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सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने बताया कि वे कल जंतर-मंतर कब जाएंगे?

सीजेपी नेता ने कहा, "जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं लेंगे, तब तक घर वापस नहीं जाएंगे."

लाइव कवरेज

रौनक भैड़ा, अरशद मिसाल

  1. जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आरोप, पवन कंथ दिगावल्ली

    शनिवार को गुरुद्वारा बंगला साहिब से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और कई लोगों को बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया.

    प्रदर्शनकारियों के अनुसार, शुक्रवार से दिल्ली पहुंचने वाले कई लोग गुरुद्वारा बंगला साहिब में ठहरे हुए थे. वहां मौजूद लोगों का दावा है कि शनिवार सुबह तक करीब 600 प्रदर्शनकारी गुरुद्वारे में मौजूद थे, जिनमें से लगभग 300 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

    हैदराबाद से आए सॉफ्टवेयर इंजीनियर अजय जिंगाडे ने आरोप लगाया कि सुबह से प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भारी पुलिस बल उन्हें आगे नहीं जाने दे रहा था.

    उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ सख़्ती बरती गई.

    वहीं, आंध्र प्रदेश के वारंगल से आए सीजेपी सदस्य चेतन प्रमोद ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी गुरुद्वारे के गेट नंबर 3 से अंदर आकर प्रदर्शनकारियों को जबरन बाहर ले जा रहे थे. उनका कहना है कि शांतिपूर्वक बैठे लोगों को भी हिरासत में लेने की कोशिश की गई.

    गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, सीआरपीएफ़ और रैपिड एक्शन फ़ोर्स (आरएएफ़) के जवान तैनात रहे. आसपास की सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए थे और दंगा नियंत्रण वाहन भी मौजूद थे.

    इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई जगह धक्का-मुक्की भी हुई. हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे जंतर-मंतर पहुंचकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

    अजय जिंगाडे ने कहा, "इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल देखकर डर ज़रूर लगता है, लेकिन हम अपना विरोध जारी रखेंगे और जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करते रहेंगे."

  2. अभिजीत दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके का निधन

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके की दादी सावित्रीबाई शंकर दीपके का 85 साल की उम्र में शनिवार को निधन हो गया.

    वो काफ़ी समय से बीमार चल रही थीं. उनका निधन हिंगोली ज़िले में स्थित उनके पैतृक गांव संतुक पिंपरी में हुआ.

    सावित्रीबाई ने अपने पोते अभिजीत दीपके के पहले आंदोलन के समय उनका पूरा साथ दिया था और उनके उद्देश्य के समर्थन में मज़बूती से खड़ी थीं.

    फ़िलहाल अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं. वो शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर पहुंचने वाले थे.

  3. अभी तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल रात दस बजे तक आप तक ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी पर मौजूद अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक करें.

  4. सुप्रीम कोर्ट के कुछ वकीलों को हिरासत में लिया गया, सीजेआई ने रिहा करने के लिए कहा

    दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के पास से कई वकीलों को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए वकीलों में सुप्रीम कोर्ट की एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (एओआर) सुमिता हज़ारिका भी शामिल हैं.

    वकीलों के बीच प्रसारित संदेशों के हवाले से बार एंड बेंच ने बताया, सुप्रीम कोर्ट के आसपास और वकीलों के चैंबर के पास से कम से कम चार अधिवक्ताओं को हिरासत में लिया गया. इनमें दो एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड भी शामिल हैं. बताया गया कि पुलिसकर्मी सभी को एक पुलिस वाहन में बैठाकर ले गए.

    हिरासत में लिए गए एक अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें यह जानकारी नहीं दी कि कहां ले जाया जा रहा है.

    इस बीच, अधिवक्ताओं की ओर से साझा की गई एक तस्वीर में तीन महिलाएं पुलिस वाहन के भीतर बैठी दिखाई दे रही हैं. तस्वीर में उनके साथ वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं.

