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चार शहरों में बैन होंगी डीज़ल गाड़ियां
- Author, मैट मैक्ग्राथ
- पदनाम, पर्यावरण संवाददाता, बीबीसी
- प्रकाशित
पेरिस, मैक्सिको शहर, मैड्रिड और एथेंस के मेयरों ने मिलकर तय किया है कि हवा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए वो डीज़ल गाड़ियों पर 2025 तक प्रतिबंध लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
इन प्रमुख वैश्विक शहरों के नेताओं के मुताबिक़ वो डीज़ल कार और ट्रक पर अगले दशक के मध्य तक पूरी तरह से रोक लगा देंगे.
इन नेताओं के मुताबिक़, ''वाहनों की जगह पैदल चलने और साइकलिंग करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा. ऐसे लोगों को हर तरीक़े से बढ़ावा दिया जाएगा.''
पर्यावरण को लेकर यह फ़ैसला मेक्सिको में हर दो साल पर होने वाले सी 40 के सम्मेलन में लिया गया.
इसमें दुनिया के शहरों के मेयर, प्रतिनिधि और जलवायु संकट पर काम करने वाले कार्यकर्ता भाग लेते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक़ हर साल वायु प्रदूषण के कारण क़रीब 30 लाख लोगों की मौत हो जाती है.
डीज़ल इंजन वायु प्रदूषण को दो तरीक़े से बढ़ाता है. डीज़ल इंजन पार्टिक्यूलेट मैटर (पीएम) और नाइट्रोजन ऑक्साइड पैदा करता है.
डीजल इंजनों से पैदा होने वाली महीन कालिख फेफड़ों में जम जाती है. इससे दिल की बीमारियां हो सकती हैं. कई मामलों में इनकी वजह से मौत भी हो जाती है.
इसी तरह नाइट्रोजन ऑक्साइड से सांस लेने में दिक्कतें पैदा सकती हैं. यह उन लोगों में भी हो सकती हैं जिन्हें पहले से सांस से जुड़ी बीमारियां न हों.
मैक्सिको शहर के मेयर मिगेल अनहेल मैनसेरा ने कहा, ''अब यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि मैक्सिको शहर में हम ट्रैफिक और वायु प्रदूषण जैसी समस्याओं की गिरफ्त में हैं. वैकल्पिक यातायात के मॉडल को विकसित कर हम हमारी सड़कों और फेफड़ों का दम घुटने से बचा सकते हैं.''
पेरिस तो पहले से ही ऐसे कई कदम उठा चुका है. 1997 से पहले पंजीकृत वाहनों का वहां प्रवेश निषेध है.
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