आप इस वेबसाइट का टेक्स्ट-ओनली वर्शन देख रहे हैं जो कम डेटा खर्च करता है. सभी तस्वीरों और वीडियो के साथ वेबसाइट का मुख्य वर्शन देखें.

मुझे मुख्य वेबसाइट पर ले जाएं

मणिपुर की जगह राजस्थान में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाने वाले मंत्री को गहलोत सरकार ने किया बर्ख़ास्त

राजस्थान में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को पद से बर्खास्त कर दिया गया है.

लाइव कवरेज

  1. बिहार एमएलसी चुनाव: बीजेपी के लिए बदली तस्वीर, नवल किशोर यादव हारे, जनसुराज की एंट्री

  2. लाखों फॉलोअर्स वाले शख्स को चुनाव में मिले 33 वोट

  3. फ़िल्म 'रामायण' में सीता के किरदार के लिए साई पल्लवी के चुने जाने पर क्यों छिड़ी बहस?

  4. कश्मीर में बच्चे को सीने से बांधकर हाफ़ मैराथन दौड़ीं कुलसुम, बताई ये वजह

  5. साइक्लोन 'अर्नब' ने पार किया आंध्र का तट, अब किन इलाक़ों में भारी बारिश का ख़तरा?

  6. कैप्टन स्मित मच्छर को यूएई की सरकार ने दिया यह सम्मान

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने विमान और यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को देश के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाज़ा है.

    फ़्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छर को 'ऑर्डर ऑफ़ जायद सेकंड- फ़र्स्ट क्लास' से नवाज़ा गया है.

    यह जानकारी दुबई सरकार के आधिकारिक मीडिया ऑफ़िस के एक्स हैंडल से दी गई है.

    अबू धाबी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान यूएई के राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित से मुलाक़ात की और उनकी बहादुरी की सराहना की.

    यह पुरस्कार दुबई के क्राउन प्रिंस और उप प्रधानमंत्री शेख़ हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने कैप्टन स्मित मच्छर को दिया.

    बता दें कि बीते 30 सितंबर को फ़्लाईदुबई का एक विमान जब दुबई से इसराइल के तेल अवीव के लिए जा रही थी, इस दौरान विमान के को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला जानलेवा हमला कर दिया था.

    कैप्टन मच्छर ने साहस दिखाते हुए घायल हालत में कॉकपिट खोल दिया जिससे विमान में मौजूद यात्रियों ने आकर स्थिति को संभाला. इस तरह विमान गिरने से बच गया.

  7. जियो की शेयर बाज़ार में एंट्री से क्या ख़त्म हो जाएगा सस्ते मोबाइल इंटरनेट का दौर?

  8. चार राज्यों की 28 एमएलसी सीटों पर कौन रहा अव्वल, उत्तर प्रदेश में बीजेपी या सपा- किसने मारी बाज़ी?

  9. कर्नाटकः एमएलसी चुनावों में अपनी भी सीट नहीं बचा पाई कांग्रेस, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी हिंदी के लिए, बेंगलुरु से

    एनडीए के सहयोगी दलों जनता दल सेक्युलर और बीजेपी के बीच बने नए तालमेल और आपसी सहयोग का असर कर्नाटक विधान परिषद के चुनाव में साफ़ दिखा है.

    ग्रेजुएट और टीचर्स कोटे की चारों सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस का पूरी तरह सफ़ाया हो गया. इन सीटों पर बीजेपी पहले से ही काफ़ी मज़बूत रही है और पहले भी ग्रेजुएट व टीचर्स कोटे से कई चुनाव जीत चुकी है.

    लेकिन इस बार गठबंधन को सबसे शानदार जीत बेंगलुरु टीचर्स सीट पर मिली है, जहां कांग्रेस के उम्मीदवार पुट्टन्ना पिछले पांच बार से लगातार चुनाव जीत रहे थे.

    इस बार पुट्टन्ना को जेडीएस के उम्मीदवार और बेंगलुरु एडवोकेट्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एपी रंगनाथ ने 918 वोटों के अंतर से हरा दिया.