    वकीलों के बीच प्रसारित कुछ अन्य संदेशों में दावा किया गया कि क़रीब 100 अधिवक्ताओं को हिरासत में लेकर यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ले जाया गया है. हालांकि, हिरासत में लिए गए वकीलों की कुल संख्या और पुलिस की कार्रवाई के कारणों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है.

    लाइव लॉ के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस मामले में सीजेआई से हस्तक्षेप करने की अपील की. इसके बाद सीजेआई ने संबंधित अधिकारियों से हिरासत में लिए गए वकीलों को रिहा करने के लिए कहा.

  5. अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने के बाद उनके माता-पिता ने क्या कहा

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जिसके बाद उनके माता-पिता का बयान सामने आया है.

    अभिजीत के पिता भगवान दीपके ने कहा, "मुझे इंदिरा गांधी के बारे में तो ज़्यादा नहीं पता, लेकिन इतनी जानकारी है कि इंदिरा गांधी के कार्यकाल में इमरजेंसी लगाई गई थी, इसके बाद भी वो सत्ता में लौट आई थीं."

    दरअसल, अभिजीत दीपके ने गिरफ़्तारी के वक़्त कहा था कि ऐसा तो इंदिरा गांधी के वक़्त भी नहीं होता था.

    वहीं, अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने कहा कि उनके बेटे के साथ जो हो रहा है, उससे उन्हें बहुत दुख है.

    उन्होंने कहा, "अभिजीत देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं और सरकार ग़लत कर रही है."

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, नेहा बोरा जंतर मंतर के बदले पहुँच गईं दिल्ली हाट, जुटे समर्थक

    ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने प्रदर्शनकारियों से दिल्ली हाट में जुटने की अपील की है.

    नेहा बोरा ने यह अपील ऐसे समय में की है, जब कॉकरोच जनता पार्टी के टॉप लीडर्स हिरासत में लिए गए हैं.

    नेहा बोरा ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "आज दिल्ली हाट बन गया है जंतर-मंतर! वहाँ मिलते हैं!"

    दरअसल, शनिवार को हो रहे प्रदर्शन के दौरान लगातार यह जानकारी खोजी जा रही थी कि नेहा बोरा कहाँ हैं?

    नेहा बोरा के इस एक्स पोस्ट के बाद दिल्ली हाट में प्रदर्शन करती हुईं नज़र आ रही हैं.

    उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता योगेंद्र भी हैं

    वहीं, वामपंथी दलों से जुड़े स्टूडेंट संगठन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं.

  7. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ कई पत्रकारों को भी हिरासत में लिया

    दिल्ली में हो रहे प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ कुछ पत्रकारों को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है.

    हिरासत में लिए गए पत्रकार न्यूज़लॉन्ड्री, स्क्रॉल डॉट इन और नवभारत टाइम्स से जुड़े हैं.

    न्यूज़लॉन्ड्री ने आधिकारिक बयान में कहा, "जब पत्रकारों ने बताया कि वे मीडिया से हैं, तो उनसे कहा गया- कोई मीडिया नहीं है. पत्रकारों से उनके फ़ोन भी छीने गए. क़रीब 30 लोगों को एक ही बस में बैठाया गया है. इनमें प्रदर्शनकारी और पत्रकार शामिल हैं."

    न्यूज़लॉन्ड्री ने कहा, "पत्रकारों का काम ख़बरें देना है, विरोध प्रदर्शन करना नहीं. वे पुलिस के काम में रुकावट नहीं डाल रहे थे. आख़िर किस आधार पर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और उनके फ़ोन ज़ब्त किए जा रहे हैं? दिल्ली पुलिस को इन कार्रवाइयों का जवाब देना चाहिए और पत्रकारों को बिना डराए अपना काम करने देना चाहिए."

    स्क्रॉल डॉट इन ने भी बताया कि उसके एक पत्रकार को दिल्ली पुलिस ने आईटीओ के पास हिरासत में लिया है.

    स्क्रॉल ने आधिकारिक बयान में बताया, "वह जंतर-मंतर पर भी नहीं थे. उनका प्रेस कार्ड साफ़ तौर पर विज़िबल था. उन्होंने पुलिस को कई बार बताया कि वह पत्रकार हैं. इसके बावजूद, उन्हें जबरन एक वैन में बैठाया गया और वहां से ले जाया गया."

