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राजस्थान में 1 नवंबर से फिर सुलग सकती है गुर्जर आंदोलन की आग- आज की बड़ी ख़बरें
राजस्थान में गुर्जर समुदाय एक बार फिर सरकारी नौकरियों में आरक्षण की अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का मन बना चुका है.
बीबीसी के सहयोगी मोहर सिंह मीणा के मुताबिक भरतपुर में शनिवार को हुई महापंचायत में गुर्जर समुदाय ने सरकार को एक नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया है.
राजस्थान के भरतपुर ज़िले में पीलूपुरा के अड्डा गांव में गुर्जर समुदाय ने 6 मांगों को लेकर महापंचायत की. इसमें 80 गांवों के पंच पटेलों को बुलाया गया.
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरएसी, एसटीएफ़ की कंपनियां और भारी पुलिस बल तैनात किया. कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे से ही बंद कर दी गई थीं. पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों व कर्मचारियों के अवकाश रद्द कर दिए गए.
भरतपुर ज़िला कलेक्टर नथमल डिडेल ने बीबीसी से कहा, "महापंचायत पहले सवाई माधोपुर में प्रस्तावित थी लेकिन गुर्जर समुदाय ने 14 अक्तूबर को भरतपुर में पीलूपुरा के अड्डा गांव में महापंचाय करने का निर्णय लिया. इसके तुरंत बाद ही हमने मीटिंग आयोजित की और पहले जहां गुर्जर आरक्षण हुए वहां के पुलिस अधिकारियों को यहां बुलाया."
उन्होंने कहा, "अफवाहें रोकने के लिए 16 अक्टूबर की रात से इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं, महापंचायत ख़त्म होने के बाद सेवाएं फिर शुरू कर रहे हैं."
गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी बैंसला ने एक नवंबर तक मांगें नहीं मानने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.
गुर्जर नेता विजय बैंसला ने बीबीसी से कहा कि, यदि सरकार हमारी लंबित मांगें नहीं मानती है तो एक नवंबर को सुबह 6 बजे से ही राजस्थान में चक्का जाम कर दिया जाएगा.
सरकार ने महापंचायत से एक दिन पहले आईएएस नीरज के पवन, भरतपुर कलेक्टर और एसपी को गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से मुलाक़ात के लिए भी भेजा था.
क्या है गुर्जरों की मांगें?
- मोस्ट बैकवर्ड क्लास (एमबीसी) आरक्षण को केंद्र की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए. बैकलॉग भर्तियां निकालने व प्रक्रियाधीन भर्तियों में पांच प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाए.
- एमबीसी कोटे से भर्ती हुए 1,252 कर्मचारियों को नियमित किया जाए.
- पहले हुए गुर्जर आंदोलनों में मारे गए युवाओं के परिजनों को नौकरी और मुआवज़ा दिया जाए.
- आंदोलन के तहत मुक़दमों को वापस लिया जाए.
- देवनारायण योजना लागू करें.
कंगना पर सांप्रदायिक नफ़रत फैलाने का आरोप, एफ़आईआर का आदेश
मुंबई की एक अदालत ने फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत पर सांप्रदायिकता फैलाने के आरोपों में एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.
कंगना ने इस पर ट्वीट किया, "इसी बीच मेरे ख़िलाफ़ एक और एफ़आईआर दर्ज, लगता है महाराष्ट्र में पप्पू सेना मेरे पीछे पागल हो गई है, मुझे इतना मिस मत करो, मैं जल्द ही वहां आउंगी."
मुनव्वर अली नाम के एक शिकायतकर्ता ने कंगना और उनकी बहन रंगोली पर समाज में सांप्रदायिक नफ़रत फैलाने का आरोप लगाते हुए अदालत में याचिका दायर कर उन पर एफ़आईआर दर्ज किए जाने की मांग की थी.
बांद्रा की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कंगना और उनकी बहन पर लगाए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए उन पर एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया है.
कास्टिंग डायरेक्टर का काम करने वाले मुनव्वर अली ने कंगना पर आईपीसी की कई धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज करने की मांग की थी.
मजिस्ट्रेट जयदेव घुले ने अपने आदेश में कहा, "अधिवक्ता को सुनने और साथ में पेश दस्तावेज़ों को देखने के बाद, प्रथम दृष्ट्या मुझे ये लगता है कि अभियुक्त ने संज्ञेय अपराध (कॉग्निज़ेबल ऑफेंस) किया है."
बलिया हत्याकांडः अभियुक्त पकड़ से बाहर, 50 हज़ार का इनाम घोषित
उत्तर प्रदेश के बलिया में राशन के कोटे के विवाद में एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में हुई हत्या के मामले में यूपी पुलिस ने छह अभियुक्तों पर 50-50 हज़ार रुपये के इनाम की घोषणा की है.
बलिया पुलिस के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया, "इस घटना के संबंध में नामजद किए गए कुल आठ अभियुक्तों में से दो अभी तक गिरफ़्तार किए गए हैं जबकि छह फरार हैं. फरार अभियुक्तों पर 50-50 हज़ार रुपये का इनाम घोषित किया गया है."
पुलिस के मुताबिक स्थानीय बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने अभियुक्तों की ओर से पीड़ित पक्ष के ख़िलाफ़ एफ़आईआर न लिखे जाने पर प्रदर्शन करने की धमकी दी है.
मुख्य अभियुक्त धीरेंद्र प्रताप सिंह बीजेपी नेता और स्थानीय विधायक सुरेंद्र सिंह के क़रीबी हैं. घटना के बाद से ही सुरेंद्र सिंह अभियुक्त पक्ष के समर्थन में बयानबाज़ी कर रहे हैं.
गुरुवार को बलिया ज़िले के दुर्जनपुर गांव में राशन के कोटे के चयन को लेकर चल रही बैठक के दौरान एक पक्ष के लोगों ने अचानक गोलियां बरसानी शुरू कर दी थीं जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए थे.
घटना के समय एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत कई अधिकारी मौके पर ही मौजूद थे. पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अभियुक्त मौके से फरार होने में कामयाब रहे.
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में रेवती थाना क्षेत्र के एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है.
भारत, चीन और रूस दुनिया में बढ़ा रहे हैं प्रदूषण: डोनाल्ड ट्रंप
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, रूस और भारत को दुनिया भर में प्रदूषण बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है. उन्होंने अमरीका को इस मामले में सबसे बेहतर बताया है.
कड़ी चुनावी टक्कर वाले नॉर्थ कैरोलीना राज्य में गुरुवार को एक रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ये बातें कहीं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, उनके प्रशासन में "अमरीका ने अपने पर्यावरण की रक्षा करते हुए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की है. और पर्यावरण प्रदूषण, ओज़ोन परत को होने वाले नुक़सान से जुड़े अमरीका के आंकड़े सबसे बेहतर हैं."
उन्होंने आरोप लगाया कि चीन, रूस और भारत जैसे देश वायु प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने जून 2017 में पेरिस समझौते से अलग होने की घोषणा की थी. उनका कहना था कि इस समझौते से अमरीका को खरबों डॉलर का नुक़सान हो रहा है, नौकरियां जा रही हैं और तेल, गैस व अन्य उद्योग प्रभावित हो रहे हैं.
वो बार-बार ये कहते रहे हैं कि चीन और भारत जैसे देश इस समझौते का सबसे ज़्यादा फायदा उठाते रहे हैं और ये समझौते अमरीका के लिए सही नहीं है.
उन्होंने गुरुवार की रैली में भी कहा कि कुछ देशों की वजह से वैश्विक प्रदूषण बढ़ रहा है.
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