रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए ईरान युद्ध को ज़िम्मेदार बताकर क्या ट्रंप से दूरी बना रहे हैं उपराष्ट्रपति वेंस?

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- Author, डैनियल बुश
- पदनाम, वाशिंगटन संवाददाता
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार को वॉशिंगटन में हलचल मचा दी. उन्होंने मिडटर्म चुनाव में अपनी पार्टी की हार के लिए सीधे तौर पर ईरान युद्ध को ज़िम्मेदार ठहराया.
उनके इस बयान को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दूरी बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
माना जा रहा है कि वेंस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में उतरने की तैयारी कर सकते हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर क़रीब 600 शब्दों के एक बेहद नपे-तुले बयान में उपराष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि 2024 में ट्रंप को वोट देने वाले मतदाताओं ने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का साथ छोड़ दिया.
उन्होंने लिखा, "हमारी हार की वजह युद्ध है. राष्ट्रपति ने ख़ुद कल रात यह बात कही थी."
ट्रंप से खुलकर असहमति जताई

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मंगलवार देर रात और बुधवार को दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप ने युद्ध का बचाव किया था.
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत मिलने में युद्ध की भूमिका रही.
ईरान युद्ध को लेकर वेंस की राय किसी से छिपी नहीं है.
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फ़रवरी में अमेरिका और इसराइल के ईरान पर हमले के बाद से उन्होंने सार्वजनिक रूप से कई बार इस संघर्ष का समर्थन किया है.
हालांकि, ख़बरों के मुताबिक़, प्रशासन के अधिकारियों के साथ निजी बैठकों में उन्होंने युद्ध का विरोध किया था.
लेकिन अब तक इन मतभेदों को सार्वजनिक नहीं होने दिया गया था. अब ऐसा नहीं है.
ट्रंप और उनकी पार्टी को चुनाव में करारी हार मिलने के कुछ ही घंटों बाद वेंस ने साफ़ कर दिया कि उनके मुताबिक़, युद्ध शुरू करने का फ़ैसला राजनीतिक रूप से एक बड़ी ग़लती थी.
वेंस ने कहा, "अगर आप यह तर्क देना चाहते हैं कि यह सब करना सही था और अगले छह साल तक सीनेट में बहुमत गंवाना सही है, तो आप ऐसा कर सकते हैं. आप कह सकते हैं कि इसकी क़ीमत चुकाना उचित था. आप इससे सहमत हों या असहमत, कम से कम यह ईमानदार बात तो होगी."
यह एक असाधारण बयान था. हाल के अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में इसकी कोई मिसाल याद करना मुश्किल है.
ऐसा कोई दूसरा मौक़ा याद करना कठिन है, जब किसी मौजूदा उपराष्ट्रपति ने विदेश नीति के किसी बड़े मुद्दे पर राष्ट्रपति से इतनी खुलकर असहमति जताई हो.
ट्रंप आमतौर पर अपने वरिष्ठ सलाहकारों से पूरी वफ़ादारी की अपेक्षा करते हैं.
लेकिन उन्होंने वेंस की इस बात से सहमति जताई कि मिडटर्म चुनाव के नतीजे काफ़ी हद तक युद्ध से तय हुए.
लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें फिर से वही विकल्प चुनने का मौक़ा मिले, तो वह दोबारा ऐसा ही करेंगे.
'ट्रंप से अलग पहचान बनाने की कोशिश'