    नवभारत टाइम्स के एडिटर आशीष पांडे ने भी बताया कि दिल्ली पुलिस ने उनके संस्थान के दो पत्रकारों को हिरासत में ले लिया था.

    उन्होंने बताया, "पुलिस उन्हें दरियागंज की तरफ़ ले जा रही है. हमारी टीम के पास मीडिया के आईडी कार्ड थे, जो साफ़ तौर पर दिखाई दे रहे थे."

    हालांकि, बाद में उन्होंने अपडेट दिया कि उनके संस्थान से जुड़े पत्रकार रिलीज हो गए हैं.

    गौरतलब है कि इससे पहले कुछ कंटेंट क्रिएटर्स को भी पुलिस ने डिटेन किया है, जिनमें यूट्यूबर ध्रुव राठी और 'काव्या कर्नाटक' भी शामिल हैं.

  8. बैरिकेड्स लगाने से चुनाव आयोग में आस्था नहीं लौट जाएगी- शशि थरूर

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन को लेकर कहा कि बैरिकेड्स लगाने से चुनाव आयोग में आस्था नहीं लौट जाएगी.

    शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती ऐसे की गई है, जैसे युद्ध के हालात हों.

    उन्होंने लिखा, "मैं रात 2 बजे के बाद राष्ट्रीय राजधानी (दिल्ली) लौटा और मैंने शायद ही कभी ऐसा कुछ देखा हो, जैसा आज दिल्ली में देखने को मिल रहा है. हर कुछ सौ मीटर पर पुलिस की चेकपॉइंट्स हैं, सड़कों पर कंक्रीट के बैरियर और नुकीली पट्टियां लगाई गई हैं. पूरे शहर में 22,000 पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती ऐसे की गई है, जैसे युद्ध के हालात हों."

    "250 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और मेट्रो के 45 स्टेशन बंद कर दिए गए हैं. ख़बरें हैं कि दिल्ली और उसके आसपास युवाओं को उनके घरों और सड़कों से हिरासत में लिया जा रहा है. यह सब इसलिए किया जा रहा है, ताकि नागरिक अपने चुनावों की निष्पक्षता पर शांतिपूर्वक सवाल न उठा सकें. सबसे ज़्यादा पिछड़ा और दमनकारी क़दम राष्ट्रीय राजधानी के बीचोंबीच इंटरनेट बंद करना है."

    शशि थरूर ने लिखा, "आने-जाने की आज़ादी पूरी तरह रोक दी गई है. जंतर-मंतर को ख़ास तौर पर इसलिए तय किया गया था, ताकि नागरिक दिल्ली के बीच में अपनी असहमति जता सकें. लेकिन आज वहां जाने वाली सड़कों पर भी जाने की इजाज़त नहीं है. यह सवाल पूछना जायज़ है कि जब हमारी राजधानी में महिलाओं को सुरक्षा की ज़रूरत होती है, तब इतनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और इतनी जल्दी कार्रवाई करने की ज़रूरत कहां ग़ायब हो जाती है."

    उन्होंने कहा, "बैरियर लगाने से चुनाव आयोग पर लोगों की आस्था नहीं लौटेगी. जनता के सवालों के जवाब जितनी जल्दी दिए जाएंगे, हालात उतनी ही जल्दी शांत होंगे. लोकतंत्र की ताकत इस बात से मापी जाती है कि वह अपने कामकाज पर सवाल उठाने वालों के साथ कैसा व्यवहार करता है. इस कसौटी पर देखें, तो आज हमने जो देखा है, वह बेहद शर्मनाक और किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता."

    इससे पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी सरकार की आलोचना की. उन्होंने इसे 'आपातकाल से भी बुरा' दौर बताया.

  9. दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा

    दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को दोहराया है.

    राहुल गांधी ने संसद के सेंट्रल हॉल में दिए गए अपने भाषण का वीडियो एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, "ज्ञानेश कुमार जाएंगे. यह सरकार जाएगी. फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत."

    अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, "यह आपातकाल से भी बुरा है. अब यह ऑफ़िशियल हो गया है कि हम मोदी के शासन में पूरी तरह तानाशाही के दौर में जी रहे हैं. फ़्लाइट से उतरते ही लोगों को गिरफ़्तार करना डर के ऐसे लेवल को दिखाता है, जो पहले कभी नहीं देखा गया."

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी अच्छी तरह जानते हैं कि वह चुनाव सिर्फ़ वोट चोरी करके जीते हैं और अब वह लोकतंत्र को पूरी तरह कुचलकर अपने इस छल को बचाने पर तुले हुए हैं. ज्ञानेश को जाना होगा और मोदी को भी जाना होगा."

    गौरतलब है कि सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सहसंयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने फ़्लाइट से ही हिरासत में ले लिया था.

  10. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने सीजेपी को 'अराजकतावादी समूह' बताते हुए क्या कहा

    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को 'देश को अस्थिर करने की कोशिश' क़रार दिया है.

    नितिन नबीन ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा, "आज देश में बेहद ख़तरनाक और गंभीर स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है. देश की 140 करोड़ जनता, जो सुख-शांति के साथ भारत के विकास में सहयोग कर रही है, उसे अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. यह कौन कर रहा है? ये दो अराजकतावादी समूह हैं, जिनमें एक ‘इंडी गठबंधन’ के नेता राहुल गांधी और दूसरे गुट का नेतृत्व अरविंद केजरीवाल के सहयोगी सीजेपी कर रहे हैं."

    नितिन नबीन ने कहा, "मैं इन दोनों गुटों को स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि भारत की जनता पूरी तरह से आपके इन उद्देश्यों को देख रही है. आज जो आपकी अराजकता की प्रतिस्पर्धा चल रही है कि कौन इस देश में अधिक अस्थिरता पैदा कर सकता है, आपके ये मंसूबे हम पूरे नहीं होने देंगे."

    "देश में पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमने देश को भय के वातावरण से बाहर निकाला और आतंकवाद को जड़ों से ख़त्म करने का प्रयास किया. नक्सलवाद से इस देश को मुक्त करने का प्रयास किया गया. लेकिन अभी भी अर्बन नक्सल मानसिकता के कुछ लोग इस देश को अस्थिर करने में लगे हैं."

    उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जी, आपके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे. जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और इंडी गठबंधन के लोग कर रहे हैं, तथाकथित युवा नेतृत्व जो कह रहा है, भारत का युवा उसे देख रहा है."

    दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी के टॉप लीडर्स को हिरासत में लिया गया है. सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने पहले ही कहा था कि उनकी गिरफ़्तारी होने के बाद भी आंदोलन जारी रहेगा.

  11. अभिजीत दीपके ने हिरासत में लिए जाने के बाद कहा- देखिए देश किस दिशा में जा रहा है

    कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर फ़्लाइट में ही हिरासत में ले लिया.

    इस दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि वो गिरफ़्तारी से नहीं डरते हैं और इसके लिए तैयार हैं.

    दीपके ने कहा, "आप देख सकते हैं कि देश किस दिशा में जा रहा है. हमें फ़्लाइट में ही हिरासत में लिया जा रहा है, ऐसा तो कभी इंदिरा गांधी ने भी नहीं किया था. यह तानाशाही है, लेकिन हम इनसे डरते नहीं हैं."

    अभिजीत दीपके ने उन्हें हिरासत में लेने आए पुलिसकर्मियों से कहा, "मैं आपसे डरता नहीं हूं, हम गिरफ़्तारी के लिए तैयार हैं."

    अभिजीत, सौरव और आशुतोष को हिरासत में लेने के लिए महिला पुलिसकर्मी आगे आई थीं. इस पर दीपके और उनके साथियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों को भेजने की मांग की.

  12. दिल्ली एयरपोर्ट पर फ़्लाइट में ही अभिजीत, सौरव और आशुतोष को हिरासत में लिया गया

    कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

    सीजेपी ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि इन्हें शनिवार को दिल्ली में विमान से ही डिटेन कर लिया गया.

