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ब्राज़ील: रविवार को संसद में घुसे प्रदर्शकारी, क्या हैं ताज़ा हालात?
ब्राज़ील की राजधानी ब्रासीलिया में रविवार को प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, सुप्रीम कोर्ट और कई सरकारी इमारतों पर हमला किया.
ये प्रदर्शनकारी, धुर दक्षिणपंथी पूर्व राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो के समर्थक थे, हालांकि अब अधिकारियों ने सरकारी इमारतों को प्रदर्शनकारियों के कब्जे से छुड़वा लिया है.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अलेक्जेंड्रे डी मारेस ने ब्रासीलिया में सेना मुख्यालय के बाहर और देशभर में जहां कहीं भी प्रदर्शनकारियों के शिविर लगे हुए हैं उन्हें हटाने का आदेश दिया है.
अक्टूबर में चुनावों के बाद से ही प्रदर्शनकारी अलग अलग जगह शिविर कैंपों में रहकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
प्रदर्शनकारियों को सेना के मुख्यालय के बाहर लगे एक शिविर कैंप से हटाने के लिए पुलिस पहुंची.
कुछ प्रदर्शनकारियों अभी भी टेंट में हैं लेकिन ऐसा लगता है कि कुछ ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है.
सुरक्षाबलों ने ब्रासीलिया में संसद और सुप्रीम कोर्ट के आसपास के क्षेत्र पर फिर से नियंत्रण कर लिया है और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया है.
राजधानी में इमरजेंसी और शहर की सुरक्षा को और कड़ा करने की घोषणा की गई है जबकि पूर्व राष्ट्रपति बोलसोनारो के सहयोगी रहे गवर्नर को सुरक्षा में चूक के चलते निलंबित कर दिया गया है.
ब्राज़ील के राष्ट्रपति जाएर बोलसोनारो के प्रति वफादार प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में हुए चुनाव को खारिज करने और ब्राज़ील को बचाने के लिए सैन्य हस्तक्षेप की मांग की है.
रविवार को क्या हुआ?
दो साल पहले अमेरिका में जैसे डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक कैपिटल हिल पर चढ़ गए थे वैसे ही तस्वीरें रविवार को ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में देखने को मिलीं.
शनिवार और रविवार को बोलसोनारो के करीब चार हजार समर्थक बसों में भरकर ब्रासीलिया आए और आर्मी कैंप के बाहर शिविर में रह रहे प्रदर्शनकारियों के साथ हो मिल गए.
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शनकारी ऑफिस की खिड़कियों और दरवाजों के साथ तोड़फोड़ करते, फर्नीचर, कंप्यूटर और प्रिंटर को जमीन पर फेंकते हुए देखे जा सकते हैं.
दंगा करने वालों ने सरकारी इमारतों में लगी कलाकृतियों और ऐतिहासिक चीजों को भी काफी नुकसान पहुंचाया है, जिसमें एमिलियानो डी कैवलकांती की एक पेंटिंग भी शामिल है.
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक प्रदर्शन करने वालों ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर एक मूर्ति को भी तोड़ दिया.
राजधानी में हुए प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और जिम्मेदार लोगों को सजा देने का वादा किया.
क्या कहते हैं बोलसोनारो के समर्थक
दरअसल अक्टूबर, 2022 में हुए राष्ट्रपति के चुनावों में लूला डी सिल्वा ने जाएर बोलसोनारो को हरा दिया था. इन चुनावों में लूला को जहां 50.9 फ़ीसदी वोट मिले थे वहीं बोलसोनारो के हिस्से 49.1 फ़ीसद वोट आए थे.
नतीजों के बाद से ही बोलसोनारो के समर्थक अपनी चुनावी हार मानने को तैयार नहीं है.
लंदन में करीब डेढ़ लाख ब्राजीलियाई आबादी रहती है. 67 साल के रिकॉर्डो जो मूलत ब्राजील के रहने वाले हैं उन्होंने कहा कि रविवार को ब्रासीलिया में हुई हिंसा के लिए राष्ट्रपति लूला के समर्थकों को जिम्मेदार बताया है, बावजूद इसके कि वहां पर बोलसोनारो के समर्थक मौजूद थे.
