरिराज सिंह ने इसी ट्वीट को शेयर किया है और लालू प्रसाद यादव को संबोधित करते हुए लिखा है कि सांप आपके घर घुस गया है. गिरिराज सिंह ने एक के बाद एक कई आरोप भी नीतीश कुमार पर लगाए हैं.

    एक अन्य ट्वीट में उन्होंने आरोप लगाया है कि बिहार में शराबबंदी के बाद बिहार सरकार को मिलने वाला सारा राजस्व शराब माफ़िया को जाता है, जिसका इस्तेमाल जदयू अपनी पार्टी को ज़िंदा रखने के लिए करता है.

    उन्होंने आगे लिखा है- आज शराबबंदी क़ानून हटेगा, कल जदयू ख़त्म होगा. शराबबंदी के बाद जेडीयू के चंदे के संग्रह में अभूतपूर्व इजाफा हुआ है.

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    गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अपने दम पर सीएम नहीं बन सकते और वे पीएम का सपना देख रहे हैं.

    उन्होंने कहा- बीजेपी को जो करना होगा, वो करेगी. बीजेपी ने नीतीश कुमार को जन्म दिया. वे अपने दम पर कोई चुनाव नहीं लड़ सकते. नीतीश कुमार का संपूर्ण राजनीतिक करियर ही ऐसा रहा है.. कुछ नया नहीं कर पाने स्थिति , अकाउंटेबिलिटी व एंटी-इनकंबेंसी से बचने के लिए वे पार्टनर बदल लेते हैं.

  11. नरेंद्र मोदी का 2017 का वो ट्वीट और आरजेडी का बीजेपी को जवाब

    तेजस्वी यादव

    बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए से अलग होकर महागठबंधन से जुड़ने को लेकर बीजेपी काफ़ी नाराज़ है. बीजेपी ने इसे जनादेश के साथ धोखा कहा है और ये भी कहा है कि ये बिहार की जनता और पार्टी के साथ धोखा है. लेकिन राष्ट्रीय जनता दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2017 के एक ट्वीट के माध्यम से बीजेपी को जवाब दिया है.

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    वर्ष 2017 में जब नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर एक बार फिर बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी, तो नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2017 को एक ट्वीट किया था. इस ट्वीट में नरेंद्र मोदी ने लिखा था- देश के, विशेष रूप से बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक होकर लड़ना,आज देश और समय की माँग है.

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    अब आरजेडी ने इसी ट्वीट का सहारा लेकर इस बार नीतीश कुमार के बीजेपी से अलग होने को लेकर तंज़ कसा है. आरजेडी ने पाँच साल पुराने नरेंद्र मोदी के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा है- जी सर, बिहार ने यही किया है. केंद्र और राज्य में भाजपाई मंत्रियों ने गंद फैला रखा था/है. महका दिया था. संघी गुंडे नंगे होकर लाठी और तलवार लहराने लगे थे.

    पार्टी ने आगे लिखा है- देश के उज्जवल भविष्य के लिए लोकतंत्र की जननी बिहार विशेष रूप से विशेष निर्णय लेता है. यही आज देश और समय की माँग है. #कालचक्र

    मंगलवार को नीतीश कुमार ने एनडीए से अलग होकर राष्ट्रीय जनता दल के साथ सरकार बनाने का फ़ैसला किया. वर्ष 2017 के बाद से नीतीश कुमार बीजेपी के साथ थे. लेकिन अब वे अलग हो गए हैं. वैसे 2015 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ लड़ा था. लेकिन 2017 में वे बीजेपी के साथ आ गए थे.

  12. अखिलेश यादव ने कहा- अंग्रेज़ों भारत छोड़ो वाले दिन बिहार से बीजेपी को भगाया

    सपा प्रमुख अखिलेश यादव

    बिहार में बदलती राजनीतिक तस्वीर पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कसा है.

    बिहार में एनडीए गठबंधन के टूटने को अखिलेश यादव ने एक अच्छी शुरुआत बताया है. समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस दिन अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया गया था उसी दिन बिहार से बीजेपी भगाओ का नारा आ रहा है.

    अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे लगता है कि जल्द है राजनीतिक दल और अलग अलग राज्यों के लोग बीजेपी के खिलाफ खड़े होंगे.

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    मंगलवार शाम नीतीश कुमार ने राज्य के राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर जेडीयू और बीजेपी गठबंधन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने फिर से राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने सात दलों के 164 और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन की बात करते हुए नई सरकार बनाने का दावा पेश किया.