    दरअसल, सीजेपी के तीनों नेता मुंबई से रवाना होकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे, तभी अभिजीत दीपके सोशल मीडिया पर लाइव आए और उनको हिरासत में ले लिया गया.

    सीजेपी ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई को 'तानाशाहीपूर्ण' बताते हुए तीनों नेताओं की तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहाई की मांग की है.

    सीजेपी ने कहा, "यह कार्रवाई लोगों की आवाजाही की स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है."

    इससे पहले जाने-माने यूट्यूबर ध्रुव राठी और सीजेपी की लीगल अफ़ेयर्स हेड रत्ना सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में लेने की बात सामने आई.

  13. ध्रुव राठी के बाद रत्ना सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में लिया

    कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने बताया है कि जाने-माने यूट्यूबर ध्रुव राठी के बाद उनकी लीगल अफ़ेयर्स की हेड रत्ना सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है.

    सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने बताया कि रत्ना सिंह इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे वकीलों के साथ शामिल होने जा रही थीं, तभी उन्हें हिरासत में लिया गया.

    उन्होंने मौजूदा कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि वह उन सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है.

    सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने बताया कि रत्ना सिंह इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे वकीलों के साथ शामिल होने जा रही थीं, तभी उन्हें हिरासत में लिया गया.

    उन्होंने मौजूदा कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि वह उन सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है.

    दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट यूनियन के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने भी दावा किया है कि दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

    इससे पहले ध्रुव राठी को गुरुग्राम में हिरासत में लेने की बात सामने आई थी.

  14. सीजेपी के प्रदर्शन के बीच चेन्नई में राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के छठे कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे.

    वहीं, इसी दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने इस प्रदर्शन का एलान किया है.

    सीजेपी ने इसमें शामिल होने के लिए सभी विपक्षी दलों को न्योता दिया था. प्रदर्शन में लेफ्ट की सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई-एमएल, आरएसपी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के अलावा आम आदमी पार्टी और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के शामिल होने की संभावना है.

    वहीं, राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत चेन्नई में होने वाला कार्यक्रम दक्षिण भारत में इस अभियान का पहला आयोजन है.

    इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे और इंदौर में इसके कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं.

  15. ध्रुव राठी को विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले पुलिस ने हिरासत में लिया

    कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के आह्वान के बीच जाने-माने यूट्यूबर ध्रुव राठी को पुलिस ने शनिवार सुबह हिरासत में ले लिया है.

    बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के मुताबिक, ध्रुव राठी के एक क़रीबी और गुरुग्राम पुलिस ने उनकी हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है. उनके क़रीबी के अनुसार, ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 से हिरासत में लिया गया.

    इससे पहले, शुक्रवार देर शाम ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर एक रील पोस्ट की थी. वीडियो में वह इंडिया गेट के सामने घूमते हुए दिखाई दे रहे थे.

    वीडियो में ध्रुव राठी ने कहा, “मैं दिल्ली आ गया हूं. मैंने देखा कि प्रधानमंत्री ने 50 से ज़्यादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए, कई ट्रेन और बसें रद्द कर दी गई हैं. प्रदर्शन की वजह से दिल्ली को लॉकडाउन पर डाल रहे हैं.”

    उन्होंने आगे कहा, “मुझे ये समझ नहीं आ रहा कि मोदी जी क्या कर रहे हैं. एक तरफ़ आपके आईटी सेल वाले कह रहे हैं कि हमारे प्रदर्शन में कोई भीड़ नहीं आएगी. अगर भीड़ नहीं आती, तो ये सब क्यों कर रहे हैं? मुझे तो लगता है कि आप डर गए हैं. असल में पूरी जनता जाग चुकी है.”

    इस बीच, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जुट रहे कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया है.

  16. दिल्ली: मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाख़िल

    दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों को बंद किए जाने और ट्रेन सेवाओं को रद्द करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाख़िल की गई है.

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश का उल्लंघन किया है, जिसमें परिवहन सेवाओं को पूरी तरह से बंद नहीं करने की बात कही गई थी.

