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कोरोना अपडेट: ममता ने कहा, केंद्र सरकार कर रही है राजनीति
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि केंद्र को कोरोना वायरस के समय में राजनीति नहीं करनी चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए हुई बैठक में ममता बनर्जी ने केंद्र के रवैए पर नाराज़गी जताई और कहा कि राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है.
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने इस बैठक के दौरान कहा कि एक राज्य के रूप में वे कोरोना वायरस से निपटने की हरसंभव कोशिश कर रही हैं, लेकिन हमसे हमारी राय नहीं पूछी जाती.
ममता बनर्जी ने कहा कि सभी राज्यों को बराबर का महत्व मिलना चाहिए और सभी को मिल-जुलकर टीम इंडिया की तरह काम करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है, तो अन्य बड़े राज्यों की अपनी अलग चुनौतियाँ हैं. इसलिए देश के संघीय ढाँचे का सम्मान किया जाना चाहिए.
विवाद
कोरोना महामारी से निपटने को लेकर केंद्र और पश्चिम बंगाल की सरकार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है और बयानबाज़ी भी ख़ूब हुई है. मार्च में एक केंद्रीय टीम ने पश्चिम बंगाल का दौरा भी किया था. पश्चिम बंगाल पर ये आरोप लगा था कि वहाँ लॉकडाउन का उल्लंघन हो रहा है और कोरोना वायरस के मामलों की ग़लत जानकारी दी जा रही है.
इस पर ममता बनर्जी ने नाराज़ होकर पीएम मोदी को एक चिट्ठी भी लिखी थी, जिसमें उन्होंने कहा कि केंद्रीय टीम के दौरे के बारे में उन्हें जानकारी तक नहीं दी गई थी.
उन्होंने केंद्र से ये भी पूछा था कि उनके ही राज्य को केंद्रीय टीम के दौरे के लिए क्यों चुना गया. दूसरी ओर केंद्रीय टीम ने आरोप लगाया कि उन्हें राज्य सरकार से सहयोग नहीं मिला. हालांकि राज्य सरकार ने इसका खंडन किया.
केंद्र का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में जनसंख्या के अनुपात में काफ़ी कम टेस्टिंग हुई है, जबकि मृत्यु की दर वहाँ देश में सबसे ज़्यादा है.
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल का तर्क है कि शुरू में कम मामले इसलिए सामने आएँ क्योंकि आधारभूत सुविधाओं की कमी थी और इस कारण वहाँ मृत्यु की दर अधिक है.
केंद्र ने भारत और बांग्लादेश के बीच सामानों की आवाजाही पर ममता सरकार की रोक को लेकर भी नाराज़गी जताई थी. केंद्र का कहना था कि किसी भी देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएँ होती हैं और इससे उस पर उल्टा असर पड़ सकता है.
इससे पहले राज्यपाल जगदीप धनकड़ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाज़ी हुई थी.
केंद्र सरकार का निर्देश
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचि राजीव सिन्हा को पत्र भी लिखा है.
उन्होंने पत्र में लिखा है कि पश्चिम बंगाल सरकार न सिर्फ़ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तरह गृह मंत्रालय के आदेशों का उल्लंघन कर रही है, बल्कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 253, 256 और 257 की भी अनदेखी कर रही है.
उन्होंने राज्य सरकारों को एक मई के आदेश की भी याद दिलाई है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश पड़ोसी देशों के साथ हुए समझौते के तहत ज़मीनी मार्ग से सामान की आवाजाही (ट्रक या अन्य कार्गो वाहन) को नहीं रोक सकते.
इसके बाद पश्चिम बंगाल की सरकार ने ये सलाह दी थी कि भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार दक्षिणी बंगाल के नादिया ज़िले से जारी रह सकता है.
पिछले सप्ताह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल को कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट वाले 10 राज्यों में शामिल किया. इन राज्यों में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम जाएगी और महामारी के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकारों की मदद करेगी.
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