    तीसरी बार अपनी क़िस्मत आज़मा रहे रंगनाथ को 10 हजार 810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को सिर्फ़ 9 हजार 902 वोट ही मिल सके.

    यह वही सीट है जहां मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने ख़ुद भी चुनाव प्रचार किया था. आम तौर पर टीचर्स और ग्रेजुएट कोटे के विधान परिषद चुनाव में किसी मुख्यमंत्री का उतरकर प्रचार करना काफ़ी असामान्य बात मानी जाती है.

    विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने इस जीत पर कहा, "यह तो बस एक शुरुआत है, आने वाले दिनों में राज्य की जनता कांग्रेस सरकार को करारा सबक़ सिखाएगी."

    पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस जीत का श्रेय गठबंधन के साथियों के बीच आर अशोक के बेहतरीन तालमेल को दिया.

    बाक़ी की तीन सीटों पर भी बीजेपी उम्मीदवारों ने बड़े फ़ासले से जीत दर्ज की.

    बीजेपी के शशिल नमोशी ने कांग्रेस के शरणप्पा मातूर को 3 हजार 297 वोटों से हराकर अपनी कर्नाटक नॉर्थ-ईस्ट टीचर्स सीट बचाए रखी.

    ख़ास बात यह है कि इस सीट के वोटर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के गृह ज़िले में आते हैं.

    साउथ-ईस्ट ग्रेजुएट सीट पर बीजेपी के केएम सुरेश ने कांग्रेस के शशि हुलिकुंटेमठ के ख़िलाफ़ 23 हजार 98 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की.

    वहीं, वेस्ट ग्रेजुएट सीट पर बीजेपी के एसवी संकनूर ने कांग्रेस के मोहन लिंबिकायी को 9 हजार 323 वोटों से हराया.

    दूसरी तरफ़, प्रियंक खड़गे ने स्वीकार किया, "नतीजे हमारी उम्मीदों के मुताबिक़ नहीं रहे. हमने इससे सबक़ सीखा है और अब हम और ज़्यादा मेहनत करेंगे. हालांकि, इस नतीजे को हमारी सरकार के कामकाज का आईना नहीं माना जा सकता."

  10. कूनो में चीते को किसने मारी गोली? शरीर से मिले 5 छर्रे, जांच के लिए केंद्र ने भेजी टीम

  11. राहुल गांधी ने टाटा समूह को 'बर्बाद किए जाने' का आरोप लगाया

    कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने टाटा समूह में चल रहे विवाद को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया, टाटा समूह को आपराधिक तरीक़े से बर्बाद किया जा रहा है, लेकिन कोई भी बड़ा उद्योगपति एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है."

    उन्होंने लिखा, "आप कब तक ख़ामोश रहेंगे? क्या तब तक, जब तक वे आप पर क़ब्ज़ा न कर लें? भारतीय उद्योग जगत मोदी और शाह का 'खिलौना' नहीं है."

    उन्होंने उद्योगपतियों से कहा, "आप में साहस की कमी है, लेकिन हम में नहीं है और हम इन अपराधों के ख़िलाफ़ इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे."

    राहुल गांधी के बयान को साझा करते हुए एनसीपी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनीश गवांदे ने भी एक्स पर लिखा, "उनके पार्टी प्रमुख शरद पवार ने इस बारे में पहले ही आगाह किया था. टाटा को बर्बाद करने से ऐसी संस्थाओं के अस्तित्व पर ख़तरा आ जाएगा. क्या यही वह नया भारत है जिसे हम अपनी आँखों के सामने बनते हुए देखना चाहते हैं?"

    दरअसल, टाटा संस के एग्ज़ीक्यूटिव चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद हो रहा है.

    टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने बोर्ड मीटिंग के उस प्रस्ताव को 'अवैध' क़रार दिया है, जिसके ज़रिए चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति हुई थी.

    पीटीआई के मुताबिक, गांधी की यह टिप्पणी टाटा समूह में टाटा संस के नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद के बीच आई है. इस विवाद के चलते ट्रस्टियों के बीच मतभेद सामने आए हैं और मामला टाटा संस के बोर्डरूम तक पहुंच गया है.