    लाइव लॉ के अनुसार, यह अवमानना याचिका केंद्रीय गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन (आईएएस), दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार (आईपीएस) और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की चेयरपर्सन डी. थारा (आईएएस) के ख़िलाफ़ दाख़िल की गई है.

    याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि बिना उचित कारण के ट्रेन सेवाएं रद्द की जा रही हैं और मेट्रो के कई स्टेशन बंद हैं. याचिका में कहा गया है कि अदालत के निर्देशों का पालन करने में अधिकारियों की विफलता के कारण दिल्ली में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

    गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध के फ़ैसले पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को पुनर्विचार करने का निर्देश दिया था.

  17. जंतर-मंतर प्रोटेस्ट का तस्वीरों में देखें हाल, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

    दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

    प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों का जुटना शुरू हो गया है. वहीं, पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रही है. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है.

    प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के रेलवे स्टेशनों, होटलों और प्रमुख सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाले यात्रियों और होटलों में ठहरने वाले लोगों की जांच की जा रही है. इसके अलावा, प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने वालों पर भी पुलिस नजर रख रही है.

    जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले फिरोज शाह रोड और मंडी हाउस में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ़) को तैनात किया गया है. वहीं, दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भी भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है.

    दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दक्षिणी जिले सहित पूरी दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

    उन्होंने कहा कि पुलिस जांच के जरिए अनधिकृत लोगों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास कर रही है.

    डीसीपी अनंत मित्तल के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है. इसके लिए विभिन्न सीमाओं पर करीब 12 पुलिस पिकेट बनाए गए हैं. इसके अलावा, जिले के भीतर भी कई स्थानों पर पुलिस पिकेट तैनात किए गए हैं और बाहरी पुलिस चौकियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

  18. प्रदर्शन से पहले बोले अभिजीत दीपके- मेरी गिरफ़्तारी हो जाती है तो...

    कॉकरोच जनता पार्टी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि यदि उनकी गिरफ़्तारी हो जाती है, तो भी निष्पक्ष चुनाव के लिए लड़ाई जारी रहेगी.

    अभिजीत दीपके शनिवार सुबह मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं. इससे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कहा कि विरोध प्रदर्शन उनका मौलिक अधिकार है.

    अभिजीत दीपके ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, “मुझे हैरानी होती है कि प्रधानमंत्री इस देश के युवाओं और जनता से इतने डरे हुए क्यों हैं. सभी रेलवे सेवाएं और मेट्रो स्टेशन बंद करने की क्या ज़रूरत थी? उन्होंने इंटरनेट बंद कर दिया और सड़कें रोक दी हैं."

    "उन्होंने जम्मू-कश्मीर से सेना लाकर दिल्ली में तैनात कर दी है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से सीआरपीएफ बल बुलाकर दिल्ली में तैनात कर दिए हैं. क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश की जनता के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ना चाहते हैं? क्या ज्ञानेश कुमार उनके लिए इतने प्यारे हैं कि वे अपनी ही जनता पर पुलिस और आर्मी देंगे?"

    उन्होंने कहा, “पीएम मोदी डर गए हैं. उन्हें डर है कि इस घटना के बाद इस देश की जनता उन्हें वोट नहीं देगी. इसलिए, बस सत्ता में बने रहने के लिए, वे ट्रेनों से लोगों को उठा रहे हैं. सोसाइटियों में एलान किए जा रहे हैं कि लोग प्रदर्शनों में शामिल न हों."

    "दिल्ली पुलिस घर-घर जाकर लोगों से कह रही है कि प्रदर्शनों में भाग न लें. लेकिन हम क्यों न करें? विरोध प्रदर्शन हमारा मौलिक अधिकार है. अनुच्छेद 19 हमें लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीक़े से विरोध करने का मौलिक अधिकार देता है, और हम ठीक वैसा ही करने वाले हैं."

    दीपके से पूछा गया कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर क्या उनकी गिरफ़्तारी हो सकती है?