उन्होंने कहा, "बोलसोनारो काफी रूखे हैं लेकिन वे ईमानदार हैं. ब्राजील तरक्की कर रहा है और लूला एक चोर हैं."
1 जनवरी को ही लूला ने राष्ट्रपति का पद संभाला है. उन्होंने राजधानी में हुए इन दंगों के लिए बोलसोनारो को जिम्मेदार बताया है.
वहीं रविवार को हुए प्रदर्शनों को लेकर बोलसोनारो ने कहा कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से किए जाने वाले विरोध प्रदर्शन से बाहर चले गए थे. उन्होंने इसके लिए किसी भी किस्म की भागीदारी से इनकार किया है.
बोलसोनारो को अमेरिका से प्रत्यर्पित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन से लगातार मांग की जा रही है.
ब्राजील में परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति लूला के उद्घाटन समारोह में भाग लेने से बचने के लिए 67 साल के बोलसोनारो पिछले हफ्ते अमेरिका के फ्लोरिडा चले गए थे.
पत्रकारों पर हमला
पत्रकारों की यूनियन का कहना है कि रविवार को ब्रासीलिया में हुई घटनाओं को कवर करने के दौरान कम से कम 12 पत्रकारों पर हमला किया गया और प्रदर्शनकारियों ने लूटपाट भी की.
यूनियन के मुताबिक कुछ पत्रकारों को पीटा भी किया है, वहीं कुछ को हथियारों के दम पर डराया गया. प्रदर्शन कवर करने के दौरान पांच पत्रकारों के सामान के साथ तोड़फोड़ की गई.
जिन पत्रकारों पर हमला हुआ उसमें समाचार एजेंसी रॉयटर्स, ब्राजील के अखबार ओ ग्लोबो और वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार शामिल हैं.
फोल्हा डी साओ पाउलो के एक फोटो पत्रकार पेड्रो लादेइरा ने अपने कैमरे को हुए नुकसान की तस्वीरें शेयर कीं हैं. उन्होंने कहा कि हमले के बाद वे ठीक हैं.
बीबीसी की ब्राजील सेवा की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को राजधानी में दंगों के बाद 1200 लोगों को हिरासत में लिया गया है. इससे पहले मिनिस्ट्री ऑफ जस्टिस ने 300 लोगों को पकड़ने की बात कही थी.
ब्रासीलिया में कैसा है माहौल
बीबीसी संवाददाता फ्रांसिस माओ ब्रासीलिया में मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि यहां पर लोगों ने सामान्य जीवन के साथ दिन की शुरुआत की.
सोमवार की सुबह लोग अपने अपने काम पर जाते हुए दिखाई दिए. राजधानी में मेट्रो फिर से खुल गई है और सड़कों पर ट्रैफिक का शोर सुना जा सकता है.
फ्रांसिस माओ ने बताया कि सुबह की सैर के दौरान कुछ लोग कैफे में कॉफी पी रहे थे, जिम और सुपर मार्केट में सामान खरीदने के लिए जा रहे थे, जिसे देखकर शहर काफी शांत प्रिय दिखाई दे रहा था.
शहर में रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शनों का कोई संकेत दिखाई नहीं दे रहा है.
लूला ने की पहली कैबिनेट बैठक
रविवार के प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति लूला ने ब्रासीलिया स्थित राष्ट्रपति भवन के अंदर अपनी पहली कैबिनेट बैठक की है.
कम्युनिकेशन मिनिस्टर पाउलो पिमेंटा ने पत्रकारों को बताया, "राष्ट्रपति लूला के कमरे में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था है जिसके चलते प्रदर्शनकारी अंदर नहीं जा पाए."
उन्होंने बताया कि किसी भी विस्फोटक और हानिकारक सामग्री की तलाश में राष्ट्रपति भवन में चेकिंग की जा रही है.
इसके अलावा दंगाइयों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल भी लिए जा रहे हैं.
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