    वहीं आज दोपहर को बिहार में एक बार फिर महागठबंधन की सरकार शपथ ग्रहण करने जा रही है.

  13. नीतीश कुमार के फ़ैसले पर कांग्रेस ने कहा- महाराष्ट्र में बीजेपी ने दलबदल किया, बिहार ने उसे बेदखल कर दिया

    नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव

    कांग्रेस ने बिहार में आए सियासी बदलाव पर एक बार फिर बीजेपी पर तंज़ कसा है. पार्टी के प्रवक्ता जयराम रमेश ने महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक घटनाक्रम और उसमें बीजेपी की भूमिका का ज़िक्र किया और ये भी बताया कि बिहार में जो हुआ वो उससे कैसे अलग था.

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    जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा है- बिहार में जो हुआ वो ऑपरेशन लोटस से कितना अलग है! न कैश पकड़ा गया, न ईडी की छापेमारी हुई. न असम के सीएम की ज़रूरत पड़ी, न रिजॉर्ट की. उन्होंने आगे लिखा है- सब कुछ सभ्य तरीक़े से हुआ. सीएम को सबसे बड़ी पार्टी और अन्य दलों का समर्थन मिला. महाराष्ट्र में बीजेपी ने दलबदल किया, बिहार में उसे बेदखल कर दिया गया.

    जयराम रमेश

    मंगलवार को बिहार में बड़ा सियासी बदलाव हुआ, जब नीतीश कुमार ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया. इसके बाद नीतीश कुमार ने इस्तीफ़ा दिया और फिर तेजस्वी यादव से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया. नीतीश कुमार को आरजेडी और अन्य कई पार्टियों ने समर्थन दिया है.

    वर्ष 2020 में बिहार विधानसभा का चुनाव नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था. लेकिन पिछले कुछ समय से दोनों पार्टियों में मतभेद चल रहे थे. नीतीश कुमार ने एक दिन पहले कहा था कि उनकी पार्टी के विधायकों और सांसदों ने एनडीए से नाता तोड़ने का फ़ैसला किया.

  14. श्रीकांत त्यागी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, पुलिस ने बताया कैसे किया गिरफ्तार

    श्रीकांत त्यागी

    दिल्ली से सटे नोएडा की ग्रैंड ओमैक्स सोसायटी में एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में सूरजपुर कोर्ट ने श्रीकांत त्यागी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

    श्रीकांत त्यागी को पुलिस ने मंगलवार को मेरठ से गिरफ्तार किया था. उनके तीन साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

    मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए श्रीकांत त्यागी ने कहा कि जिस महिला के साथ उन्होंने दुर्व्यवहार किया वह उनकी बहन की तरह है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए ऐसा किया गया था.

    अदालत से ले जाते समय त्यागी ने कहा कि घटना के लिए माफी भी मांगी.

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    कितनी बार बदली लोकेशन

    इससे पहले नोएडा पुलिस ने कहा था कि श्रीकांत त्यागी अपनी कार पर एक विधायक स्टिकर का इस्तेमाल कर रहे थे, जो कथित तौर पर उत्तर प्रदेश के एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने दिया था. इस मामले में पुलिस जांच कर रही है.

    पुलिस ने बताया कि शुरू में त्यागी को पकड़ने के लिए आठ टीमों का गठन किया गया था लेकिन उसका पता नहीं लगाया जा सका क्योंकि वह अपनी जगह और मोबाइल फोन को बदल रहा था.

    पुलिस ने टीमों की संख्या को बढ़ाकर 12 किया और लगातार उनका पीछा किया. पुलिस के मुताबिक त्यागी मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और ऋषिकेश गए थे.

    इसके अलावा पुलिस ने श्रीकांत त्यागी द्वारा इस्तेमाल किए गए पांच वाहन बरामद किए हैं जिनमें दो फॉर्च्यूनर, दो सफारी और एक होंडा सिविक शामिल हैं.

  15. बीजेपी की नीतीश को घेरने की तैयारी, पटना में आज प्रदर्शन

    बिहार बीजेपी

    बिहार में जेडीयू-बीजेपी गठबंधन टूटने के विरोध में आज सुबह 10 बजे से बीजेपी कार्यकर्ता पटना में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे.

    ये जानकारी बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने ट्वीट कर दी है. उन्होंने लिखा कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के पीठ में विश्वासघात का खंजर मारा है. उन्हें बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी. इस विश्वासघात के खिलाफ बीजेपी कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करेंगे.