    इस पर उन्होंने जवाब दिया, “अगर वे मुझे हिरासत में लेना या गिरफ़्तार करना चाहते हैं, करें. मैं इसके लिए तैयार हूं. इससे मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. यूएपीए लगा दें, एनएसए लगा दें. लेकिन हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों तथा इस देश की लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे.”

    दूसरी ओर, जंतर-मंतर और उसके आसपास के इलाक़ों में दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ गई है. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है.

  19. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में कौन-कौन से दल होंगे शामिल

    कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है. पार्टी ने सभी विपक्षी दलों को इसमें शामिल होने का न्योता दिया था.

    लेफ़्ट (सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई-एमएल, आरएसपी और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक), आम आदमी पार्टी और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस इसमें शामिल होगी. हालांकि, कांग्रेस इस प्रदर्शन से दूरी बनाए हुए है. राहुल गांधी शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ के अगले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चेन्नई में रहेंगे.

    वहीं, अखिलेश यादव ने शुक्रवार को ही कह दिया था कि सीजेपी के साथ उनका नैतिक समर्थन है. उन्होंने शनिवार सुबह भी प्रदर्शनकारियों के पक्ष में एक्स पर पोस्ट किया.

    अखिलेश यादव ने लिखा, "हम देश की युवा ऊर्जा के साथ हैं. बीजेपी सरकार अगर समझ रही है कि वो ताक़त के बल पर जनता को रोक लेगी तो ये उसकी और भी बड़ी भूल साबित होगी. ‘जंतर-मंतर’ अब एक जगह का नाम नहीं, एक नई चेतना और जागरण का प्रतीक बन गया है."

    उन्होंने कहा, "अगर सरकार ने आंदोलनकारियों को रोका तो देश में हर जगह जंतर-मंतर बन जाएगा."

  20. राष्ट्रपति पर राहुल गांधी की टिप्पणी: बीजेपी बोली- उन्होंने सारी हदें पार कर दीं

    भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर दिया गया बयान 'सियासत से प्रेरित' है.

    दरअसल, राहुल गांधी ने शुक्रवार देर शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाक़ात के बाद उनका धन्यवाद किया था.

    राहुल गांधी ने मुलाक़ात के बाद मीडिया से कहा, "मुझे लग रहा था कि राष्ट्रपति कहेंगी कि चुनाव चोरी नहीं होता है. लेकिन राष्ट्रपति ने हमारी बातें सुनीं. उन्होंने हमारी बातों को नकारा नहीं. हम हैरान रह गए. उन्होंने ऐसा नहीं कहा कि भारत में चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं."

    इस पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं.

    उन्होंने कहा, "महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने इंडिया गठबंधन को मिलने का समय दिया था. राहुल गांधी और उनके नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेता, जो पिछले कई दिनों से अनर्गल, निराधार प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्होंने देश के सर्वोच्च संस्थान को लेकर ऐसा बयान दिया है, जो न सिर्फ़ विचित्र लगता है, बल्कि उसमें सच से ज़्यादा सियासत की गंध आ रही है."

    सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "राहुल गांधी का कहना कि महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने उनके आरोपों को स्वीकार कर लिया है, ये दर्शाता है कि राहुल गांधी देश की हर संवैधानिक संस्था को अपनी राजनीति का शिकार बनाने का दुष्चक्र रच रहे हैं. उन्होंने आज सारी सीमाएं पार कर दी हैं."

    "राहुल गांधी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड भी ये रहा है. वो देश के सर्वोच्च न्यायालय के बारे में झूठ बोलने के लिए बिना शर्त माफ़ी मांग चुके हैं. इसके बाद, देश के मुख्य चुनाव आयोग पर वो निरंतर बिना किसी आधार के आरोप लगाते जा रहे हैं."

    सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आज राष्ट्रपति के साथ हुई वार्ता को इस रूप में प्रस्तुत किया, जैसा उनकी सियासत को सूट करता है.

    गौरतलब है कि शुक्रवार शाम को विपक्षी दलों के सांसदों ने राहुल के नेतृत्व में मार्च निकालकर राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाक़ात की थी.