    इस हफ्ते की शुरुआत में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एन. चंद्रशेखरन को टाटा संस का चेयरमैन फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव को चुनौती दी.

    इस प्रस्ताव को टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के 17 सितंबर को हुई बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई थी. टाटा समूह देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक है.

  12. साइक्लोन 'अर्नब' की गंभीरता बढ़ी, इन राज्यों में बहुत तेज़ बारिश और ओले गिरने की चेतावनी

  13. दिल्ली में जनसुनवाई कार्यक्रम के बीच राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना

    दिल्ली के त्रिलोकपुरी में मंगलवार को राहुल गांधी जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल हुए.

    उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव के साथ सीपीआई (एमएल) के नेता भी मौजूद रहे.

    इस कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लोगों का वोट छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची से लोगों के नाम काटे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार फ़र्जी तरीके से वोटर लिस्ट से लोगों के नाम काटकर 'वोट चोरी' को अंजाम दे रहे हैं और ये देशद्रोह है.

    चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 4 बूथों में 416 मतदाताओं के नाम अवैध तरीके से काट दिए गए हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वो जवाब नहीं देते.

    राहुल ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा नहीं देंगे तब तक विपक्ष नहीं रुकेगा. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान में करोड़ों लोगों से उनका अधिकार और वोट छीनने की कोशिश की जा रही है.

    उन्होंने कहा कि विपक्ष लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहा है और अब देश के लोगों को भी 'वोट चोरी' के मामले की गंभीरता समझ में आने लगी है.

    उन्होंने आरोप लगाया कि यह समस्या शीर्ष स्तर से जुड़ी हुई है और गरीबों के अधिकारों पर इसका असर पड़ रहा है.

  14. सोनिया गांधी ने कहा, 'मेरी किताब आएगी तो तमाशा तो होगा ही'

    कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी आगामी आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग – ए जर्नी ऑफ लव’ को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया.

    इस वीडियो में उन्होंने कहा कि जब राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया जा रहा था, तब वह इस फैसले के बिल्कुल खिलाफ थीं और कभी नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनें.

    इस वीडियो में उन्होंने अगले महीने 10 नवंबर को लॉन्च होने जा रही अपनी किताब और अपने जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पलों पर खुलकर बात की है. सोनिया गांधी ने अपने वीडियो पोस्ट के कैप्शन में लिखा, "जब यह किताब आएगी, तो कुछ तमाशा होना तो तय है."

    "आखिरकार, दूसरों ने दशकों तक मेरी कहानी सुनाई है, अब मेरी बारी है." आगे वो कहती हैं,''मुझे नहीं पता कि मुझे पूरी कहानी बतानी चाहिए या नहीं, लेकिन मुझे लगा कि मेरे बारे में बहुत कुछ लिखा गया है और उसमें से काफी कुछ सही नहीं था."

    आगे वो कहती हैं, ''बहुत-सी बातें या तो मनगढ़ंत थीं या फिर उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था. इसलिए मुझे लगा कि अब मुझे खुद अपनी कहानी लिखनी चाहिए और तथ्यों व घटनाओं को ठीक वैसे ही बताना चाहिए, जैसे वे असलियत में घटी थीं.''

  15. खड़गे के बयान पर विवाद: नेता विवादित बयान क्यों देते हैं, क्या उन्हें क़ानून का डर नहीं?

  16. पाकिस्तान पर ईरान भरोसा क्यों करता है?

  17. सोने की तलाश में इस नदी की ख़ाक छान रहे हैं लोग, कितनी होती है कमाई

  18. ज़ुल्फ़िक़ार अली भुट्टो पाकिस्तान बनने के कई साल बाद भी ख़ुद को भारतीय साबित करने की कोशिश क्यों कर रहे थे?

  19. एसआईआर पर चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब: 'फ़ैसले ज्ञानेश कुमार ने अकेले नहीं लिए'

  20. गुजरात के इस गांव में कैसे रहते हैं लोग जहां रोज़ घूमते हैं शेर?