    राजनीतिक फेरबदल के विरोध में बीजेपी 12 अगस्त को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों और 13 अगस्त को प्रखंड मुख्यालयों पर भी धरना प्रदर्शन करेगी.

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    बीजेपी से अलग होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद से लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तक नीतीश कुमार पर जनता के जनादेश का अनादर करने का आरोप लगा रहे हैं.

    गिरिराज सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के लिए ना सिर्फ एनडीए बल्कि देश में भी जगह नहीं है. बिहार की जनता उनको फिर से सबक सिखाएगी.

    वहीं शाहनवाज़ हुसैन ने कहा कि हमने हमेशा से नीतीश कुमार को सम्मान देने का काम किया है.

    पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार को प्रदेश के जनता ने कमज़ोर किया था उसके बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया.

  16. बिहार में ये पार्टियाँ हैं नीतीश-तेजस्वी के साथ, ऐसे मिला 165 विधायकों का समर्थन

    नीतीश कुमार
    इमेज कैप्शन, नीतीश कुमार

    बिहार में नीतीश कुमार ने मंगलवार को एनडीए से नाता तोड़ने के बाद शाम राज्यपाल से मुलाकात कर 165 विधायकों के समर्थन का दावा पेश किया जिसके बाद उन्हें सरकार बनाने का न्योता मिला है.

    बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों की ज़रूरत है.

    ऐसे में नीतीश कुमार के पास अब कुल सात दलों के विधायकों और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन जोड़ बहुमत के आँकड़े से 43 सीटें ज़्यादा आ गई हैं.

    नीतीश को सरकार बनाने में आरजेडी, हम, कांग्रेस, लेफ्ट और एआईएमआईएम पार्टियां समर्थन दे रही हैं.

    किसके कितने विधायक

    • जेडीयू- 45
    • आरजेडी- 79
    • हम -4
    • कांग्रेस - 19
    • सीपीआई(एमएल)- 12
    • सीपीआई (एम)- 2
    • सीपीआई-2
    • एआईएमआईएम - 1
    • निर्दलीय- 1
    • कुल- 165

    हाल ही में सज़ा के ऐलान के बाद आरजेडी के मोकामा से विधायक अनंत सिंह की विधायकी चली गई थी.

    वहीं बिहार विधानसभा में बीजेपी के 77 विधायक हैं और वो सदन में आरजेडी के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है.

  17. बिहारः आज बनेगी महागठबंधन की सरकार, सीएम और डिप्टी सीएम लेंगे शपथ

    नीतीश कुमार के साथ तेजस्वी यादव

    जेडीयू और राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन की नई सरकार आज दोपहर 2 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण करेगी.

    राष्ट्रीय जनता दल ने अपने ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में शपथ ग्रहण की जानकारी दी. हालांकि पार्टी ने यह नहीं बताया है कि नई सरकार में कौन मुख्यमंत्री होंगे और कौन उपमुख्यमंत्री बनेंगे.

    हालाँकि, मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहेंगे और उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तेजस्वी यादव को मिलेगी.

    2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की सरकार बनी थी जिसमें नीतीश कुमार मुख्यमंत्री और तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री बने थे.

    हालाँकि, 2017 में नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों को वजह बताकर महागठबंधन से हाथ खींच लिया था.

    इसके बाद उन्होंने बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी.

    2020 के चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला था. तेजस्वी यादव की अगुआई में राष्ट्रीय जनता दल सबसे बड़ी पार्टी चुनकर आई थी मगर वो सरकार बनाने लायक बहुमत हासिल नहीं कर सकी.

    तब जेडीयू ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई. बीजेपी को जेडीयू से ज़्यादा सीटें मिली थीं. मगर एनडीए ने जेडीयू नेता नीतीश कुमार की अगुआई में सरकार बनाने का फ़ैसला किया.

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    मंगलवार को नीतीश ने एनडीए से नाता तोड़ा

    इससे पहले नीतीश कुमार ने मंगलवार शाम 4 बजे राज्य के राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर जेडीयू और बीजेपी गठबंधन के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने फिर से राज्यपाल से मुलाकात की. उन्होंने सात दलों के 164 और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन की बात करते हुए नई सरकार बनाने का दावा पेश किया.

    नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए नीतीश कुमार, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह एक ही कार में बैठकर राजभवन पहुंचे थे.

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