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पिता की रणनीति ने बेटी को दिलाया पहला ग्रैंड स्लैम
डेनमार्क की कैरोलाइन वोज़नियाकी के लिए शनिवार की रात सपनों को सच करने वाली थी.
स्थानीय समय के मुताबिक शाम साढ़े सात बजे जब कैरोलाइन मेलबर्न के रोड लैवर एरिना में उतरीं तो तीस डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान की वजह से कोर्ट तप रहा था.
ठीक दो घंटे और 49 मिनट के बाद वो उसी कोर्ट पर लेटी हुई थीं और आंखों से बहते आंसुओं के साथ बरसों से देखा गया सपना पिघलकर बह रहा था. अब वो हकीकत बन चुका था.
रैंकिंग में नंबर एक रोमानिया की सिमोना हालेप को 7-6 (7-2), 3-6, 6-4 से हराकर कैरोलाइन ने सिर्फ़ ट्रॉफी नहीं जीती, बल्कि नंबर वन की रैंकिंग पर भी हक़ जता दिया. सोमवार को वो नंबर वन की पोजीशन पर काबिज हो जाएंगी.
अपने ख्वाब का जिक्र करते हुए कैरोलाइन ने कहा, "मैं इस पल का ख्वाब कई सालों से देख रही थी."
मुश्किल था ख्वाब को हक़ीक़त में बदलना
इस ख्वाब को हक़ीकत की शक्ल देना कितना मुश्किल था. इसका अंदाज़ा इन आंकड़ों से हो सकता है.
- कैरोलाइन 43वीं कोशिश में पहला ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीत सकी हैं.
- वो दो बार यूएस ओपन में रनर्स अप यानी उपविजेता रह चुकी हैं.
- पहली बार उन्हें 2009 और दूसरी बार 2014 में फाइनल में हार झेलनी पड़ी.
- इस दशक की शुरुआत में वो 67 हफ्तों तक रैंकिंग में नंबर वन थीं.
- साल 2016 में उनकी रैंकिंग गिरकर 74वीं हो गई थी.
पिता की रणनीति काम आई
ये वो दौर था जब आलोचक उन्हें ख़ारिज करने लगे थे. ऐसे वक़्त में उनके पिता पियोटर वोज़नियाकी मदद के लिए आगे आए. पियोटर उनके कोच भी हैं.
- पिता के साथ रणनीति बनाते हुए उन्हें लगा कि खेल में बदलाव की ज़रूरत है
- उन्होंने खेल की आक्रामक शैली अपनाई
- फोरहैंड और बैकहैंड में गति बढ़ाई
- सर्व को बेहतर किया
- गेमप्लान में भी आक्रामकता झलकने लगी
इस बदलाव का असर कोर्ट पर दिखने लगा. वो रैंकिंग में तेज़ी से ऊपर चढ़ने लगीं और शनिवार को पहला ग्रैंड स्लैम ख़िताब अपने नाम कर लिया.
जीत के उस पल में दोनों हाथ आगे कर मुट्ठियां बांधे खुशी जाहिर करने वाले पिता का शुक्रिया अदा करना कैरोलाइन भूली नहीं.
उन्होंने कहा, "मैं अपने पिता का शुक्रिया करना चाहती हूं जो तब से मेरी मदद के लिए मौजूद रहे हैं जब मैं सात साल की थी. उतार-चढ़ाव आए लेकिन आप रास्ते के हर कदम पर मौजूद थे."
27 साल की कैरोलाइन डेनमार्क की पहली खिलाड़ी हैं जिन्होंने ग्रैंड स्लैम का सिंगल्स ख़िताब जीता है.
रनर्स अप रहीं सिमोना हालेप को भी अपने पहले ग्रैंड स्लैम ख़िताब का इंतज़ार था.
कड़े मुक़ाबले के बाद उन्होंने कहा, "मैं निराश हूं लेकिन कैरोलाइन मुझसे बेहतर थी "
सिमोना इसके पहले दो बार फ्रेंच ओपन फ़ाइनल में हार झेल चुकी हैं और शनिवार को भी उनके हाथ मायूसी ही लगी.
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