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ट्रंप अपने सलाहकारों की वफ़ादारी को बहुत अहमियत देते हैं. वेंस के बयान का समर्थन करना इस बात का संकेत है कि अगर उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का फ़ैसला करते हैं, तो ट्रंप उन्हें अपनी अलग राह पर चलने की छूट दे सकते हैं.
जब पत्रकारों ने ट्रंप से वेंस की उस पोस्ट के बारे में सवाल किया, जिसमें उन्होंने युद्ध को चुनावी नतीजों की वजह बताया था, तो ट्रंप ने कहा, "मैं जानता हूं कि इस बारे में उनकी क्या राय है. मुझे लगता है कि यह ठीक था. जब मैंने युद्ध में उतरने का फ़ैसला किया था, तब मुझे यह पता था. हमने उन्हें (ईरान को) परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया और अब उनके पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा."
सेंटर फ़ॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ के विदेश नीति विशेषज्ञ डैनियल बायमन ने कहा कि वेंस का यह बयान "ट्रंप से अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश" जैसा लगा.
बायमन ने आगे कहा कि अगर वेंस राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होते हैं, तो ट्रंप के साथ तुलना करना एक नाज़ुक संतुलन बनाने जैसा होगा.
यह संतुलन वेंस की पोस्ट में साफ़ दिखाई दिया. उपराष्ट्रपति ने ट्रंप का नाम नहीं लिया और चुनाव नतीजों के अपने विश्लेषण का श्रेय काफ़ी हद तक अज्ञात सर्वेक्षणकर्ताओं को दिया.
रिपब्लिकन रणनीतिकार एशले डेविस ने बीबीसी को बताया कि वेंस ने "यह देखने के लिए पानी में अपना पैर डाला कि वह क्या करने वाले हैं."
ईरान युद्ध की आलोचना के अलावा, वेंस ने पार्टी के लिए एक राजनीतिक खाका भी पेश किया. इससे उनके संभावित राष्ट्रपति चुनाव अभियान की झलक मिलती है.
उन्होंने मतदाताओं को वापस जीतने के लिए पार्टी की चार सूत्री रणनीति बताई:
1. युद्ध ख़त्म करें.
2. जीवनयापन की लागत और महंगाई पर ध्यान दें.
3. अमेरिका को प्राथमिकता दें.
4. इसराइल के साथ संबंधों में बदलाव करें.
इस सूची से दुनिया को लेकर वेंस के उस नज़रिये की झलक मिलती है, जो राष्ट्रीय राजनीति में आने के बाद से उनका रहा है. ये बातें उनके भविष्य के चुनावी भाषणों में दिए जाने वाले तर्कों जैसी लगती हैं.
बीबीसी ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए वेंस के दफ़्तर से संपर्क किया है.
अगले राष्ट्रपति चुनाव पर रहेगी नज़र
बेशक, अगले राष्ट्रपति चुनाव में अभी दो साल का वक़्त है. उम्मीद की जा रही है कि वेंस चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उन्होंने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक फ़ैसला नहीं किया है.
उनके सहयोगियों का कहना है कि वह अभी इस पर विचार कर रहे हैं.
यह भी बहस का विषय है कि वेंस ने वास्तव में ट्रंप से कितनी असहमति जताई.
'द न्यूयॉर्क टाइम्स' के मुताबिक़, वेंस ने अपनी पोस्ट ऑनलाइन डालने से पहले ट्रंप को दिखाई थी.
दूसरी ओर, ट्रंप अपना रुख़ बदल सकते हैं और साफ़ कर सकते हैं कि वह वेंस या किसी और की असहमति बर्दाश्त नहीं करेंगे.
राष्ट्रपति ने अभी तक इस बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है कि 2028 के रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर वह किसका समर्थन करेंगे.
ट्रंप कई मौक़ों पर वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तारीफ़ कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया है कि वह कब या किसका समर्थन करेंगे.
ऐसा लगता है कि ट्रंप को इस अटकल में दिलचस्पी है कि उनके राजनीतिक आंदोलन को आगे कौन ले जाएगा.
वह पहले यह विचार भी सामने रख चुके हैं कि वह तीसरी बार राष्ट्रपति बन सकते हैं, हालांकि अमेरिकी संविधान इसकी इजाज़त नहीं देता.
हो सकता है कि मिडटर्म चुनाव को लेकर वेंस का यह बयान आख़िरकार बहुत अहम साबित न हो.
लेकिन यह 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ और ट्रंप के बाद रिपब्लिकन पार्टी की कमान संभालने की लड़ाई का शुरुआती संकेत भी हो सकता है.
हमने इस लेख का अनुवाद करने में एआई की मदद ली है, जिसे मूल रूप से अंग्रेज़ी में लिखा गया था. बीबीसी के एक पत्रकार ने प्रकाशन से पहले इस अनुवाद की जांच की. हम एआई का उपयोग कैसे कर रहे हैं, इसके बारे में और जानें.




















